tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 30 जनवरी 1952

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

चतुर्थी

शुक्ल पक्ष · 08:13 तक

फिर पञ्चमी · 06:37 गुरु तक

यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं कारण जानें

त्योहार

वसंत पंचमी

सरस्वती पूजा मुहूर्त
06:58⁠–⁠13:25
पूर्वाह्न 06:58⁠–⁠13:25

वसंत पंचमी बुध 30 जनवरी को है: उस सुबह पञ्चमी पूर्वाह्न को छूती है, और किसी सुबह नहीं। बुध 30 जनवरी क्यों?

वसंत पंचमी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:29 06:58 19:53अगला सूर्योदय 06:59 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:58–08:35लाभशुभ
  • 08:35–10:12अमृतयमगण्ड में
  • 10:12–11:49कालअशुभ
  • 11:49–13:25शुभगुलिक काल में
  • 13:25–15:02रोगअशुभ
  • 15:02–16:39उद्वेगअशुभ
  • 16:39–18:16चरसामान्य
  • 18:16–19:53लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:53–21:16उद्वेगअशुभ
  • 21:16–22:39शुभ
  • 22:39–00:03 गुरुअमृतशुभ
  • 00:03–01:26 गुरुचरसामान्य
  • 01:26–02:49 गुरुरोगअशुभ
  • 02:49–04:12 गुरुकालअशुभ
  • 04:12–05:35 गुरुलाभशुभ
  • 05:35–06:59 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 30 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:29–06:14, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:58–08:35
  • अमृत, शुभ, 08:35–10:12
  • काल, अशुभ, 10:12–11:49
  • शुभ, 11:49–13:25
  • रोग, अशुभ, 13:25–15:02
  • उद्वेग, अशुभ, 15:02–16:39
  • चर, सामान्य, 16:39–18:16
  • लाभ, शुभ, 18:16–19:53
  • उद्वेग, अशुभ, 19:53–21:16
  • शुभ, 21:16–22:39
  • अमृत, शुभ, 22:39–00:03 गुरु
  • चर, सामान्य, 00:03–01:26 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:26–02:49 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:49–04:12 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:12–05:35 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:35–06:59 गुरु
  • यमगण्ड, 08:35–10:12, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:49–13:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:00–13:51, अशुभ
  • राहु काल, 13:25–15:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:30–06:14 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में वसंत पंचमी बुध 30 जनवरी को क्यों है?

वसंत पंचमी बुध 30 जनवरी को है: उस सुबह पञ्चमी पूर्वाह्न को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

चतुर्थी पञ्चमी 06:58 08:13 05:00 11:00 13:00 15:00 बुध 30 जनवरी स्मार्त · वैष्णव पूर्वाह्न 06:58–13:25
चतुर्थी पञ्चमी 06:58 08:13 05:00 11:00 14:00 बुध 30 जनवरी स्मार्त · वैष्णव पूर्वाह्न 06:58–13:25
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: पूर्वाह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। पञ्चमी बुध 30 जनवरी को 08:13 से गुरु 31 जनवरी को 06:37 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार के पूर्वाह्न (06:58–13:25) को छूती है। वसंत पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; पूर्वाह्न Tithika की परिपाटी है।

वसंत पंचमी: Ipameri में हर तारीख़

बुध 30 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.3° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 47.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:58। तृतीया उससे पहले 10:32 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्थी 08:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 26 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पञ्चमी क्षय क्यों है?

पञ्चमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पञ्चमी नहीं होता।

चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी बुध 30 जनवरी सुबह गुरु 31 जनवरी सुबह Ipameri UTC−2 08:13 06:37 06:58 चतुर्थी 06:59 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्थी पञ्चमी पञ्चमी षष्ठी बुध 30 जनवरी सुबह गुरु 31 जनवरी सुबह Ipameri UTC−2 08:13 06:37 06:58 चतुर्थी 06:59 षष्ठी पञ्चमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पञ्चमी 08:13 को शुरू हुई और 06:37 गुरु को समाप्त, 06:58 और 06:59 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्थी है और गुरुवार को षष्ठी: पञ्चमी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 30 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:29–06:14

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:29–06:14।

सूर्यास्त 19:53 मंगल सूर्योदय 06:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:53 मंगल सूर्योदय 06:58 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 29 जनवरी की रात सूर्यास्त 19:53 मंगल से सूर्योदय 06:58 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 13:00–13:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 13:00–13:51।

सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:58 से 19:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 13:00–13:51: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 30 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:58–08:35 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:58 से 19:53, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:53 से 06:59 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 30 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:25–15:02

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:25–15:02।

बुध 30 जनवरी को यमगंड कब है? 08:35–10:12

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:35–10:12।

बुध 30 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:49–13:25

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:49–13:25।

सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:58 से 19:53 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 30 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:58, सूर्यास्त 19:53, 12 घं 55 मि का दिन।

बुध 30 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:58, सूर्यास्त 19:53, 12 घं 55 मि का दिन।

सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 10:32
सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 10:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 30 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 333.5° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 333.5° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 333.5° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:37 गुरु को निकलेगा, रेवती में।

बुध 30 जनवरी को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 619.7° थे, एक चक्कर और 259.7°: शिव।

सूर्य 286.2° + चंद्रमा 333.5° = 619.7° एक चक्कर + 259.7° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 286.2° + चंद्रमा 333.5° = 619.7° एक चक्कर + 259.7° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 286.2° + 333.5° = 619.7°, एक पूरा चक्कर और 259.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 17:58 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

बुध 30 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 47.3° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 47.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 47.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 21:18 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 08:13 तक है।

बुध 30 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:58, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:58 से 06:59 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 26 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 25 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

बुध 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल बुध 30 जनवरी पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 26 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 25 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल बुध 30 जनवरी पूर्णिमा 12 जन॰ अमावस्या 26 जन॰ पूर्णिमा 10 फ़र॰ अमावस्या 25 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

बुध 30 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2008 · शक 1873

विक्रम संवत 2008 6 अप्रैल 1951 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 1951 07:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 जनवरी सूर्य 286.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 1951 07:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 जनवरी सूर्य 286.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1951, 07:51 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 293.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2008 गिनता है; शक संवत 1873।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 30 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:32

चंद्रमा यहाँ 10:32 पर उदय होता है।

बुध 30 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:45

सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 10:32
सूर्योदय 06:58 सूर्यास्त 19:53 सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:45 चंद्रोदय 10:32
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:45 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:32 पर उदय हुआ; वह फिर 22:45 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।