Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 15 दिसंबर 1949
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
सफला एकादशी
स्मार्त परंपरा में सफला एकादशी गुरु 15 दिसंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 16 दिसंबर को व्रत रखते हैं। गुरु 15 दिसंबर क्यों?
सफला एकादशी: Ipameri में हर तारीख़15 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 15 दिसंबर
- 05:05–05:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:32 से
- 06:32–08:11शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
11:59–13:28अमृत कालचित्रा में
- 12:41–13:34अभिजीत मुहूर्त
- 13:07–14:46लाभ चौघड़िया
- 14:46–16:25अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:04–19:43शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:43 के बाद
- 19:43–21:04अमृत चौघड़िया
- 01:08–02:29 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:50–05:11 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:11–06:32 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:06–05:49 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:32–08:11शुभयमगण्ड में
- 08:11–09:50रोगअशुभ
- 09:50–11:29उद्वेगअशुभ
- 11:29–13:07चरसामान्य
- 13:07–14:46लाभशुभ
- 14:46–16:25अमृतराहु काल में
- 16:25–18:04कालअशुभ
- 18:04–19:43शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:43–21:04अमृतशुभ
- 21:04–22:25चरसामान्य
- 22:25–23:47रोगअशुभ
- 23:47–01:08 शुक्रकालअशुभ
- 01:08–02:29 शुक्रलाभशुभ
- 02:29–03:50 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:50–05:11 शुक्रशुभ
- 05:11–06:32 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 15 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:05–05:49, शुभ
- शुभ, 06:32–08:11
- रोग, अशुभ, 08:11–09:50
- उद्वेग, अशुभ, 09:50–11:29
- चर, सामान्य, 11:29–13:07
- लाभ, शुभ, 13:07–14:46
- अमृत, शुभ, 14:46–16:25
- काल, अशुभ, 16:25–18:04
- शुभ, 18:04–19:43
- अमृत, शुभ, 19:43–21:04
- चर, सामान्य, 21:04–22:25
- रोग, अशुभ, 22:25–23:47
- काल, अशुभ, 23:47–01:08 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:08–02:29 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:29–03:50 शुक्र
- शुभ, 03:50–05:11 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:11–06:32 शुक्र
- यमगण्ड, 06:32–08:11, अशुभ
- गुलिक काल, 09:50–11:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:56–11:48, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:41–13:34, शुभ
- राहु काल, 14:46–16:25, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:12–17:05, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–05:49 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में सफला एकादशी गुरु 15 दिसंबर को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में सफला एकादशी गुरु 15 दिसंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 16 दिसंबर को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 15 दिसंबर को 06:40 पर, उस सूर्योदय (06:32) के बाद, लगती है और शुक्र 16 दिसंबर को 04:04 पर, अगले सूर्योदय (06:32 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 15 दिसंबर।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.9° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। नवमी उससे पहले 08:58 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 06:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 5 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी क्षय क्यों है?
एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:40 को शुरू हुई और 04:04 शुक्र को समाप्त, 06:32 और 06:32 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 15 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:05–05:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:05–05:49।
बुध 14 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:42 बुध से सूर्योदय 06:32 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 15 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:41–13:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:41–13:34।
गुरु 15 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:56–11:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:56–11:48 और 16:12–17:05।
गुरु 15 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:12–17:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:56–11:48 और 16:12–17:05।
यहाँ दिन, 06:32 से 19:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:56–11:48 और 16:12–17:05।
गुरु 15 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:32–08:11 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:32 से 19:43, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:43 से 06:32 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 15 दिसंबर को राहुकाल कब है? 14:46–16:25
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:46–16:25।
गुरु 15 दिसंबर को यमगंड कब है? 06:32–08:11
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:32–08:11।
गुरु 15 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 09:50–11:29
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:29।
यहाँ दिन 06:32 से 19:43 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 15 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:43, 13 घं 11 मि का दिन।
गुरु 15 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:43, 13 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 179.8° पर था: चित्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:55 को निकलेगा, स्वाती में।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 419.7° थे, एक चक्कर और 59.7°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 239.9° + 179.8° = 419.7°, एक पूरा चक्कर और 59.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 17:21 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 299.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:51 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 06:40 तक है।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:32 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 20 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 19 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
गुरु 15 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2006 · शक 1871
विक्रम संवत 2006 29 मार्च 1949 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 1949, 12:10 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 254.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2006 गिनता है; शक संवत 1871।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 15 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:26 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 03:26 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 15 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:35
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:26 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:26 शुक्र पर उदय होगा।