tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 4 नवंबर 1947

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 03:08 बुध तक

फिर अष्टमी · 01:00 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:03 05:32 18:20अगला सूर्योदय 05:32 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:32–07:08रोगअशुभ
  • 07:08–08:44उद्वेगअशुभ
  • 08:44–10:20चरसामान्य
  • 10:20–11:56लाभशुभ
  • 11:56–13:32अमृतगुलिक काल में
  • 13:32–15:08कालअशुभ
  • 15:08–16:44शुभराहु काल में
  • 16:44–18:20रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:20–19:44कालअशुभ
  • 19:44–21:08लाभशुभ
  • 21:08–22:32उद्वेगअशुभ
  • 22:32–23:56शुभ
  • 23:56–01:20 बुधअमृतशुभ
  • 01:20–02:44 बुधचरसामान्य
  • 02:44–04:08 बुधरोगअशुभ
  • 04:08–05:32 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:48, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:32–07:08
  • उद्वेग, अशुभ, 07:08–08:44
  • चर, सामान्य, 08:44–10:20
  • लाभ, शुभ, 10:20–11:56
  • अमृत, शुभ, 11:56–13:32
  • काल, अशुभ, 13:32–15:08
  • शुभ, 15:08–16:44
  • रोग, अशुभ, 16:44–18:20
  • काल, अशुभ, 18:20–19:44
  • लाभ, शुभ, 19:44–21:08
  • उद्वेग, अशुभ, 21:08–22:32
  • शुभ, 22:32–23:56
  • अमृत, शुभ, 23:56–01:20 बुध
  • चर, सामान्य, 01:20–02:44 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:44–04:08 बुध
  • काल, अशुभ, 04:08–05:32 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:06–08:57, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:44–10:20, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:30–12:22, शुभ
  • गुलिक काल, 11:56–13:32, अशुभ
  • राहु काल, 15:08–16:44, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:49–23:33, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:47 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 252.1° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 252.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 252.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:32। षष्ठी उससे पहले 05:22 पर समाप्त हुई। सप्तमी 03:08 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 29 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?

नई दिल्ली में षष्ठी है, Ipameri में सप्तमी।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी मंगल 4 नवंबर सुबह बुध 5 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 13:52 05:22 11:38 03:08 06:34 षष्ठी 06:35 सप्तमी 05:32 सप्तमी 05:32 अष्टमी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी मंगल 4 नवंबर सुबह बुध 5 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 13:52 05:22 11:38 03:08 06:34 षष्ठी 06:35 सप्तमी 05:32 सप्तमी 05:32 अष्टमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:34, षष्ठी की समाप्ति 13:52 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:32, षष्ठी की समाप्ति 05:22 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।

मंगल 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:03–04:48

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:03–04:48।

सूर्यास्त 18:19 सोम सूर्योदय 05:32 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:19 सोम सूर्योदय 05:32 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:19 सोम से सूर्योदय 05:32 तक थी, 11 घं 13 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:30–12:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:30–12:22।

मंगल 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:06–08:57

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–08:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:33।

मंगल 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:49–23:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–08:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:33।

सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:32 से 18:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:06–08:57 और 22:49–23:33।

मंगल 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:32–07:08 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:32 से 18:20, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:20 से 05:32 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:08–16:44

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:44।

मंगल 4 नवंबर को यमगंड कब है? 08:44–10:20

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:44–10:20।

मंगल 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:56–13:32

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:32।

सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:32 से 18:20 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:32

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 18:20, 12 घं 48 मि का दिन।

मंगल 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 18:20, 12 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:42 चंद्रोदय 00:24 बुध
सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:42 चंद्रोदय 00:24 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 90° पर था: पुनर्वसु, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 90.0° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 90.0° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:05 को निकलेगा, पुष्य में।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 288° थे: साध्य।

सूर्य 198.0° + चंद्रमा 90.0° = 288.0° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 198.0° + चंद्रमा 90.0° = 288.0° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 198° + 90° = 288°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 13:56 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 252.1° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 252.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 252.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:15 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 03:08 बुध तक।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:32, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:32 से 05:32 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 14 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 12 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 4 नवंबर अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 12 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल मंगल 4 नवंबर अमावस्या 14 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 12 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

मंगल 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2004 · शक 1869

विक्रम संवत 2004 22 मार्च 1947 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 1947 13:34 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 नवंबर सूर्य 198.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 1947 13:34 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 नवंबर सूर्य 198.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 1947, 13:34 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 219.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2004 गिनता है; शक संवत 1869।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:24 बुध

चंद्रमा यहाँ 00:24 बुध पर उदय होता है।

मंगल 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:42

सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:42 चंद्रोदय 00:24 बुध
सूर्योदय 05:32 सूर्यास्त 18:20 सूर्योदय 05:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:42 चंद्रोदय 00:24 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:42 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:24 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:42 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:24 बुध पर उदय होगा।