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English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 14 मार्च 1945

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 21:02 तक

फिर द्वितीया · 17:15 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर बुध 14 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2002 आरंभ होता है। बुध 14 मार्च क्यों?

नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:41 06:15 18:28अगला सूर्योदय 06:15 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:47लाभशुभ
  • 07:47–09:18अमृतयमगण्ड में
  • 09:18–10:50कालअशुभ
  • 10:50–12:21शुभगुलिक काल में
  • 12:21–13:53रोगअशुभ
  • 13:53–15:25उद्वेगअशुभ
  • 15:25–16:56चरसामान्य
  • 16:56–18:28लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:28–19:56उद्वेगअशुभ
  • 19:56–21:25शुभ
  • 21:25–22:53अमृतशुभ
  • 22:53–00:22 गुरुचरसामान्य
  • 00:22–01:50 गुरुरोगअशुभ
  • 01:50–03:18 गुरुकालअशुभ
  • 03:18–04:47 गुरुलाभशुभ
  • 04:47–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 14 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:15–07:47
  • अमृत, शुभ, 07:47–09:18
  • काल, अशुभ, 09:18–10:50
  • शुभ, 10:50–12:21
  • रोग, अशुभ, 12:21–13:53
  • उद्वेग, अशुभ, 13:53–15:25
  • चर, सामान्य, 15:25–16:56
  • लाभ, शुभ, 16:56–18:28
  • उद्वेग, अशुभ, 18:28–19:56
  • शुभ, 19:56–21:25
  • अमृत, शुभ, 21:25–22:53
  • चर, सामान्य, 22:53–00:22 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:22–01:50 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:50–03:18 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:18–04:47 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:47–06:15 गुरु
  • यमगण्ड, 07:47–09:18, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:50–12:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:57–12:46, अशुभ
  • राहु काल, 12:21–13:53, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में नव संवत्सर बुध 14 मार्च को क्यों है?

नव संवत्सर बुध 14 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2002 आरंभ होता है।

अमावस्या 04:29 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 13 मार्च सूर्योदय 06:15 चतुर्दशी 04:29 तक
अमावस्या 04:29 06:00 07:00 08:00 मंगल 13 मार्च सूर्योदय 06:15 चतुर्दशी 04:29 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2002 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: बुध 14 मार्च, 06:15 पर। प्रतिपदा 21:02 तक है।

नव संवत्सर: Ipameri में हर तारीख़

बुध 14 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.2° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 3.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। अमावस्या उससे पहले 00:50 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 21:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 14 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Ipameri में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया बुध 14 मार्च सुबह गुरु 15 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 10:20 00:50 06:32 21:02 07:32 अमावस्या 07:31 द्वितीया 06:15 प्रतिपदा 06:15 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया बुध 14 मार्च सुबह गुरु 15 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 10:20 00:50 06:32 21:02 07:32 अमावस्या 07:31 द्वितीया 06:15 प्रतिपदा 06:15 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:32, अमावस्या की समाप्ति 10:20 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 06:32 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:15, अमावस्या की समाप्ति 00:50 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

बुध 14 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:28।

सूर्यास्त 18:29 मंगल सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 13 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:29 मंगल सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 13 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 13 मार्च की रात सूर्यास्त 18:29 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 46 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 14 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:57–12:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:57–12:46।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:57–12:46: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 14 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:47 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:28, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:28 से 06:15 गुरु, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 14 मार्च को राहुकाल कब है? 12:21–13:53

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:21–13:53।

बुध 14 मार्च को यमगंड कब है? 07:47–09:18

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:47–09:18।

बुध 14 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:50–12:21

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:50–12:21।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:15 से 18:28 तक है, 12 घं 13 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 14 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:28, 12 घं 13 मि का दिन।

बुध 14 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:28, 12 घं 13 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:12 चंद्रोदय 06:35
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:12 चंद्रोदय 06:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 13 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 14 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 333.6° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 333.6° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 333.6° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:51 गुरु को निकलेगा, रेवती में।

बुध 14 मार्च को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 663.9° थे, एक चक्कर और 303.9°: शुभ।

सूर्य 330.3° + चंद्रमा 333.6° = 663.9° एक चक्कर + 303.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 330.3° + चंद्रमा 333.6° = 663.9° एक चक्कर + 303.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 330.3° + 333.6° = 663.9°, एक पूरा चक्कर और 303.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 10:20 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

बुध 14 मार्च को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 3.2° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 3.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 10:57 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 21:02 तक।

बुध 14 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 14 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र (अधिक)

14 मार्च और 12 अप्रैल की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 मार्च 00:50 से 12 अप्रैल 09:29 गुरु तक सूर्य मीन में रहा; मेष में वह अमावस्या के बाद 13 अप्रैल 06:29 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक चैत्र है, जो चैत्र से पहले आता है।

बुध 14 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र (अधिक) चैत्र (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 14 मार्च पूर्णिमा 26 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च पूर्णिमा 28 मार्च अमावस्या 12 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र (अधिक) चैत्र (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 14 मार्च पूर्णिमा 26 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च पूर्णिमा 28 मार्च अमावस्या 12 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र (अधिक) है।

बुध 14 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2002 · शक 1867

विक्रम संवत 2002 14 मार्च 1945 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 14 मार्च 1945 00:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 14 मार्च सूर्य 330.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 14 मार्च 1945 00:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 14 मार्च सूर्य 330.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 1945, 00:50। तब से सूर्य तारों के बीच 0.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2002 गिनता है; शक संवत 1867।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 14 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:35

चंद्रमा यहाँ 06:35 पर उदय होता है।

बुध 14 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:12

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:12 चंद्रोदय 06:35
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 06:15 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:12 चंद्रोदय 06:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:35 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:12 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:35 पर उदय हुआ; वह फिर 19:12 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।