Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 11 जनवरी 1945
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 11 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 11 जनवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़11 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 11 जनवरी
- 04:20–05:03ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:47 से
- 05:47–07:25शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
11:02–12:34अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · ज्येष्ठा में
- 11:54–12:46अभिजीत मुहूर्त
- 12:20–13:59लाभ चौघड़िया
- 13:59–15:37अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:15–18:54शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:54 के बाद
- 18:54–20:15अमृत चौघड़िया
- 00:21–01:42 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:04–04:26 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:26–05:48 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:20–05:04 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:47–07:25शुभयमगण्ड में
- 07:25–09:04रोगअशुभ
- 09:04–10:42उद्वेगअशुभ
- 10:42–12:20चरसामान्य
- 12:20–13:59लाभशुभ
- 13:59–15:37अमृतराहु काल में
- 15:37–17:15कालअशुभ
- 17:15–18:54शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:54–20:15अमृतशुभ
- 20:15–21:37चरसामान्य
- 21:37–22:59रोगअशुभ
- 22:59–00:21 शुक्रकालअशुभ
- 00:21–01:42 शुक्रलाभशुभ
- 01:42–03:04 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:04–04:26 शुक्रशुभ
- 04:26–05:48 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 11 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:03, शुभ
- शुभ, 05:47–07:25
- रोग, अशुभ, 07:25–09:04
- उद्वेग, अशुभ, 09:04–10:42
- चर, सामान्य, 10:42–12:20
- लाभ, शुभ, 12:20–13:59
- अमृत, शुभ, 13:59–15:37
- काल, अशुभ, 15:37–17:15
- शुभ, 17:15–18:54
- अमृत, शुभ, 18:54–20:15
- चर, सामान्य, 20:15–21:37
- रोग, अशुभ, 21:37–22:59
- काल, अशुभ, 22:59–00:21 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:21–01:42 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:42–03:04 शुक्र
- शुभ, 03:04–04:26 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:26–05:48 शुक्र
- यमगण्ड, 05:47–07:25, अशुभ
- गुलिक काल, 09:04–10:42, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:09–11:02, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:54–12:46, शुभ
- राहु काल, 13:59–15:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:24–16:16, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:04 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत गुरु 11 जनवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 11 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 11 जनवरी को 04:37 से शुक्र 12 जनवरी को 04:24 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (18:54–21:04) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:47। द्वादशी उससे पहले 04:37 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 04:24 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 29 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 08:15, द्वादशी की समाप्ति 14:07 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:47, द्वादशी की समाप्ति 04:37 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
गुरु 11 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–05:03
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–05:03।
बुध 10 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:53 बुध से सूर्योदय 05:47 तक थी, 10 घं 54 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 11 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:54–12:46
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:54–12:46।
गुरु 11 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:09–11:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:09–11:02 और 15:24–16:16।
गुरु 11 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:24–16:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:09–11:02 और 15:24–16:16।
यहाँ दिन, 05:47 से 18:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:09–11:02 और 15:24–16:16।
गुरु 11 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:47–07:25 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:47 से 18:54, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:54 से 05:48 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 11 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:59–15:37
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:37।
गुरु 11 जनवरी को यमगंड कब है? 05:47–07:25
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:47–07:25।
गुरु 11 जनवरी को गुलिक काल कब है? 09:04–10:42
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:42।
यहाँ दिन 05:47 से 18:54 तक है, 13 घं 7 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 11 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 05:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 7 मि का दिन।
गुरु 11 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 232.3° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:57 को निकलेगा, मूल में।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 500° थे, एक चक्कर और 140°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 267.7° + 232.3° = 500°, एक पूरा चक्कर और 140°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 17:11 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 324.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:35 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 04:24 शुक्र तक।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:47, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:47 से 05:48 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 15 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 13 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 14 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
गुरु 11 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2001 · शक 1866
विक्रम संवत 2001 24 मार्च 1944 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1944, 08:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 287.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2001 गिनता है; शक संवत 1866।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 11 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:08 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 04:08 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 11 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:38
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:38 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:08 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:38 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:08 शुक्र पर उदय होगा।