tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 9 मार्च 1943

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

चतुर्थी

शुक्ल पक्ष · 01:01 बुध तक

फिर पञ्चमी · 01:06 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:40 06:14 18:32अगला सूर्योदय 06:14 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:14–07:46रोगअशुभ
  • 07:46–09:18उद्वेगअशुभ
  • 09:18–10:51चरसामान्य
  • 10:51–12:23लाभशुभ
  • 12:23–13:55अमृतगुलिक काल में
  • 13:55–15:28कालअशुभ
  • 15:28–17:00शुभराहु काल में
  • 17:00–18:32रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:32–20:00कालअशुभ
  • 20:00–21:28लाभशुभ
  • 21:28–22:55उद्वेगअशुभ
  • 22:55–00:23 बुधशुभ
  • 00:23–01:51 बुधअमृतशुभ
  • 01:51–03:18 बुधचरसामान्य
  • 03:18–04:46 बुधरोगअशुभ
  • 04:46–06:14 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 9 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:27, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:14–07:46
  • उद्वेग, अशुभ, 07:46–09:18
  • चर, सामान्य, 09:18–10:51
  • लाभ, शुभ, 10:51–12:23
  • अमृत, शुभ, 12:23–13:55
  • काल, अशुभ, 13:55–15:28
  • शुभ, 15:28–17:00
  • रोग, अशुभ, 17:00–18:32
  • काल, अशुभ, 18:32–20:00
  • लाभ, शुभ, 20:00–21:28
  • उद्वेग, अशुभ, 21:28–22:55
  • शुभ, 22:55–00:23 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:23–01:51 बुध
  • चर, सामान्य, 01:51–03:18 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:18–04:46 बुध
  • काल, अशुभ, 04:46–06:14 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:41–09:31, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:18–10:51, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:48, शुभ
  • गुलिक काल, 12:23–13:55, अशुभ
  • राहु काल, 15:28–17:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:13–00:00 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:27 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 9 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 38.4° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 38.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 38.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। तृतीया उससे पहले 01:43 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 01:01 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 6 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, Ipameri में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी मंगल 9 मार्च सुबह बुध 10 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:13 01:43 10:31 01:01 07:39 तृतीया 07:37 चतुर्थी 06:14 चतुर्थी 06:14 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी मंगल 9 मार्च सुबह बुध 10 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 11:13 01:43 10:31 01:01 07:39 तृतीया 07:37 चतुर्थी 06:14 चतुर्थी 06:14 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:39, तृतीया की समाप्ति 11:13 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:14, तृतीया की समाप्ति 01:43 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

मंगल 9 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:40–05:27

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:40–05:27।

सूर्यास्त 18:33 सोम सूर्योदय 06:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 8 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:33 सोम सूर्योदय 06:14 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 8 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 8 मार्च की रात सूर्यास्त 18:33 सोम से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 41 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 9 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:48

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:48।

मंगल 9 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:31, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:13–00:00 बुध।

मंगल 9 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 23:13–00:00 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:31, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:13–00:00 बुध।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:14 से 18:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:41–09:31 और 23:13–00:00 बुध।

मंगल 9 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:14–07:46 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:14 से 18:32, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:32 से 06:14 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 9 मार्च को राहुकाल कब है? 15:28–17:00

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:28–17:00।

मंगल 9 मार्च को यमगंड कब है? 09:18–10:51

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:51।

मंगल 9 मार्च को गुलिक काल कब है? 12:23–13:55

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–13:55।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:14 से 18:32 तक है, 12 घं 18 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 9 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 18 मि का दिन।

मंगल 9 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:32

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 18 मि का दिन।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:10 चंद्रोदय 09:06
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:10 चंद्रोदय 09:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 9 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 3.2° पर था: अश्विनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 3.2° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 3.2° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 0° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:27 बुध को निकलेगा, भरणी में।

मंगल 9 मार्च को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 328.1° थे: ब्रह्म।

सूर्य 324.9° + चंद्रमा 3.2° = 328.1° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 324.9° + चंद्रमा 3.2° = 328.1° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 324.9° + 3.2° = 328.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 14:58 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

मंगल 9 मार्च को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 38.4° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 38.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 38.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 13:17 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 01:01 बुध तक।

मंगल 9 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 9 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 6 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

मंगल 9 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 9 मार्च पूर्णिमा 20 फ़र॰ अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 21 मार्च अमावस्या 4 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन फाल्गुन कृष्ण शुक्ल मंगल 9 मार्च पूर्णिमा 20 फ़र॰ अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 21 मार्च अमावस्या 4 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

मंगल 9 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1999 · शक 1864

विक्रम संवत 1999 16 मार्च 1942 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 1942 20:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 9 मार्च सूर्य 324.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 1942 20:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 9 मार्च सूर्य 324.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 1942, 20:49 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 352.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1999 गिनता है; शक संवत 1864।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 9 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:06

चंद्रमा यहाँ 09:06 पर उदय होता है।

मंगल 9 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:10

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:10 चंद्रोदय 09:06
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:32 सूर्योदय 06:14 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:10 चंद्रोदय 09:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:06 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:10 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:06 पर उदय हुआ; वह फिर 21:10 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।