Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 2 सितंबर 1939
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी शनि 2 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शनि 2 सितंबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़2 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 2 सितंबर
- 04:41–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:19 से
- 07:53–09:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:49–12:36अभिजीत मुहूर्त
- 13:41–15:09लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:09–16:37अमृत चौघड़िया
-
15:26–17:12अमृत कालरेवती में
- सूर्यास्त 18:05 के बाद
- 18:05–19:37लाभ चौघड़िया
- 21:09–22:40शुभ चौघड़िया
- 22:40–00:12 रविअमृत चौघड़िया
- 04:47–06:18 रविलाभ चौघड़िया
- 04:41–05:30 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:19–07:47कालअशुभ
- 07:47–09:16शुभ
- 09:16–10:44रोगअशुभ
- 10:44–12:12उद्वेगअशुभ
- 12:12–13:41चरसामान्य
- 13:41–15:09लाभयमगण्ड में
- 15:09–16:37अमृतशुभ
- 16:37–18:05कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:05–19:37लाभशुभ
- 19:37–21:09उद्वेगअशुभ
- 21:09–22:40शुभ
- 22:40–00:12 रविअमृतशुभ
- 00:12–01:43 रविचरसामान्य
- 01:43–03:15 रविरोगअशुभ
- 03:15–04:47 रविकालअशुभ
- 04:47–06:18 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 2 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:30, शुभ
- काल, अशुभ, 06:19–07:47
- शुभ, 07:47–09:16
- रोग, अशुभ, 09:16–10:44
- उद्वेग, अशुभ, 10:44–12:12
- चर, सामान्य, 12:12–13:41
- लाभ, शुभ, 13:41–15:09
- अमृत, शुभ, 15:09–16:37
- काल, अशुभ, 16:37–18:05
- लाभ, शुभ, 18:05–19:37
- उद्वेग, अशुभ, 19:37–21:09
- शुभ, 21:09–22:40
- अमृत, शुभ, 22:40–00:12 रवि
- चर, सामान्य, 00:12–01:43 रवि
- रोग, अशुभ, 01:43–03:15 रवि
- काल, अशुभ, 03:15–04:47 रवि
- लाभ, शुभ, 04:47–06:18 रवि
- गुलिक काल, 06:19–07:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:19–07:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:06–07:53, अशुभ
- राहु काल, 09:16–10:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:49–12:36, शुभ
- यमगण्ड, 13:41–15:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:30 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में संकष्टी चतुर्थी शनि 2 सितंबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी शनि 2 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शनि 2 सितंबर को 01:52 से रवि 3 सितंबर को 03:36 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शनि 2 सितंबर को है, 21:11 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 2 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 218.1° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:19। तृतीया उससे पहले 01:52 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 03:36 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 29 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Ipameri में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:59, तृतीया की समाप्ति 10:22 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:19, तृतीया की समाप्ति 01:52 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
शनि 2 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:30।
शुक्र 1 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:05 शुक्र से सूर्योदय 06:19 तक थी, 12 घं 14 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 2 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:49–12:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:49–12:36।
शनि 2 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:19–07:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:19–07:06 और 07:06–07:53।
शनि 2 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:06–07:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:19–07:06 और 07:06–07:53।
यहाँ दिन, 06:19 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:19–07:06 और 07:06–07:53।
शनि 2 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:19–07:47 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:19 से 18:05, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:05 से 06:18 रवि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 2 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:16–10:44
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–10:44।
शनि 2 सितंबर को यमगंड कब है? 13:41–15:09
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:41–15:09।
शनि 2 सितंबर को गुलिक काल कब है? 06:19–07:47
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:19–07:47।
यहाँ दिन 06:19 से 18:05 तक है, 11 घं 46 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 2 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 46 मि का दिन।
शनि 2 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:05, 11 घं 46 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 2 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 354.1° पर था: रेवती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:04 को निकलेगा, अश्विनी में।
शनि 2 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 490.1° थे, एक चक्कर और 130.1°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 136° + 354.1° = 490.1°, एक पूरा चक्कर और 130.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 12:21 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
शनि 2 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 218.1° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 14:47 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 03:36 रवि तक।
शनि 2 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:19, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:19 से 06:18 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 2 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 15 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 13 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
शनि 2 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
शनि 2 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1996 · शक 1861
विक्रम संवत 1996 20 मार्च 1939 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1939, 22:49 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 159.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1996 गिनता है; शक संवत 1861।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 2 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:11
चंद्रमा यहाँ 21:11 पर उदय होता है।
शनि 2 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:24
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:11 पर उदय होगा।