Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 27 सितंबर 1937
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
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27 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 27 सितंबर
- 04:23–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 05:58–07:29अमृत चौघड़िया
- 09:01–10:32शुभ चौघड़िया
-
09:09–10:32अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · आर्द्रा में
- 12:03–12:28अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:43–16:38लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:38–18:09अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 22:35–00:03 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:32–03:00 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:00–04:29 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:23–05:10 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:29अमृतशुभ
- 07:29–09:01कालअशुभ
- 09:01–10:32शुभ
- 10:32–12:03रोगअशुभ
- 12:03–13:35उद्वेगअशुभ
- 13:35–15:06चरसामान्य
- 15:06–16:38लाभशुभ
- 16:38–18:09अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:37चरसामान्य
- 19:37–21:06रोगअशुभ
- 21:06–22:35कालअशुभ
- 22:35–00:03 मंगललाभशुभ
- 00:03–01:32 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:32–03:00 मंगलशुभ
- 03:00–04:29 मंगलअमृतशुभ
- 04:29–05:57 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 27 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:11, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:58–07:29
- काल, अशुभ, 07:29–09:01
- शुभ, 09:01–10:32
- रोग, अशुभ, 10:32–12:03
- उद्वेग, अशुभ, 12:03–13:35
- चर, सामान्य, 13:35–15:06
- लाभ, शुभ, 15:06–16:38
- अमृत, शुभ, 16:38–18:09
- चर, सामान्य, 18:09–19:37
- रोग, अशुभ, 19:37–21:06
- काल, अशुभ, 21:06–22:35
- लाभ, शुभ, 22:35–00:03 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:03–01:32 मंगल
- शुभ, 01:32–03:00 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:00–04:29 मंगल
- चर, सामान्य, 04:29–05:57 मंगल
- राहु काल, 07:29–09:01, अशुभ
- यमगण्ड, 10:32–12:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:39–12:28, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:28–13:17, अशुभ
- गुलिक काल, 13:35–15:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:54–15:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:10 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 27 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 271.8° आगे था: कृष्ण अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। सप्तमी उससे पहले 15:42 रवि पर समाप्त हुई। अष्टमी 13:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 20 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 27 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:11।
रवि 26 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:09 रवि से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 49 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 27 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:39–12:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:39–12:28।
सोम 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:28–13:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:28–13:17 और 14:54–15:43।
सोम 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:54–15:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:28–13:17 और 14:54–15:43।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:28–13:17 और 14:54–15:43।
सोम 27 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:29 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:09, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 05:57 मंगल, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 27 सितंबर को राहुकाल कब है? 07:29–09:01
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:29–09:01।
सोम 27 सितंबर को यमगंड कब है? 10:32–12:03
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:32–12:03।
सोम 27 सितंबर को गुलिक काल कब है? 13:35–15:06
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:35–15:06।
यहाँ दिन 05:58 से 18:09 तक है, 12 घं 11 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 27 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 11 मि का दिन।
सोम 27 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 27 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 72.6° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 18:41 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
सोम 27 सितंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 233.4° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 160.8° + 72.6° = 233.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 16:30 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
सोम 27 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 271.8° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 02:43 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 270° हुई; कौलव 13:47 तक है।
सोम 27 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:57 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 4 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
सोम 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
सोम 27 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1994 · शक 1859
विक्रम संवत 1994 11 अप्रैल 1937 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 1937, 02:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 162.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1994 गिनता है; शक संवत 1859।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 27 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:24 मंगल
चंद्रमा यहाँ 01:24 मंगल पर उदय होता है।
सोम 27 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:59
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:24 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:24 मंगल पर उदय होगा।