Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 21 अगस्त 1936
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
21 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 अगस्त
- 04:48–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:28 से
- 07:55–09:21लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:33–10:48अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:15–12:39अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:15–12:39शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:25–13:42शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:03 के बाद
- 21:09–22:42लाभ चौघड़िया
- 00:15–01:48 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:48–03:21 शनिअमृत चौघड़िया
-
02:41–04:29 शनिअमृत कालचित्रा में
- 04:48–05:37 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:28–07:55चरसामान्य
- 07:55–09:21लाभगुलिक काल में
- 09:21–10:48अमृतशुभ
- 10:48–12:15कालअशुभ
- 12:15–13:42शुभ
- 13:42–15:09रोगअशुभ
- 15:09–16:36उद्वेगअशुभ
- 16:36–18:03चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:03–19:36रोगअशुभ
- 19:36–21:09कालअशुभ
- 21:09–22:42लाभशुभ
- 22:42–00:15 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:15–01:48 शनिशुभ
- 01:48–03:21 शनिअमृतशुभ
- 03:21–04:54 शनिचरसामान्य
- 04:54–06:27 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:38, शुभ
- चर, सामान्य, 06:28–07:55
- लाभ, शुभ, 07:55–09:21
- अमृत, शुभ, 09:21–10:48
- काल, अशुभ, 10:48–12:15
- शुभ, 12:15–13:42
- रोग, अशुभ, 13:42–15:09
- उद्वेग, अशुभ, 15:09–16:36
- चर, सामान्य, 16:36–18:03
- रोग, अशुभ, 18:03–19:36
- काल, अशुभ, 19:36–21:09
- लाभ, शुभ, 21:09–22:42
- उद्वेग, अशुभ, 22:42–00:15 शनि
- शुभ, 00:15–01:48 शनि
- अमृत, शुभ, 01:48–03:21 शनि
- चर, सामान्य, 03:21–04:54 शनि
- रोग, अशुभ, 04:54–06:27 शनि
- गुलिक काल, 07:55–09:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:47–09:33, अशुभ
- राहु काल, 10:48–12:15, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:39, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:39–13:25, अशुभ
- यमगण्ड, 15:09–16:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:37 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 21 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.9° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:28। तृतीया उससे पहले 04:24 गुरु पर समाप्त हुई। चतुर्थी 06:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 17 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्थी यहाँ गुरु 20 और शुक्र 21 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 04:24 गुरु को, सूर्योदय 06:28 गुरु से पहले, शुरू हुई और 06:33 को, अगले सूर्योदय 06:28 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
शुक्र 21 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:48–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:48–05:38।
गुरु 20 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:03 गुरु से सूर्योदय 06:28 तक थी, 12 घं 25 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 21 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:39।
शुक्र 21 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:47–09:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:47–09:33 और 12:39–13:25।
शुक्र 21 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:39–13:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:47–09:33 और 12:39–13:25।
यहाँ दिन, 06:28 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:47–09:33 और 12:39–13:25।
शुक्र 21 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:28–07:55 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:28 से 18:03, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:03 से 06:27 शनि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 21 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:48–12:15
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:48–12:15।
शुक्र 21 अगस्त को यमगंड कब है? 15:09–16:36
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:09–16:36।
शुक्र 21 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:55–09:21
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:55–09:21।
यहाँ दिन 06:28 से 18:03 तक है, 11 घं 35 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 21 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 35 मि का दिन।
शुक्र 21 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 35 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 173.1° पर था: हस्त, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 170° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:55 को निकलेगा, चित्रा में।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 298.2° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 125.1° + 173.1° = 298.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 22:10 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 47.9° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:26 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 06:33 तक है।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:28, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:28 से 06:27 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
17 अगस्त और 15 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 00:20 सोम से 15 सितंबर 14:41 मंगल तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 15 सितंबर 22:01 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।
शुक्र 21 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1993 · शक 1858
विक्रम संवत 1993 23 मार्च 1936 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1936, 01:13 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 145.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1993 गिनता है; शक संवत 1858।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 21 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:56
चंद्रमा यहाँ 08:56 पर उदय होता है।
शुक्र 21 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:50
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:56 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:50 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:56 पर उदय हुआ; वह फिर 21:50 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।