tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 18 अप्रैल 1936

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 20:46 तक

फिर त्रयोदशी · 17:10 रवि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:01⁠–⁠20:29
प्रदोष काल 18:01⁠–⁠20:29

प्रदोष व्रत शनि 18 अप्रैल को है: त्रयोदशी किसी भी शाम प्रदोष काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। शनि 18 अप्रैल क्यों?

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

व्रत का पारण

वरूथिनी एकादशी

पारण शनि 18 अप्रैल, 06:22 से सूर्यास्त 18:01 तक
वरूथिनी एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:43 06:22 18:01अगला सूर्योदय 06:22 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:22–07:49कालअशुभ
  • 07:49–09:17शुभ
  • 09:17–10:44रोगअशुभ
  • 10:44–12:12उद्वेगअशुभ
  • 12:12–13:39चरसामान्य
  • 13:39–15:06लाभयमगण्ड में
  • 15:06–16:34अमृतशुभ
  • 16:34–18:01कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:01–19:34लाभशुभ
  • 19:34–21:06उद्वेगअशुभ
  • 21:06–22:39शुभ
  • 22:39–00:12 रविअमृतशुभ
  • 00:12–01:44 रविचरसामान्य
  • 01:44–03:17 रविरोगअशुभ
  • 03:17–04:50 रविकालअशुभ
  • 04:50–06:22 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 18 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:33, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:22–07:49
  • शुभ, 07:49–09:17
  • रोग, अशुभ, 09:17–10:44
  • उद्वेग, अशुभ, 10:44–12:12
  • चर, सामान्य, 12:12–13:39
  • लाभ, शुभ, 13:39–15:06
  • अमृत, शुभ, 15:06–16:34
  • काल, अशुभ, 16:34–18:01
  • लाभ, शुभ, 18:01–19:34
  • उद्वेग, अशुभ, 19:34–21:06
  • शुभ, 21:06–22:39
  • अमृत, शुभ, 22:39–00:12 रवि
  • चर, सामान्य, 00:12–01:44 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:44–03:17 रवि
  • काल, अशुभ, 03:17–04:50 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:50–06:22 रवि
  • गुलिक काल, 06:22–07:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:22–07:09, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:09–07:55, अशुभ
  • राहु काल, 09:17–10:44, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:35, शुभ
  • यमगण्ड, 13:39–15:06, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:33 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में प्रदोष व्रत शनि 18 अप्रैल को क्यों है?

प्रदोष व्रत शनि 18 अप्रैल को है: त्रयोदशी किसी भी शाम प्रदोष काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

द्वादशी त्रयोदशी 20:46 17:00 18:00 19:00 20:00 22:00 शनि 18 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:01–20:29
द्वादशी त्रयोदशी 20:46 17:00 19:00 शनि 18 अप्रैल स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:01–20:29
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शनि 18 अप्रैल को 20:46 से रवि 19 अप्रैल को 17:10 तक है, दोनों शाम के प्रदोष काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शनि 18 अप्रैल। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

शनि 18 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 315.7° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। एकादशी उससे पहले 23:59 शुक्र पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 6 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, Ipameri में द्वादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शनि 18 अप्रैल सुबह रवि 19 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 08:29 23:59 05:16 20:46 05:53 एकादशी 05:52 त्रयोदशी 06:22 द्वादशी 06:22 त्रयोदशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शनि 18 अप्रैल सुबह रवि 19 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 08:29 23:59 05:16 20:46 05:53 एकादशी 05:52 त्रयोदशी 06:22 द्वादशी 06:22 त्रयोदशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:53, एकादशी की समाप्ति 08:29 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है। द्वादशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:16 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:22, एकादशी की समाप्ति 23:59 शुक्र के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

शनि 18 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:33

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:33।

सूर्यास्त 18:02 शुक्र सूर्योदय 06:22 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 17 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:02 शुक्र सूर्योदय 06:22 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 17 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 17 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:02 शुक्र से सूर्योदय 06:22 तक थी, 12 घं 20 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 18 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:35।

शनि 18 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:22–07:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:22–07:09 और 07:09–07:55।

शनि 18 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 07:09–07:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:22–07:09 और 07:09–07:55।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:22 से 18:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:22–07:09 और 07:09–07:55।

शनि 18 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:22–07:49 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:22 से 18:01, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:01 से 06:22 रवि, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 18 अप्रैल को राहुकाल कब है? 09:17–10:44

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:17–10:44।

शनि 18 अप्रैल को यमगंड कब है? 13:39–15:06

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:39–15:06।

शनि 18 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 06:22–07:49

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:22–07:49।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:22 से 18:01 तक है, 11 घं 39 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 18 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:01, 11 घं 39 मि का दिन।

शनि 18 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 18:01, 11 घं 39 मि का दिन।

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:38 चंद्रोदय 04:11 रवि
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:38 चंद्रोदय 04:11 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 320.9° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.9° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.9° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:27 रवि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 326.1° थे: ब्रह्म।

सूर्य 5.2° + चंद्रमा 320.9° = 326.1° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 5.2° + चंद्रमा 320.9° = 326.1° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 5.2° + 320.9° = 326.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 17:25 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 315.7° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 10:26 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 20:46 तक।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:22 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 23 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 12 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 18 अप्रैल अमावस्या 23 मार्च पूर्णिमा 6 अप्रैल अमावस्या 21 अप्रैल पूर्णिमा 6 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 18 अप्रैल अमावस्या 23 मार्च पूर्णिमा 6 अप्रैल अमावस्या 21 अप्रैल पूर्णिमा 6 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

शनि 18 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 1993 · शक 1858

विक्रम संवत 1993 23 मार्च 1936 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1936 01:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 18 अप्रैल सूर्य 5.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1936 01:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 18 अप्रैल सूर्य 5.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1936, 01:13 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 25.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1993 गिनता है; शक संवत 1858।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 18 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:11 रवि

चंद्रमा यहाँ 04:11 रवि पर उदय होता है।

शनि 18 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:38

सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:38 चंद्रोदय 04:11 रवि
सूर्योदय 06:22 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:38 चंद्रोदय 04:11 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:38 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:11 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:38 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:11 रवि पर उदय होगा।