Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 19 दिसंबर 1935
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
19 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 19 दिसंबर
- 04:07–04:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:33 से
- 05:33–07:12शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
07:12–08:51अमृत कालयमगण्ड, गुलिक काल छोड़कर · हस्त में
- 11:43–12:36अभिजीत मुहूर्त
- 12:09–13:48लाभ चौघड़िया
- 13:48–15:27अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:06–18:45शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:45 के बाद
- 18:45–20:06अमृत चौघड़िया
- 00:09–01:31 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:52–04:13 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:13–05:34 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:07–04:51 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:33–07:12शुभयमगण्ड में
- 07:12–08:51रोगअशुभ
- 08:51–10:30उद्वेगअशुभ
- 10:30–12:09चरसामान्य
- 12:09–13:48लाभशुभ
- 13:48–15:27अमृतराहु काल में
- 15:27–17:06कालअशुभ
- 17:06–18:45शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:45–20:06अमृतशुभ
- 20:06–21:27चरसामान्य
- 21:27–22:48रोगअशुभ
- 22:48–00:09 शुक्रकालअशुभ
- 00:09–01:31 शुक्रलाभशुभ
- 01:31–02:52 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:52–04:13 शुक्रशुभ
- 04:13–05:34 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 19 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:50, शुभ
- शुभ, 05:33–07:12
- रोग, अशुभ, 07:12–08:51
- उद्वेग, अशुभ, 08:51–10:30
- चर, सामान्य, 10:30–12:09
- लाभ, शुभ, 12:09–13:48
- अमृत, शुभ, 13:48–15:27
- काल, अशुभ, 15:27–17:06
- शुभ, 17:06–18:45
- अमृत, शुभ, 18:45–20:06
- चर, सामान्य, 20:06–21:27
- रोग, अशुभ, 21:27–22:48
- काल, अशुभ, 22:48–00:09 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:09–01:31 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:31–02:52 शुक्र
- शुभ, 02:52–04:13 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:13–05:34 शुक्र
- यमगण्ड, 05:33–07:12, अशुभ
- गुलिक काल, 08:51–10:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:57–10:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:43–12:36, शुभ
- राहु काल, 13:48–15:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:14–16:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:07–04:51 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 19 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 285.7° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:33। अष्टमी उससे पहले 08:13 बुध पर समाप्त हुई। नवमी 10:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 10 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 19 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:07–04:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:07–04:50।
बुध 18 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:44 बुध से सूर्योदय 05:33 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 19 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:43–12:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:43–12:36।
गुरु 19 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:57–10:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:57–10:50 और 15:14–16:07।
गुरु 19 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:14–16:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:57–10:50 और 15:14–16:07।
यहाँ दिन, 05:33 से 18:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:57–10:50 और 15:14–16:07।
गुरु 19 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:33–07:12 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:33 से 18:45, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:45 से 05:34 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 19 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:48–15:27
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:48–15:27।
गुरु 19 दिसंबर को यमगंड कब है? 05:33–07:12
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:33–07:12।
गुरु 19 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:51–10:30
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:51–10:30।
यहाँ दिन 05:33 से 18:45 तक है, 13 घं 12 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 19 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 18:45, 13 घं 12 मि का दिन।
गुरु 19 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 18:45, 13 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 169.2° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:48 को निकलेगा, चित्रा में।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 412.8° थे, एक चक्कर और 52.8°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 243.6° + 169.2° = 412.8°, एक पूरा चक्कर और 52.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 06:36 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 285.7° थी: नवमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 21:28 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 282° हुई; गर 10:40 तक है।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:33, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:33 से 05:34 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 25 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 25 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
गुरु 19 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1992 · शक 1857
विक्रम संवत 1992 3 अप्रैल 1935 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 1935, 09:10 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 253.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1992 गिनता है; शक संवत 1857।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 19 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:18 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 01:18 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 19 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:28
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:28 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:18 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:28 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:18 शुक्र पर उदय होगा।