tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 23 मार्च 1933

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 00:44 शुक्र तक

फिर चतुर्दशी · 00:49 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:21⁠–⁠21:44
प्रदोष काल 19:21⁠–⁠21:44

प्रदोष व्रत गुरु 23 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 23 मार्च क्यों?

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:55⁠–⁠01:43 शुक्र
निशीथ काल 00:55⁠–⁠01:43 शुक्र

मासिक शिवरात्रि गुरु 23 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 23 मार्च क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:41 07:17 19:21अगला सूर्योदय 07:17 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:17–08:47शुभयमगण्ड में
  • 08:47–10:18रोगअशुभ
  • 10:18–11:48उद्वेगअशुभ
  • 11:48–13:19चरसामान्य
  • 13:19–14:49लाभशुभ
  • 14:49–16:20अमृतराहु काल में
  • 16:20–17:50कालअशुभ
  • 17:50–19:21शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:21–20:51अमृतशुभ
  • 20:51–22:20चरसामान्य
  • 22:20–23:49रोगअशुभ
  • 23:49–01:19 शुक्रकालअशुभ
  • 01:19–02:48 शुक्रलाभशुभ
  • 02:48–04:18 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:18–05:47 शुक्रशुभ
  • 05:47–07:17 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 23 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:29, शुभ
  • शुभ, 07:17–08:47
  • रोग, अशुभ, 08:47–10:18
  • उद्वेग, अशुभ, 10:18–11:48
  • चर, सामान्य, 11:48–13:19
  • लाभ, शुभ, 13:19–14:49
  • अमृत, शुभ, 14:49–16:20
  • काल, अशुभ, 16:20–17:50
  • शुभ, 17:50–19:21
  • अमृत, शुभ, 19:21–20:51
  • चर, सामान्य, 20:51–22:20
  • रोग, अशुभ, 22:20–23:49
  • काल, अशुभ, 23:49–01:19 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:19–02:48 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:48–04:18 शुक्र
  • शुभ, 04:18–05:47 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:47–07:17 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:17–08:47, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:18–11:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:18–12:06, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:55–13:43, शुभ
  • राहु काल, 14:49–16:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:08–16:56, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:29 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में प्रदोष व्रत गुरु 23 मार्च को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 23 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 22 मार्च प्रदोष काल 19:22–21:45
द्वादशी 18:00 20:00 22:00 बुध 22 मार्च प्रदोष काल 19:22–21:45
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 23 मार्च को 01:04 से शुक्र 24 मार्च को 00:44 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (19:21–21:44) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में मासिक शिवरात्रि गुरु 23 मार्च को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि गुरु 23 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी चतुर्दशी 00:44 23:00 00:00 02:00 03:00 गुरु 23 मार्च स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:55–01:43 शुक्र
त्रयोदशी चतुर्दशी 00:44 23:00 00:00 02:00 03:00 गुरु 23 मार्च स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:55–01:43 शुक्र
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 24 मार्च को 00:44 से शनि 25 मार्च को 00:49 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (00:55 शुक्र–01:43 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

गुरु 23 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 327.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 327.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:17। द्वादशी उससे पहले 01:04 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 00:44 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 12 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 23 मार्च सुबह शुक्र 24 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 08:34 01:04 08:14 00:44 06:22 द्वादशी 06:21 त्रयोदशी 07:17 त्रयोदशी 07:17 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी गुरु 23 मार्च सुबह शुक्र 24 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 08:34 01:04 08:14 00:44 06:22 द्वादशी 06:21 त्रयोदशी 07:17 त्रयोदशी 07:17 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:22, द्वादशी की समाप्ति 08:34 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।

Ipameri · UTC−2

यहाँ सूर्योदय, 07:17, द्वादशी की समाप्ति 01:04 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

गुरु 23 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:29

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:29।

सूर्यास्त 19:22 बुध सूर्योदय 07:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:22 बुध सूर्योदय 07:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 22 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 22 मार्च की रात सूर्यास्त 19:22 बुध से सूर्योदय 07:17 तक थी, 11 घं 55 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 23 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:55–13:43

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:55–13:43।

गुरु 23 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:18–12:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:06 और 16:08–16:56।

गुरु 23 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 16:08–16:56

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:06 और 16:08–16:56।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:17 से 19:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:18–12:06 और 16:08–16:56।

गुरु 23 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:17–08:47 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:17 से 19:21, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:21 से 07:17 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 23 मार्च को राहुकाल कब है? 14:49–16:20

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:49–16:20।

गुरु 23 मार्च को यमगंड कब है? 07:17–08:47

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:17–08:47।

गुरु 23 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:18–11:48

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:18–11:48।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:17 से 19:21 तक है, 12 घं 4 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 23 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:17, सूर्यास्त 19:21, 12 घं 4 मि का दिन।

गुरु 23 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:17, सूर्यास्त 19:21, 12 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 05:51 शुक्र
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 05:51 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 23 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 306.5° पर था: धनिष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 306.5° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 306.5° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:31 को निकलेगा, शतभिषा में।

गुरु 23 मार्च को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 645.9° थे, एक चक्कर और 285.9°: साध्य।

सूर्य 339.4° + चंद्रमा 306.5° = 645.9° एक चक्कर + 285.9° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 339.4° + चंद्रमा 306.5° = 645.9° एक चक्कर + 285.9° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 339.4° + 306.5° = 645.9°, एक पूरा चक्कर और 285.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 19:52 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

गुरु 23 मार्च को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 327.2° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 327.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 327.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 12:51 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 00:44 शुक्र तक।

गुरु 23 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:17, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:17 से 07:17 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 23 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 24 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 26 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

गुरु 23 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 23 मार्च अमावस्या 24 फ़र॰ पूर्णिमा 12 मार्च अमावस्या 26 मार्च पूर्णिमा 10 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 23 मार्च अमावस्या 24 फ़र॰ पूर्णिमा 12 मार्च अमावस्या 26 मार्च पूर्णिमा 10 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

गुरु 23 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1989 · शक 1854

विक्रम संवत 1989 5 अप्रैल 1932 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 1932 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 मार्च सूर्य 339.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 1932 22:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 23 मार्च सूर्य 339.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 1932, 22:20 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 346.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1989 गिनता है; शक संवत 1854।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 23 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:51 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 05:51 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 23 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:50

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 05:51 शुक्र
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:21 सूर्योदय 07:17 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 05:51 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:51 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:51 शुक्र पर उदय होगा।