Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 21 मार्च 1932
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
होलिका दहन
होलिका दहन सोम 21 मार्च को है, भद्रा समाप्त होने (00:22 मंगल) के बाद। सोम 21 मार्च क्यों?
होलिका दहन: Ipameri में हर तारीख़21 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 21 मार्च
- 05:41–06:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:16 से
- 07:16–08:47अमृत चौघड़िया
- 10:18–11:49शुभ चौघड़िया
-
10:18–10:55अमृत कालराहु काल छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 13:19–13:44अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:57–17:52लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:52–19:22अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:22 के बाद
- 23:50–01:20 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:49–04:18 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:18–05:47 मंगलअमृत चौघड़िया
-
06:10–07:36 मंगलअमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- 05:41–06:29 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:16–08:47अमृतशुभ
- 08:47–10:18कालअशुभ
- 10:18–11:49शुभ
- 11:49–13:19रोगअशुभ
- 13:19–14:50उद्वेगअशुभ
- 14:50–16:21चरसामान्य
- 16:21–17:52लाभशुभ
- 17:52–19:22अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:22–20:52चरसामान्य
- 20:52–22:21रोगअशुभ
- 22:21–23:50कालअशुभ
- 23:50–01:20 मंगललाभशुभ
- 01:20–02:49 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:49–04:18 मंगलशुभ
- 04:18–05:47 मंगलअमृतशुभ
- 05:47–07:17 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 21 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:29, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:16–08:47
- काल, अशुभ, 08:47–10:18
- शुभ, 10:18–11:49
- रोग, अशुभ, 11:49–13:19
- उद्वेग, अशुभ, 13:19–14:50
- चर, सामान्य, 14:50–16:21
- लाभ, शुभ, 16:21–17:52
- अमृत, शुभ, 17:52–19:22
- चर, सामान्य, 19:22–20:52
- रोग, अशुभ, 20:52–22:21
- काल, अशुभ, 22:21–23:50
- लाभ, शुभ, 23:50–01:20 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:20–02:49 मंगल
- शुभ, 02:49–04:18 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:18–05:47 मंगल
- चर, सामान्य, 05:47–07:17 मंगल
- राहु काल, 08:47–10:18, अशुभ
- यमगण्ड, 11:49–13:19, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:55–13:44, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:44–14:32, अशुभ
- गुलिक काल, 14:50–16:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:09–16:57, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:29 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में होलिका दहन सोम 21 मार्च को क्यों है?
होलिका दहन सोम 21 मार्च को है, भद्रा समाप्त होने (00:22 मंगल) के बाद।
होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा सोम 21 मार्च को 14:03 से मंगल 22 मार्च को 10:37 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:22–21:45) उसके भीतर है। भद्रा 00:22 मंगल तक है, और धर्मसिंधु विधि भद्रा में नहीं करवाता: यह 00:22 मंगल से होती है।
होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 00:22 मंगल पर।
सोम 21 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 164.1° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:16। त्रयोदशी उससे पहले 17:09 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 14:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 7 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 21 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:29।
रवि 20 मार्च की रात सूर्यास्त 19:23 रवि से सूर्योदय 07:16 तक थी, 11 घं 53 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 21 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:55–13:44
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:55–13:44।
सोम 21 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 13:44–14:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:44–14:32 और 16:09–16:57।
सोम 21 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 16:09–16:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:44–14:32 और 16:09–16:57।
यहाँ दिन, 07:16 से 19:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:44–14:32 और 16:09–16:57।
सोम 21 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:16–08:47 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:16 से 19:22, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:22 से 07:17 मंगल, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 21 मार्च को राहुकाल कब है? 08:47–10:18
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:47–10:18।
सोम 21 मार्च को यमगंड कब है? 11:49–13:19
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:49–13:19।
सोम 21 मार्च को गुलिक काल कब है? 14:50–16:21
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:50–16:21।
यहाँ दिन 07:16 से 19:22 तक है, 12 घं 6 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 21 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:16, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 6 मि का दिन।
सोम 21 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:16, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 6 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 21 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 141.7° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:15 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
सोम 21 मार्च को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 479.3° थे, एक चक्कर और 119.3°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 337.6° + 141.7° = 479.3°, एक पूरा चक्कर और 119.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 08:14 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
सोम 21 मार्च को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 164.1° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 03:39 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 14:03 तक है।
सोम 21 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:16, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:16 से 07:17 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 21 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 7 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 5 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
सोम 21 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
सोम 21 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1988 · शक 1853
विक्रम संवत 1988 19 मार्च 1931 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1931, 04:50 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 362.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1988 गिनता है; शक संवत 1853।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 21 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:52
चंद्रमा यहाँ 18:52 पर उदय होता है।
सोम 21 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:11 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:52 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 07:11 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:52 पर उदय हुआ; वह फिर 07:11 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।