Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 5 मार्च 1932
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि शनि 5 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 5 मार्च क्यों?
महाशिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 5 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 5 मार्च क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़5 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 5 मार्च
- 05:40–06:26ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:13 से
- 08:52–10:18शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
09:17–10:18अमृत कालराहु काल छोड़कर · धनिष्ठा में
- 12:59–13:49अभिजीत मुहूर्त
- 14:57–16:29लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:29–18:02अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:35 के बाद
- 19:35–21:02लाभ चौघड़िया
- 22:29–23:57शुभ चौघड़िया
- 23:57–01:24 रविअमृत चौघड़िया
- 05:46–07:13 रविलाभ चौघड़िया
- 05:40–06:26 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:13–08:45कालअशुभ
- 08:45–10:18शुभ
- 10:18–11:51रोगअशुभ
- 11:51–13:24उद्वेगअशुभ
- 13:24–14:57चरसामान्य
- 14:57–16:29लाभयमगण्ड में
- 16:29–18:02अमृतशुभ
- 18:02–19:35कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:35–21:02लाभशुभ
- 21:02–22:29उद्वेगअशुभ
- 22:29–23:57शुभ
- 23:57–01:24 रविअमृतशुभ
- 01:24–02:51 रविचरसामान्य
- 02:51–04:18 रविरोगअशुभ
- 04:18–05:46 रविकालअशुभ
- 05:46–07:13 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 5 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:40–06:26, शुभ
- काल, अशुभ, 07:13–08:45
- शुभ, 08:45–10:18
- रोग, अशुभ, 10:18–11:51
- उद्वेग, अशुभ, 11:51–13:24
- चर, सामान्य, 13:24–14:57
- लाभ, शुभ, 14:57–16:29
- अमृत, शुभ, 16:29–18:02
- काल, अशुभ, 18:02–19:35
- लाभ, शुभ, 19:35–21:02
- उद्वेग, अशुभ, 21:02–22:29
- शुभ, 22:29–23:57
- अमृत, शुभ, 23:57–01:24 रवि
- चर, सामान्य, 01:24–02:51 रवि
- रोग, अशुभ, 02:51–04:18 रवि
- काल, अशुभ, 04:18–05:46 रवि
- लाभ, शुभ, 05:46–07:13 रवि
- गुलिक काल, 07:13–08:45, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:13–08:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:02–08:52, अशुभ
- राहु काल, 10:18–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:59–13:49, शुभ
- यमगण्ड, 14:57–16:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:40–06:26 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में महाशिवरात्रि शनि 5 मार्च को क्यों है?
महाशिवरात्रि शनि 5 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 5 मार्च को 02:42 से रवि 6 मार्च को 04:00 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (01:01 रवि–01:47 रवि) उसके भीतर है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि शनि 5 मार्च को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 5 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 5 मार्च को 02:42 से रवि 6 मार्च को 04:00 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (01:01 रवि–01:47 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 5 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 338.2° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:13। त्रयोदशी उससे पहले 02:42 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 04:00 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 22 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:42, त्रयोदशी की समाप्ति 10:12 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 07:13, त्रयोदशी की समाप्ति 02:42 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
शनि 5 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:40–06:26
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:40–06:26।
शुक्र 4 मार्च की रात सूर्यास्त 19:36 शुक्र से सूर्योदय 07:13 तक थी, 11 घं 37 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 5 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:59–13:49
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:59–13:49।
शनि 5 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 07:13–08:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:13–08:02 और 08:02–08:52।
शनि 5 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:02–08:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:13–08:02 और 08:02–08:52।
यहाँ दिन, 07:13 से 19:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:13–08:02 और 08:02–08:52।
शनि 5 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:13–08:45 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:13 से 19:35, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:35 से 07:13 रवि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 5 मार्च को राहुकाल कब है? 10:18–11:51
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:18–11:51।
शनि 5 मार्च को यमगंड कब है? 14:57–16:29
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:57–16:29।
शनि 5 मार्च को गुलिक काल कब है? 07:13–08:45
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:13–08:45।
यहाँ दिन 07:13 से 19:35 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 5 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 19:35, 12 घं 22 मि का दिन।
शनि 5 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 19:35, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 5 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 299.8° पर था: धनिष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 296°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:25 को निकलेगा, शतभिषा में।
शनि 5 मार्च को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 621.5° थे, एक चक्कर और 261.5°: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 321.7° + 299.8° = 621.5°, एक पूरा चक्कर और 261.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 16:24 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
शनि 5 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 338.2° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 15:18 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 04:00 रवि तक।
शनि 5 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:13, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:13 से 07:13 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 5 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 6 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 7 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
शनि 5 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
शनि 5 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1988 · शक 1853
विक्रम संवत 1988 19 मार्च 1931 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1931, 04:50 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 346.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1988 गिनता है; शक संवत 1853।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 5 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:32 रवि
चंद्रमा यहाँ 06:32 रवि पर उदय होता है।
शनि 5 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:32 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:32 रवि पर उदय होगा।