Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 3 जून 1931
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी बुध 3 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। बुध 3 जून क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Ipameri में हर तारीख़3 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 3 जून
- 04:53–05:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:36 से
- 06:36–08:00लाभ चौघड़िया
-
06:52–08:00अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 08:00–09:23अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:47–12:10शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:20–17:44लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 19:21–20:57शुभ चौघड़िया
- 20:57–22:34अमृत चौघड़िया
- 03:23–05:00 गुरुलाभ चौघड़िया
-
06:12–06:37 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · उत्तराषाढा में
- 04:54–05:45 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:36–08:00लाभशुभ
- 08:00–09:23अमृतयमगण्ड में
- 09:23–10:47कालअशुभ
- 10:47–12:10शुभगुलिक काल में
- 12:10–13:34रोगअशुभ
- 13:34–14:57उद्वेगअशुभ
- 14:57–16:20चरसामान्य
- 16:20–17:44लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:21उद्वेगअशुभ
- 19:21–20:57शुभ
- 20:57–22:34अमृतशुभ
- 22:34–00:10 गुरुचरसामान्य
- 00:10–01:47 गुरुरोगअशुभ
- 01:47–03:23 गुरुकालअशुभ
- 03:23–05:00 गुरुलाभशुभ
- 05:00–06:37 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 3 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:45, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:36–08:00
- अमृत, शुभ, 08:00–09:23
- काल, अशुभ, 09:23–10:47
- शुभ, 10:47–12:10
- रोग, अशुभ, 12:10–13:34
- उद्वेग, अशुभ, 13:34–14:57
- चर, सामान्य, 14:57–16:20
- लाभ, शुभ, 16:20–17:44
- उद्वेग, अशुभ, 17:44–19:21
- शुभ, 19:21–20:57
- अमृत, शुभ, 20:57–22:34
- चर, सामान्य, 22:34–00:10 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:10–01:47 गुरु
- काल, अशुभ, 01:47–03:23 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:23–05:00 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:00–06:37 गुरु
- यमगण्ड, 08:00–09:23, अशुभ
- गुलिक काल, 10:47–12:10, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:48–12:32, अशुभ
- राहु काल, 12:10–13:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:45 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में संकष्टी चतुर्थी बुध 3 जून को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी बुध 3 जून को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी बुध 3 जून को 08:44 से गुरु 4 जून को 09:06 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल बुध 3 जून को है, 20:40 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 3 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 214.9° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:36। द्वितीया उससे पहले 09:04 मंगल पर समाप्त हुई। तृतीया 08:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 31 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 3 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:45।
मंगल 2 जून की रात सूर्यास्त 17:44 मंगल से सूर्योदय 06:36 तक थी, 12 घं 52 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:48–12:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:48–12:32।
यहाँ दिन, 06:36 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:48–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 3 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:36–08:00 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:36 से 17:44, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 06:37 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 3 जून को राहुकाल कब है? 12:10–13:34
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:10–13:34।
बुध 3 जून को यमगंड कब है? 08:00–09:23
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:00–09:23।
बुध 3 जून को गुलिक काल कब है? 10:47–12:10
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:47–12:10।
यहाँ दिन 06:36 से 17:44 तक है, 11 घं 8 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 3 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 8 मि का दिन।
बुध 3 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 3 जून को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 263.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:46 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
बुध 3 जून को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 312.8° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 48.9° + 263.9° = 312.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 19:01 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
बुध 3 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 214.9° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:49 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 08:44 तक है।
बुध 3 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:36, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:36 से 06:37 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 17 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 16 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
बुध 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
बुध 3 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1988 · शक 1853
विक्रम संवत 1988 19 मार्च 1931 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1931, 04:50 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 74° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1988 गिनता है; शक संवत 1853।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 3 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:40
चंद्रमा यहाँ 20:40 पर उदय होता है।
बुध 3 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:28
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:28 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:40 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:28 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:40 पर उदय होगा।