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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 1 दिसंबर 1929

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:01 05:28 18:35अगला सूर्योदय 05:28 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:28–07:07उद्वेगअशुभ
  • 07:07–08:45चरसामान्य
  • 08:45–10:23लाभशुभ
  • 10:23–12:01अमृतशुभ
  • 12:01–13:40कालअशुभ
  • 13:40–15:18शुभ
  • 15:18–16:56रोगअशुभ
  • 16:56–18:35उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:35–19:56शुभ
  • 19:56–21:18अमृतशुभ
  • 21:18–22:40चरसामान्य
  • 22:40–00:02 सोमरोगअशुभ
  • 00:02–01:23 सोमकालअशुभ
  • 01:23–02:45 सोमलाभशुभ
  • 02:45–04:07 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:07–05:28 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 1 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:28–07:07
  • चर, सामान्य, 07:07–08:45
  • लाभ, शुभ, 08:45–10:23
  • अमृत, शुभ, 10:23–12:01
  • काल, अशुभ, 12:01–13:40
  • शुभ, 13:40–15:18
  • रोग, अशुभ, 15:18–16:56
  • उद्वेग, अशुभ, 16:56–18:35
  • शुभ, 18:35–19:56
  • अमृत, शुभ, 19:56–21:18
  • चर, सामान्य, 21:18–22:40
  • रोग, अशुभ, 22:40–00:02 सोम
  • काल, अशुभ, 00:02–01:23 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:23–02:45 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 02:45–04:07 सोम
  • शुभ, 04:07–05:28 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:28, शुभ
  • यमगण्ड, 12:01–13:40, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:18–16:56, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:50–17:42, अशुभ
  • राहु काल, 16:56–18:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 1 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1.7° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 1.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। अमावस्या उससे पहले 01:48 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 03:41 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 1 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Ipameri में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया रवि 1 दिसंबर सुबह सोम 2 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 10:18 01:48 12:11 03:41 06:56 अमावस्या 06:56 प्रतिपदा 05:28 प्रतिपदा 05:28 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया रवि 1 दिसंबर सुबह सोम 2 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 10:18 01:48 12:11 03:41 06:56 अमावस्या 06:56 प्रतिपदा 05:28 प्रतिपदा 05:28 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:56, अमावस्या की समाप्ति 10:18 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 05:28, अमावस्या की समाप्ति 01:48 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

रवि 1 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:45।

सूर्यास्त 18:34 शनि सूर्योदय 05:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:34 शनि सूर्योदय 05:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 30 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:34 शनि से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 54 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 1 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:28

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:28।

रवि 1 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:50–17:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:50–17:42।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:28 से 18:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:50–17:42।

रवि 1 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:28–07:07 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:35, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:35 से 05:28 सोम, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 1 दिसंबर को राहुकाल कब है? 16:56–18:35

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:56–18:35।

रवि 1 दिसंबर को यमगंड कब है? 12:01–13:40

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:01–13:40।

रवि 1 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 15:18–16:56

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:56।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:28 से 18:35 तक है, 13 घं 7 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 1 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:35, 13 घं 7 मि का दिन।

रवि 1 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:35, 13 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10 चंद्रोदय 05:34
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10 चंद्रोदय 05:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 227.5° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 227.5° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 227.5° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 06:11 सोम को निकलेगा, मूल में।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 453.3° थे, एक चक्कर और 93.3°: सुकर्मा।

सूर्य 225.8° + चंद्रमा 227.5° = 453.3° एक चक्कर + 93.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 225.8° + चंद्रमा 227.5° = 453.3° एक चक्कर + 93.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 225.8° + 227.5° = 453.3°, एक पूरा चक्कर और 93.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 05:30 को समाप्त होता है, फिर धृति।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 1.7° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 1.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 14:42 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 03:41 सोम तक।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 1 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 30 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 1 दिसंबर पूर्णिमा 16 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 1 दिसंबर पूर्णिमा 16 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 30 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

रवि 1 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1986 · शक 1851

विक्रम संवत 1986 9 अप्रैल 1929 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 1929 17:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 1 दिसंबर सूर्य 225.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 1929 17:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 1 दिसंबर सूर्य 225.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 1929, 17:32 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 229.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1986 गिनता है; शक संवत 1851।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 1 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:34

चंद्रमा यहाँ 05:34 पर उदय होता है।

रवि 1 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:10

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10 चंद्रोदय 05:34
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:35 सूर्योदय 05:28 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:10 चंद्रोदय 05:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:34 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:10 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 05:34 पर उदय हुआ; वह फिर 19:10 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।