Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 23 जून 1928
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 07:11 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें सप्तमी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें23 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 23 जून
- 04:59–05:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:42 से
- 08:11–09:28शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:58–12:38अमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 11:52–12:36अभिजीत मुहूर्त
- 13:37–15:00लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:00–16:23अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:46 के बाद
- 17:46–19:23लाभ चौघड़िया
- 21:00–22:37शुभ चौघड़िया
- 22:37–00:14 रविअमृत चौघड़िया
- 05:05–06:42 रविलाभ चौघड़िया
- 04:59–05:51 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:42–08:05कालअशुभ
- 08:05–09:28शुभ
- 09:28–10:51रोगअशुभ
- 10:51–12:14उद्वेगअशुभ
- 12:14–13:37चरसामान्य
- 13:37–15:00लाभयमगण्ड में
- 15:00–16:23अमृतशुभ
- 16:23–17:46कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:46–19:23लाभशुभ
- 19:23–21:00उद्वेगअशुभ
- 21:00–22:37शुभ
- 22:37–00:14 रविअमृतशुभ
- 00:14–01:51 रविचरसामान्य
- 01:51–03:28 रविरोगअशुभ
- 03:28–05:05 रविकालअशुभ
- 05:05–06:42 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 23 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51, शुभ
- काल, अशुभ, 06:42–08:05
- शुभ, 08:05–09:28
- रोग, अशुभ, 09:28–10:51
- उद्वेग, अशुभ, 10:51–12:14
- चर, सामान्य, 12:14–13:37
- लाभ, शुभ, 13:37–15:00
- अमृत, शुभ, 15:00–16:23
- काल, अशुभ, 16:23–17:46
- लाभ, शुभ, 17:46–19:23
- उद्वेग, अशुभ, 19:23–21:00
- शुभ, 21:00–22:37
- अमृत, शुभ, 22:37–00:14 रवि
- चर, सामान्य, 00:14–01:51 रवि
- रोग, अशुभ, 01:51–03:28 रवि
- काल, अशुभ, 03:28–05:05 रवि
- लाभ, शुभ, 05:05–06:42 रवि
- गुलिक काल, 06:42–08:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:42–07:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:27–08:11, अशुभ
- राहु काल, 09:28–10:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:36, शुभ
- यमगण्ड, 13:37–15:00, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 23 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 72.1° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:42। षष्ठी उससे पहले 06:33 पर समाप्त हुई। सप्तमी 07:11 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 17 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सप्तमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
सप्तमी यहाँ शनि 23 और रवि 24 जून दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। सप्तमी 06:33 को, सूर्योदय 06:42 से पहले, शुरू हुई और 07:11 रवि को, अगले सूर्योदय 06:42 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन सप्तमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?
नई दिल्ली में षष्ठी है, Ipameri में सप्तमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:24, षष्ठी की समाप्ति 15:03 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:42, षष्ठी की समाप्ति 06:33 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।
शनि 23 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:51।
शुक्र 22 जून की रात सूर्यास्त 17:46 शुक्र से सूर्योदय 06:42 तक थी, 12 घं 56 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 23 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:36।
शनि 23 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 06:42–07:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:42–07:27 और 07:27–08:11।
शनि 23 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:27–08:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:42–07:27 और 07:27–08:11।
यहाँ दिन, 06:42 से 17:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:42–07:27 और 07:27–08:11।
शनि 23 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:42–08:05 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:42 से 17:46, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:46 से 06:42 रवि, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 23 जून को राहुकाल कब है? 09:28–10:51
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:28–10:51।
शनि 23 जून को यमगंड कब है? 13:37–15:00
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:37–15:00।
शनि 23 जून को गुलिक काल कब है? 06:42–08:05
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:42–08:05।
यहाँ दिन 06:42 से 17:46 तक है, 11 घं 4 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 23 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 17:46, 11 घं 4 मि का दिन।
शनि 23 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 17:46, 11 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 23 जून को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 140.9° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:36 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
शनि 23 जून को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 209.7° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 68.8° + 140.9° = 209.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 13:06 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
शनि 23 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 72.1° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 18:46 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 07:11 रवि तक।
शनि 23 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:42, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:42 से 06:42 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 23 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 17 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 15 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 17 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
शनि 23 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
शनि 23 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1985 · शक 1850
विक्रम संवत 1985 21 मार्च 1928 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1928, 17:29 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 90.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1985 गिनता है; शक संवत 1850।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 23 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:38
चंद्रमा यहाँ 11:38 पर उदय होता है।
शनि 23 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:35
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:38 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:35 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:38 पर उदय हुआ; वह फिर 23:35 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।