Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 2 फ़रवरी 1928
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 2 फ़रवरी को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का शुक्र 3 फ़रवरी से अधिक भाग घेरती है। गुरु 2 फ़रवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
जया एकादशी
2 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 2 फ़रवरी
- 04:31–05:15ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:00 से
- 06:00–07:36शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:00–12:52अभिजीत मुहूर्त
- 12:26–14:02लाभ चौघड़िया
- 14:02–15:39अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:16–18:52शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:52 के बाद
- 18:52–20:16अमृत चौघड़िया
-
21:02–22:35अमृत कालआर्द्रा में
- 00:26–01:50 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:13–04:37 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:37–06:00 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:31–05:16 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:00–07:36शुभयमगण्ड में
- 07:36–09:13रोगअशुभ
- 09:13–10:49उद्वेगअशुभ
- 10:49–12:26चरसामान्य
- 12:26–14:02लाभशुभ
- 14:02–15:39अमृतराहु काल में
- 15:39–17:16कालअशुभ
- 17:16–18:52शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:52–20:16अमृतशुभ
- 20:16–21:39चरसामान्य
- 21:39–23:03रोगअशुभ
- 23:03–00:26 शुक्रकालअशुभ
- 00:26–01:50 शुक्रलाभशुभ
- 01:50–03:13 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:13–04:37 शुक्रशुभ
- 04:37–06:00 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 2 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:15, शुभ
- शुभ, 06:00–07:36
- रोग, अशुभ, 07:36–09:13
- उद्वेग, अशुभ, 09:13–10:49
- चर, सामान्य, 10:49–12:26
- लाभ, शुभ, 12:26–14:02
- अमृत, शुभ, 14:02–15:39
- काल, अशुभ, 15:39–17:16
- शुभ, 17:16–18:52
- अमृत, शुभ, 18:52–20:16
- चर, सामान्य, 20:16–21:39
- रोग, अशुभ, 21:39–23:03
- काल, अशुभ, 23:03–00:26 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:26–01:50 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:50–03:13 शुक्र
- शुभ, 03:13–04:37 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:37–06:00 शुक्र
- यमगण्ड, 06:00–07:36, अशुभ
- गुलिक काल, 09:13–10:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:17–11:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:52, शुभ
- राहु काल, 14:02–15:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:26–16:18, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:16 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत गुरु 2 फ़रवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 2 फ़रवरी को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का शुक्र 3 फ़रवरी से अधिक भाग घेरती है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 2 फ़रवरी को 20:18 से शुक्र 3 फ़रवरी को 18:57 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: गुरु 2 फ़रवरी। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 136.4° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:00। एकादशी उससे पहले 21:53 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:18 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 22 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 2 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:15
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:15।
बुध 1 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:52 बुध से सूर्योदय 06:00 तक थी, 11 घं 8 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 2 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:52।
गुरु 2 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:17–11:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:17–11:09 और 15:26–16:18।
गुरु 2 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:26–16:18
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:17–11:09 और 15:26–16:18।
यहाँ दिन, 06:00 से 18:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:17–11:09 और 15:26–16:18।
गुरु 2 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:00–07:36 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:00 से 18:52, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:52 से 06:00 शुक्र, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 2 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 14:02–15:39
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:02–15:39।
गुरु 2 फ़रवरी को यमगंड कब है? 06:00–07:36
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:00–07:36।
गुरु 2 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 09:13–10:49
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:13–10:49।
यहाँ दिन 06:00 से 18:52 तक है, 12 घं 52 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 2 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 52 मि का दिन।
गुरु 2 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:52, 12 घं 52 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 65.8° पर था: मृगशिरा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 63°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:31 को निकलेगा, आर्द्रा में।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 355.2° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 289.4° + 65.8° = 355.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 13:42 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 136.4° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:04 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 20:18 तक।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:00, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:00 से 06:00 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 22 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 21 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
गुरु 2 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1984 · शक 1849
विक्रम संवत 1984 2 अप्रैल 1927 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 1927, 01:24 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 300.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1984 गिनता है; शक संवत 1849।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 2 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:20
चंद्रमा यहाँ 16:20 पर उदय होता है।
गुरु 2 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:38 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:38 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:20 पर उदय हुआ; वह फिर 03:38 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।