Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 1 मार्च 1927
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि मंगल 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 1 मार्च क्यों?
महाशिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 1 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 1 मार्च क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 1 मार्च क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़1 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 मार्च
- 04:39–05:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:11 से
- 10:51–12:25लाभ चौघड़िया
- 12:00–12:25अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:25–13:58अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:58–14:51अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · श्रवण में
- 15:32–17:05शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:38 के बाद
- 20:05–21:32लाभ चौघड़िया
- 22:58–23:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:02–00:25 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:25–01:52 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:39–05:25 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:11–07:45रोगअशुभ
- 07:45–09:18उद्वेगअशुभ
- 09:18–10:51चरसामान्य
- 10:51–12:25लाभशुभ
- 12:25–13:58अमृतगुलिक काल में
- 13:58–15:32कालअशुभ
- 15:32–17:05शुभराहु काल में
- 17:05–18:38रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:38–20:05कालअशुभ
- 20:05–21:32लाभशुभ
- 21:32–22:58उद्वेगअशुभ
- 22:58–00:25 बुधशुभ
- 00:25–01:52 बुधअमृतशुभ
- 01:52–03:18 बुधचरसामान्य
- 03:18–04:45 बुधरोगअशुभ
- 04:45–06:12 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:25, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:11–07:45
- उद्वेग, अशुभ, 07:45–09:18
- चर, सामान्य, 09:18–10:51
- लाभ, शुभ, 10:51–12:25
- अमृत, शुभ, 12:25–13:58
- काल, अशुभ, 13:58–15:32
- शुभ, 15:32–17:05
- रोग, अशुभ, 17:05–18:38
- काल, अशुभ, 18:38–20:05
- लाभ, शुभ, 20:05–21:32
- उद्वेग, अशुभ, 21:32–22:58
- शुभ, 22:58–00:25 बुध
- अमृत, शुभ, 00:25–01:52 बुध
- चर, सामान्य, 01:52–03:18 बुध
- रोग, अशुभ, 03:18–04:45 बुध
- काल, अशुभ, 04:45–06:12 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:41–09:30, अशुभ
- यमगण्ड, 09:18–10:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:00–12:50, शुभ
- गुलिक काल, 12:25–13:58, अशुभ
- राहु काल, 15:32–17:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:16–00:02 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:25 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में महाशिवरात्रि मंगल 1 मार्च को क्यों है?
महाशिवरात्रि मंगल 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 1 मार्च को 23:27 से बुध 2 मार्च को 20:06 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:02 बुध–00:48 बुध) उसके भीतर है।
Ipameri में प्रदोष व्रत मंगल 1 मार्च को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 1 मार्च को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 1 मार्च को 02:17 से मंगल 1 मार्च को 23:27 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (18:38–20:57) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि मंगल 1 मार्च को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 1 मार्च को 23:27 से बुध 2 मार्च को 20:06 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:02 बुध–00:48 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 1 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 326.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। द्वादशी उससे पहले 02:17 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 23:27 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 16 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:47, द्वादशी की समाप्ति 10:47 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:11, द्वादशी की समाप्ति 02:17 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
मंगल 1 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:25।
सोम 28 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:39 सोम से सूर्योदय 06:11 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 1 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:00–12:50
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:00–12:50।
मंगल 1 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:16–00:02 बुध।
मंगल 1 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 23:16–00:02 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:41–09:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:16–00:02 बुध।
यहाँ दिन, 06:11 से 18:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:41–09:30 और 23:16–00:02 बुध।
मंगल 1 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:11–07:45 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:11 से 18:38, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:38 से 06:12 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 1 मार्च को राहुकाल कब है? 15:32–17:05
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:32–17:05।
मंगल 1 मार्च को यमगंड कब है? 09:18–10:51
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–10:51।
मंगल 1 मार्च को गुलिक काल कब है? 12:25–13:58
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:25–13:58।
यहाँ दिन 06:11 से 18:38 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 1 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 27 मि का दिन।
मंगल 1 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 1 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 283.1° पर था: श्रवण, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 22:53 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
मंगल 1 मार्च को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 600.1° थे, एक चक्कर और 240.1°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 317° + 283.1° = 600.1°, एक पूरा चक्कर और 240.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 02:27 बुध को समाप्त होता है, फिर शिव।
मंगल 1 मार्च को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 326.2° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 12:56 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 23:27 तक।
मंगल 1 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:12 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 1 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 2 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 3 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
मंगल 1 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
मंगल 1 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1983 · शक 1848
विक्रम संवत 1983 12 अप्रैल 1926 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 1926, 09:56 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 318° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1983 गिनता है; शक संवत 1848।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 1 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:46 बुध
चंद्रमा यहाँ 04:46 बुध पर उदय होता है।
मंगल 1 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:08
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:08 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:46 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:08 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:46 बुध पर उदय होगा।