tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शुक्र 20 अगस्त 1926

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 20:02 तक

फिर त्रयोदशी · 16:56 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:03⁠–⁠20:32
प्रदोष काल 18:03⁠–⁠20:32

प्रदोष व्रत शुक्र 20 अगस्त को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 20 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

व्रत का पारण

श्रावण पुत्रदा एकादशी

पारण शुक्र 20 अगस्त, 06:29 से सूर्यास्त 18:03 तक
श्रावण पुत्रदा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:49 06:29 18:03अगला सूर्योदय 06:28 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:29–07:55चरसामान्य
  • 07:55–09:22लाभगुलिक काल में
  • 09:22–10:49अमृतशुभ
  • 10:49–12:16कालअशुभ
  • 12:16–13:43शुभ
  • 13:43–15:09रोगअशुभ
  • 15:09–16:36उद्वेगअशुभ
  • 16:36–18:03चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:03–19:36रोगअशुभ
  • 19:36–21:09कालअशुभ
  • 21:09–22:42लाभशुभ
  • 22:42–00:15 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:15–01:49 शनिशुभ
  • 01:49–03:22 शनिअमृतशुभ
  • 03:22–04:55 शनिचरसामान्य
  • 04:55–06:28 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 20 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:39, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:29–07:55
  • लाभ, शुभ, 07:55–09:22
  • अमृत, शुभ, 09:22–10:49
  • काल, अशुभ, 10:49–12:16
  • शुभ, 12:16–13:43
  • रोग, अशुभ, 13:43–15:09
  • उद्वेग, अशुभ, 15:09–16:36
  • चर, सामान्य, 16:36–18:03
  • रोग, अशुभ, 18:03–19:36
  • काल, अशुभ, 19:36–21:09
  • लाभ, शुभ, 21:09–22:42
  • उद्वेग, अशुभ, 22:42–00:15 शनि
  • शुभ, 00:15–01:49 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:49–03:22 शनि
  • चर, सामान्य, 03:22–04:55 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:55–06:28 शनि
  • गुलिक काल, 07:55–09:22, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:48–09:34, अशुभ
  • राहु काल, 10:49–12:16, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:39, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:39–13:25, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:09–16:36, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:38 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में प्रदोष व्रत शुक्र 20 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत शुक्र 20 अगस्त को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी त्रयोदशी 20:02 16:00 18:00 22:00 शुक्र 20 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:03–20:32
द्वादशी त्रयोदशी 20:02 16:00 18:00 22:00 शुक्र 20 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:03–20:32
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 20 अगस्त को 20:02 से शनि 21 अगस्त को 16:56 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार के प्रदोष काल (18:03–20:32) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

शुक्र 20 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 136.4° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 136.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 136.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। एकादशी उससे पहले 22:33 गुरु पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 8 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, Ipameri में द्वादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शुक्र 20 अगस्त सुबह शनि 21 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 07:03 22:33 04:32 20:02 05:52 एकादशी 05:52 त्रयोदशी 06:29 द्वादशी 06:28 त्रयोदशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शुक्र 20 अगस्त सुबह शनि 21 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 07:03 22:33 04:32 20:02 05:52 एकादशी 05:52 त्रयोदशी 06:29 द्वादशी 06:28 त्रयोदशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:52, एकादशी की समाप्ति 07:03 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है। द्वादशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:32 शनि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:29, एकादशी की समाप्ति 22:33 गुरु के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

शुक्र 20 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:49–05:39

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:49–05:39।

सूर्यास्त 18:03 गुरु सूर्योदय 06:29 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 19 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:03 गुरु सूर्योदय 06:29 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 19 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 19 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:03 गुरु से सूर्योदय 06:29 तक थी, 12 घं 26 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 20 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:39।

शुक्र 20 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:48–09:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:48–09:34 और 12:39–13:25।

शुक्र 20 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:39–13:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:48–09:34 और 12:39–13:25।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:29 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:48–09:34 और 12:39–13:25।

शुक्र 20 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:29–07:55 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:29 से 18:03, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:03 से 06:28 शनि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 20 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:49–12:16

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:16।

शुक्र 20 अगस्त को यमगंड कब है? 15:09–16:36

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:09–16:36।

शुक्र 20 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:55–09:22

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:55–09:22।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:29 से 18:03 तक है, 11 घं 34 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 20 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 34 मि का दिन।

शुक्र 20 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 18:03, 11 घं 34 मि का दिन।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:40 शनि चंद्रोदय 15:08
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:40 शनि चंद्रोदय 15:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 260.2° पर था: पूर्वाषाढा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 260.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 260.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 260° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:19 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 384° थे, एक चक्कर और 24°: प्रीति।

सूर्य 123.8° + चंद्रमा 260.2° = 384.0° एक चक्कर + 24.0° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 123.8° + चंद्रमा 260.2° = 384.0° एक चक्कर + 24.0° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 123.8° + 260.2° = 384°, एक पूरा चक्कर और 24°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 10:46 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 136.4° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 136.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बव 132°–138° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 136.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बव 132°–138° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:22 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 20:02 तक।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:28 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 8 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 7 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 20 अगस्त पूर्णिमा 25 जुल॰ अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 23 अग॰ अमावस्या 7 सित॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल शुक्र 20 अगस्त पूर्णिमा 25 जुल॰ अमावस्या 8 अग॰ पूर्णिमा 23 अग॰ अमावस्या 7 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

शुक्र 20 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1983 · शक 1848

विक्रम संवत 1983 12 अप्रैल 1926 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 1926 09:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 20 अगस्त सूर्य 123.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 12 अप्रैल 1926 09:56 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 20 अगस्त सूर्य 123.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 1926, 09:56 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 124.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1983 गिनता है; शक संवत 1848।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 20 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:08

चंद्रमा यहाँ 15:08 पर उदय होता है।

शुक्र 20 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:40 शनि

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:40 शनि चंद्रोदय 15:08
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 06:28 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:40 शनि चंद्रोदय 15:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:08 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:40 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:08 पर उदय हुआ; वह फिर 04:40 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।