tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 20 फ़रवरी 1926

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 06:08 18:44अगला सूर्योदय 06:09 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:08–07:43कालअशुभ
  • 07:43–09:17शुभ
  • 09:17–10:52रोगअशुभ
  • 10:52–12:26उद्वेगअशुभ
  • 12:26–14:01चरसामान्य
  • 14:01–15:35लाभयमगण्ड में
  • 15:35–17:09अमृतशुभ
  • 17:09–18:44कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:44–20:10लाभशुभ
  • 20:10–21:35उद्वेगअशुभ
  • 21:35–23:01शुभ
  • 23:01–00:26 रविअमृतशुभ
  • 00:26–01:52 रविचरसामान्य
  • 01:52–03:17 रविरोगअशुभ
  • 03:17–04:43 रविकालअशुभ
  • 04:43–06:09 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 20 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:23, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:08–07:43
  • शुभ, 07:43–09:17
  • रोग, अशुभ, 09:17–10:52
  • उद्वेग, अशुभ, 10:52–12:26
  • चर, सामान्य, 12:26–14:01
  • लाभ, शुभ, 14:01–15:35
  • अमृत, शुभ, 15:35–17:09
  • काल, अशुभ, 17:09–18:44
  • लाभ, शुभ, 18:44–20:10
  • उद्वेग, अशुभ, 20:10–21:35
  • शुभ, 21:35–23:01
  • अमृत, शुभ, 23:01–00:26 रवि
  • चर, सामान्य, 00:26–01:52 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:52–03:17 रवि
  • काल, अशुभ, 03:17–04:43 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:43–06:09 रवि
  • गुलिक काल, 06:08–07:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:08–06:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:59–07:49, अशुभ
  • राहु काल, 09:17–10:52, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:01–12:51, शुभ
  • यमगण्ड, 14:01–15:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:23 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 20 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 99.9° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 99.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 99.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:08। अष्टमी उससे पहले 21:55 शुक्र पर समाप्त हुई। नवमी 23:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 12 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 20 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:23

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:23।

सूर्यास्त 18:45 शुक्र सूर्योदय 06:08 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 19 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:45 शुक्र सूर्योदय 06:08 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 19 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 19 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:45 शुक्र से सूर्योदय 06:08 तक थी, 11 घं 23 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 20 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:01–12:51

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:01–12:51।

शनि 20 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:08–06:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:08–06:59 और 06:59–07:49।

शनि 20 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 06:59–07:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:08–06:59 और 06:59–07:49।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:08 से 18:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:08–06:59 और 06:59–07:49।

शनि 20 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:08–07:43 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:08 से 18:44, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:44 से 06:09 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 20 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 09:17–10:52

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:17–10:52।

शनि 20 फ़रवरी को यमगंड कब है? 14:01–15:35

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:01–15:35।

शनि 20 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 06:08–07:43

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:08–07:43।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:08 से 18:44 तक है, 12 घं 36 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 20 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 36 मि का दिन।

शनि 20 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:04 रवि चंद्रोदय 13:35
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:04 रवि चंद्रोदय 13:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 48.1° पर था: रोहिणी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 48.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 48.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:13 को निकलेगा, मृगशिरा में।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 356.3° थे: वैधृति।

सूर्य 308.2° + चंद्रमा 48.1° = 356.3° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 308.2° + चंद्रमा 48.1° = 356.3° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 308.2° + 48.1° = 356.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 12:46 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 99.9° थी: नवमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 99.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 99.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 10:27 तक है, जब बढ़त 102° होगी; कौलव 23:09 तक।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:08, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:08 से 06:09 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)

12 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 12 फ़रवरी 14:20 शुक्र से 14 मार्च 00:20 रवि तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 00:53 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।

अमान्त फाल्गुन (अधिक) पूर्णिमान्त फाल्गुन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 20 फ़रवरी पूर्णिमा 28 जन॰ अमावस्या 12 फ़र॰ पूर्णिमा 27 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च
अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन (अधिक) फाल्गुन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 20 फ़रवरी पूर्णिमा 28 जन॰ अमावस्या 12 फ़र॰ पूर्णिमा 27 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन (अधिक) है।

शनि 20 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847

विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 11:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 20 फ़रवरी सूर्य 308.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 11:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 20 फ़रवरी सूर्य 308.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 11:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 327.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 20 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:35

चंद्रमा यहाँ 13:35 पर उदय होता है।

शनि 20 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:04 रवि

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:04 रवि चंद्रोदय 13:35
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:09 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 01:04 रवि चंद्रोदय 13:35
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:35 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:04 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:35 पर उदय हुआ; वह फिर 01:04 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।