Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 6 नवंबर 1923
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
धनतेरस
धनतेरस मंगल 6 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। मंगल 6 नवंबर क्यों?
धनतेरस: Ipameri में हर तारीख़व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 6 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। मंगल 6 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 6 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 6 नवंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़6 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 नवंबर
- 04:02–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:32 से
- 10:20–11:56लाभ चौघड़िया
-
10:20–10:38अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · हस्त में
- 11:30–11:56अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:56–13:32अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:08–16:44शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:20 के बाद
- 19:44–21:08लाभ चौघड़िया
- 22:32–22:49शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:34–23:56शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:56–01:20 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:02–04:47 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:32–07:08रोगअशुभ
- 07:08–08:44उद्वेगअशुभ
- 08:44–10:20चरसामान्य
- 10:20–11:56लाभशुभ
- 11:56–13:32अमृतगुलिक काल में
- 13:32–15:08कालअशुभ
- 15:08–16:44शुभराहु काल में
- 16:44–18:20रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:20–19:44कालअशुभ
- 19:44–21:08लाभशुभ
- 21:08–22:32उद्वेगअशुभ
- 22:32–23:56शुभ
- 23:56–01:20 बुधअमृतशुभ
- 01:20–02:44 बुधचरसामान्य
- 02:44–04:07 बुधरोगअशुभ
- 04:07–05:31 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:47, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:32–07:08
- उद्वेग, अशुभ, 07:08–08:44
- चर, सामान्य, 08:44–10:20
- लाभ, शुभ, 10:20–11:56
- अमृत, शुभ, 11:56–13:32
- काल, अशुभ, 13:32–15:08
- शुभ, 15:08–16:44
- रोग, अशुभ, 16:44–18:20
- काल, अशुभ, 18:20–19:44
- लाभ, शुभ, 19:44–21:08
- उद्वेग, अशुभ, 21:08–22:32
- शुभ, 22:32–23:56
- अमृत, शुभ, 23:56–01:20 बुध
- चर, सामान्य, 01:20–02:44 बुध
- रोग, अशुभ, 02:44–04:07 बुध
- काल, अशुभ, 04:07–05:31 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:05–08:57, अशुभ
- यमगण्ड, 08:44–10:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:30–12:22, शुभ
- गुलिक काल, 11:56–13:32, अशुभ
- राहु काल, 15:08–16:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:49–23:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:47 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में धनतेरस मंगल 6 नवंबर को क्यों है?
धनतेरस मंगल 6 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 5 नवंबर को 23:16 से मंगल 6 नवंबर को 20:00 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रदोष काल (18:20–20:35) को छूती है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:20–20:35। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:58 से 20:35 तक उदित रहता है।
Ipameri में प्रदोष व्रत मंगल 6 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 6 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 5 नवंबर को 23:16 से मंगल 6 नवंबर को 20:00 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रदोष काल (18:20–20:35) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि मंगल 6 नवंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 6 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 6 नवंबर को 20:00 से बुध 7 नवंबर को 16:19 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:34–00:18 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:32। द्वादशी उससे पहले 23:16 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 20:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 24 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:35, द्वादशी की समाप्ति 07:46 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:30 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:32, द्वादशी की समाप्ति 23:16 सोम के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
मंगल 6 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:02–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:02–04:47।
सोम 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:20 सोम से सूर्योदय 05:32 तक थी, 11 घं 12 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 6 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:30–12:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:30–12:22।
मंगल 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:05–08:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:05–08:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:34।
मंगल 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:49–23:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:05–08:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:34।
यहाँ दिन, 05:32 से 18:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:05–08:57 और 22:49–23:34।
मंगल 6 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:32–07:08 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:32 से 18:20, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:20 से 05:31 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 6 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:08–16:44
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:44।
मंगल 6 नवंबर को यमगंड कब है? 08:44–10:20
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:44–10:20।
मंगल 6 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:56–13:32
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:32।
यहाँ दिन 05:32 से 18:20 तक है, 12 घं 48 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 6 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 18:20, 12 घं 48 मि का दिन।
मंगल 6 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 18:20, 12 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 167.7° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:35 को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 367.8° थे, एक चक्कर और 7.8°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 200.1° + 167.7° = 367.8°, एक पूरा चक्कर और 7.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 13:51 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 327.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:42 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 20:00 तक।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:32, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:32 से 05:31 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 8 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 6 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1980 · शक 1845
विक्रम संवत 1980 17 मार्च 1923 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 1923, 09:51 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 227° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1980 गिनता है; शक संवत 1845।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 6 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:41 बुध
चंद्रमा यहाँ 04:41 बुध पर उदय होता है।
मंगल 6 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:25
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:25 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:41 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:25 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:41 बुध पर उदय होगा।