Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 9 अक्टूबर 1923
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
सर्व पितृ अमावस्या
सर्व पितृ अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं। मंगल 9 अक्टूबर क्यों?
सर्व पितृ अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 9 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़9 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 9 अक्टूबर
- 04:16–05:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:49 से
- 10:27–12:00लाभ चौघड़िया
- 11:35–12:00अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:00–13:33अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:06–16:38शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:11 के बाद
- 19:38–21:05लाभ चौघड़िया
-
22:05–22:50अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · हस्त में
- 22:32–22:50शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:36–00:00 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:00–01:27 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:15–05:02 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:49–07:22रोगअशुभ
- 07:22–08:54उद्वेगअशुभ
- 08:54–10:27चरसामान्य
- 10:27–12:00लाभशुभ
- 12:00–13:33अमृतगुलिक काल में
- 13:33–15:06कालअशुभ
- 15:06–16:38शुभराहु काल में
- 16:38–18:11रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:11–19:38कालअशुभ
- 19:38–21:05लाभशुभ
- 21:05–22:32उद्वेगअशुभ
- 22:32–00:00 बुधशुभ
- 00:00–01:27 बुधअमृतशुभ
- 01:27–02:54 बुधचरसामान्य
- 02:54–04:21 बुधरोगअशुभ
- 04:21–05:48 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 9 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:16–05:02, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:49–07:22
- उद्वेग, अशुभ, 07:22–08:54
- चर, सामान्य, 08:54–10:27
- लाभ, शुभ, 10:27–12:00
- अमृत, शुभ, 12:00–13:33
- काल, अशुभ, 13:33–15:06
- शुभ, 15:06–16:38
- रोग, अशुभ, 16:38–18:11
- काल, अशुभ, 18:11–19:38
- लाभ, शुभ, 19:38–21:05
- उद्वेग, अशुभ, 21:05–22:32
- शुभ, 22:32–00:00 बुध
- अमृत, शुभ, 00:00–01:27 बुध
- चर, सामान्य, 01:27–02:54 बुध
- रोग, अशुभ, 02:54–04:21 बुध
- काल, अशुभ, 04:21–05:48 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:17–09:07, अशुभ
- यमगण्ड, 08:54–10:27, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:25, शुभ
- गुलिक काल, 12:00–13:33, अशुभ
- राहु काल, 15:06–16:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:50–23:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–05:02 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में सर्व पितृ अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को क्यों है?
सर्व पितृ अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं।
सब पितरों का श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को 06:32 से बुध 10 अक्टूबर को 03:05 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का अपराह्न (13:14–15:43) उसके भीतर है। सर्व पितृ अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 9 अक्टूबर को 06:32 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 10 अक्टूबर को 03:05 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 9 अक्टूबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:49। त्रयोदशी उससे पहले 09:35 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 24 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 06:32 को शुरू हुई और 03:05 बुध को समाप्त, 05:49 और 05:48 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को चतुर्दशी है और बुधवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 9 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:16–05:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:16–05:02।
सोम 8 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:11 सोम से सूर्योदय 05:49 तक थी, 11 घं 38 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 9 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:25।
मंगल 9 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–09:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:17–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:50–23:36।
मंगल 9 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:50–23:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:17–09:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:50–23:36।
यहाँ दिन, 05:49 से 18:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:17–09:07 और 22:50–23:36।
मंगल 9 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:49–07:22 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:49 से 18:11, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:11 से 05:48 बुध, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 9 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:06–16:38
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:06–16:38।
मंगल 9 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:54–10:27
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:54–10:27।
मंगल 9 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:00–13:33
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:00–13:33।
यहाँ दिन 05:49 से 18:11 तक है, 12 घं 22 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 9 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:11, 12 घं 22 मि का दिन।
मंगल 9 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:11, 12 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 159.8° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:05 को निकलेगा, हस्त में।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 332° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 172.2° + 159.8° = 332°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 07:43 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 20:07 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 06:32 तक है।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:49, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:49 से 05:48 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 10 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 10 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
मंगल 9 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1980 · शक 1845
विक्रम संवत 1980 17 मार्च 1923 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 1923, 09:51 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 199.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1980 गिनता है; शक संवत 1845।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 9 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:45
चंद्रमा यहाँ 17:45 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:45 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।