Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 10 दिसंबर 1921
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
गीता जयंती
गीता जयंती शनि 10 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। शनि 10 दिसंबर क्यों?
गीता जयंती: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मोक्षदा एकादशी
मोक्षदा एकादशी शनि 10 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 10 दिसंबर क्यों?
मोक्षदा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़10 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 10 दिसंबर
- 04:03–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:30 से
- 07:16–08:48शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:29–12:12अमृत कालरेवती में
- 11:39–12:32अभिजीत मुहूर्त
- 13:44–15:23लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:23–17:01अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:40 के बाद
- 18:40–20:01लाभ चौघड़िया
- 21:23–22:44शुभ चौघड़िया
- 22:44–00:05 रविअमृत चौघड़िया
- 04:09–05:31 रविलाभ चौघड़िया
- 04:04–04:47 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:30–07:09कालअशुभ
- 07:09–08:48शुभ
- 08:48–10:26रोगअशुभ
- 10:26–12:05उद्वेगअशुभ
- 12:05–13:44चरसामान्य
- 13:44–15:23लाभयमगण्ड में
- 15:23–17:01अमृतशुभ
- 17:01–18:40कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:40–20:01लाभशुभ
- 20:01–21:23उद्वेगअशुभ
- 21:23–22:44शुभ
- 22:44–00:05 रविअमृतशुभ
- 00:05–01:27 रविचरसामान्य
- 01:27–02:48 रविरोगअशुभ
- 02:48–04:09 रविकालअशुभ
- 04:09–05:31 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 10 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:03–04:47, शुभ
- काल, अशुभ, 05:30–07:09
- शुभ, 07:09–08:48
- रोग, अशुभ, 08:48–10:26
- उद्वेग, अशुभ, 10:26–12:05
- चर, सामान्य, 12:05–13:44
- लाभ, शुभ, 13:44–15:23
- अमृत, शुभ, 15:23–17:01
- काल, अशुभ, 17:01–18:40
- लाभ, शुभ, 18:40–20:01
- उद्वेग, अशुभ, 20:01–21:23
- शुभ, 21:23–22:44
- अमृत, शुभ, 22:44–00:05 रवि
- चर, सामान्य, 00:05–01:27 रवि
- रोग, अशुभ, 01:27–02:48 रवि
- काल, अशुभ, 02:48–04:09 रवि
- लाभ, शुभ, 04:09–05:31 रवि
- गुलिक काल, 05:30–07:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:30–06:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:23–07:16, अशुभ
- राहु काल, 08:48–10:26, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:39–12:32, शुभ
- यमगण्ड, 13:44–15:23, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:47 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में गीता जयंती शनि 10 दिसंबर को क्यों है?
गीता जयंती शनि 10 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है।
गीता जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। एकादशी शनि 10 दिसंबर को 03:17 से रवि 11 दिसंबर को 04:06 तक है, इसलिए वह केवल शनि 10 दिसंबर के सूर्योदय (05:30) पर है। गीता जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मोक्षदा एकादशी शनि 10 दिसंबर को क्यों है?
मोक्षदा एकादशी शनि 10 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 10 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:30: शनि 10 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:17 पर, उससे (03:54–05:30) पहले, समाप्त हुई।
शनि 10 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 121.1° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:30। दशमी उससे पहले 03:17 पर समाप्त हुई। एकादशी 04:06 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 29 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Ipameri में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:02, दशमी की समाप्ति 11:47 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:30, दशमी की समाप्ति 03:17 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
शनि 10 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:03–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:03–04:47।
शुक्र 9 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:40 शुक्र से सूर्योदय 05:30 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 10 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:39–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:39–12:32।
शनि 10 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:30–06:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:30–06:23 और 06:23–07:16।
शनि 10 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:23–07:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:30–06:23 और 06:23–07:16।
यहाँ दिन, 05:30 से 18:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:30–06:23 और 06:23–07:16।
शनि 10 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:30–07:09 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:30 से 18:40, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:40 से 05:31 रवि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 10 दिसंबर को राहुकाल कब है? 08:48–10:26
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:48–10:26।
शनि 10 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:44–15:23
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:44–15:23।
शनि 10 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 05:30–07:09
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:30–07:09।
यहाँ दिन 05:30 से 18:40 तक है, 13 घं 10 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 10 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 18:40, 13 घं 10 मि का दिन।
शनि 10 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 18:40, 13 घं 10 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 356.1° पर था: रेवती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:04 को निकलेगा, अश्विनी में।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 591.1° थे, एक चक्कर और 231.1°: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 235° + 356.1° = 591.1°, एक पूरा चक्कर और 231.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 21:18 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 121.1° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 15:47 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 04:06 रवि तक।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:30, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:30 से 05:31 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 29 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 29 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
शनि 10 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1978 · शक 1843
विक्रम संवत 1978 8 अप्रैल 1921 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1921, 06:04 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 239.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1978 गिनता है; शक संवत 1843।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 10 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:36
चंद्रमा यहाँ 14:36 पर उदय होता है।
शनि 10 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:34 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:36 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:34 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:36 पर उदय हुआ; वह फिर 02:34 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।