tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 6 जुलाई 1921

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 06:51 तक

फिर द्वितीया · 03:06 गुरु तक

यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं कारण जानें

त्योहार

रथ यात्रा

रथ यात्रा बुध 6 जुलाई को है: द्वितीया किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 6 जुलाई क्यों?

रथ यात्रा: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:00 06:44 17:50अगला सूर्योदय 06:44 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:44–08:07लाभशुभ
  • 08:07–09:30अमृतयमगण्ड में
  • 09:30–10:54कालअशुभ
  • 10:54–12:17शुभगुलिक काल में
  • 12:17–13:40रोगअशुभ
  • 13:40–15:03उद्वेगअशुभ
  • 15:03–16:27चरसामान्य
  • 16:27–17:50लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:50–19:27उद्वेगअशुभ
  • 19:27–21:03शुभ
  • 21:03–22:40अमृतशुभ
  • 22:40–00:17 गुरुचरसामान्य
  • 00:17–01:54 गुरुरोगअशुभ
  • 01:54–03:30 गुरुकालअशुभ
  • 03:30–05:07 गुरुलाभशुभ
  • 05:07–06:44 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 6 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:52, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:44–08:07
  • अमृत, शुभ, 08:07–09:30
  • काल, अशुभ, 09:30–10:54
  • शुभ, 10:54–12:17
  • रोग, अशुभ, 12:17–13:40
  • उद्वेग, अशुभ, 13:40–15:03
  • चर, सामान्य, 15:03–16:27
  • लाभ, शुभ, 16:27–17:50
  • उद्वेग, अशुभ, 17:50–19:27
  • शुभ, 19:27–21:03
  • अमृत, शुभ, 21:03–22:40
  • चर, सामान्य, 22:40–00:17 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:17–01:54 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:54–03:30 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:30–05:07 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:07–06:44 गुरु
  • यमगण्ड, 08:07–09:30, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:54–12:17, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:55–12:39, अशुभ
  • राहु काल, 12:17–13:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:52 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में रथ यात्रा बुध 6 जुलाई को क्यों है?

रथ यात्रा बुध 6 जुलाई को है: द्वितीया किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

प्रतिपदा द्वितीया 06:51 05:00 06:00 08:00 बुध 6 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:44
प्रतिपदा द्वितीया 06:51 05:00 06:00 08:00 बुध 6 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:44
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

रथ यात्रा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। द्वितीया बुध 6 जुलाई को 06:51 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 7 जुलाई को 03:06 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 6 जुलाई। रथ यात्रा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

रथ यात्रा: Ipameri में हर तारीख़

बुध 6 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.9° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। अमावस्या उससे पहले 10:35 मंगल पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 06:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 5 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वितीया क्षय क्यों है?

द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया बुध 6 जुलाई सुबह गुरु 7 जुलाई सुबह Ipameri UTC−3 06:51 03:06 06:44 प्रतिपदा 06:44 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया बुध 6 जुलाई सुबह गुरु 7 जुलाई सुबह Ipameri UTC−3 06:51 03:06 06:44 प्रतिपदा 06:44 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 06:51 को शुरू हुई और 03:06 गुरु को समाप्त, 06:44 और 06:44 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को प्रतिपदा है और गुरुवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 6 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:00–05:52

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:00–05:52।

सूर्यास्त 17:50 मंगल सूर्योदय 06:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 5 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:50 मंगल सूर्योदय 06:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 5 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 5 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:50 मंगल से सूर्योदय 06:44 तक थी, 12 घं 54 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 6 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:55–12:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:55–12:39।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 17:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:55–12:39: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 6 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:44–08:07 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 17:50, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:50 से 06:44 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 6 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:17–13:40

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:17–13:40।

बुध 6 जुलाई को यमगंड कब है? 08:07–09:30

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:07–09:30।

बुध 6 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:54–12:17

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:17।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:44 से 17:50 तक है, 11 घं 6 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 6 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:50, 11 घं 6 मि का दिन।

बुध 6 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:50, 11 घं 6 मि का दिन।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 07:27
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 07:27
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 6 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 6 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 92.9° पर था: पुनर्वसु, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.9° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.9° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:23 को निकलेगा, पुष्य में।

बुध 6 जुलाई को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 173.9° थे: हर्षण।

सूर्य 81.0° + चंद्रमा 92.9° = 173.9° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 81.0° + चंद्रमा 92.9° = 173.9° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 81° + 92.9° = 173.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 01:42 गुरु को समाप्त होता है, फिर वज्र।

बुध 6 जुलाई को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 11.9° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 20:44 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 06:51 तक है।

बुध 6 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:44 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 6 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 5 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 15 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 3 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

बुध 6 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 6 जुलाई पूर्णिमा 20 जून अमावस्या 5 जुल॰ पूर्णिमा 19 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 6 जुलाई पूर्णिमा 20 जून अमावस्या 5 जुल॰ पूर्णिमा 19 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

बुध 6 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1978 · शक 1843

विक्रम संवत 1978 8 अप्रैल 1921 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 1921 06:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 6 जुलाई सूर्य 81.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 1921 06:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 6 जुलाई सूर्य 81.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1921, 06:04 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 85.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1978 गिनता है; शक संवत 1843।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 6 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:27

चंद्रमा यहाँ 07:27 पर उदय होता है।

बुध 6 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:14

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 07:27
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 17:50 सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 07:27
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:27 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:14 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:27 पर उदय हुआ; वह फिर 19:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।