Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 27 जुलाई 1920
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 27 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 27 जुलाई क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
पद्मिनी एकादशी
27 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 27 जुलाई
- 04:59–05:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:41 से
- 10:54–12:19लाभ चौघड़िया
- 11:56–12:19अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:19–13:43अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:08–16:32शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 19:32–21:08लाभ चौघड़िया
-
22:28–23:02अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · मूल में
- 22:43–23:02शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:53–00:19 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
23:53–00:16 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · मूल में
- 00:19–01:54 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:58–05:49 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:41–08:05रोगअशुभ
- 08:05–09:30उद्वेगअशुभ
- 09:30–10:54चरसामान्य
- 10:54–12:19लाभशुभ
- 12:19–13:43अमृतगुलिक काल में
- 13:43–15:08कालअशुभ
- 15:08–16:32शुभराहु काल में
- 16:32–17:57रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:32कालअशुभ
- 19:32–21:08लाभशुभ
- 21:08–22:43उद्वेगअशुभ
- 22:43–00:19 बुधशुभ
- 00:19–01:54 बुधअमृतशुभ
- 01:54–03:29 बुधचरसामान्य
- 03:29–05:05 बुधरोगअशुभ
- 05:05–06:40 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 27 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:50, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:41–08:05
- उद्वेग, अशुभ, 08:05–09:30
- चर, सामान्य, 09:30–10:54
- लाभ, शुभ, 10:54–12:19
- अमृत, शुभ, 12:19–13:43
- काल, अशुभ, 13:43–15:08
- शुभ, 15:08–16:32
- रोग, अशुभ, 16:32–17:57
- काल, अशुभ, 17:57–19:32
- लाभ, शुभ, 19:32–21:08
- उद्वेग, अशुभ, 21:08–22:43
- शुभ, 22:43–00:19 बुध
- अमृत, शुभ, 00:19–01:54 बुध
- चर, सामान्य, 01:54–03:29 बुध
- रोग, अशुभ, 03:29–05:05 बुध
- काल, अशुभ, 05:05–06:40 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:56–09:41, अशुभ
- यमगण्ड, 09:30–10:54, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:41, शुभ
- गुलिक काल, 12:19–13:43, अशुभ
- राहु काल, 15:08–16:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:02–23:53, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:49 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत मंगल 27 जुलाई को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 27 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 27 जुलाई को 13:56 से बुध 28 जुलाई को 16:19 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:57–20:30) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 27 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 140.7° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:41। एकादशी उससे पहले 11:26 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 13:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 15 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 27 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:50।
सोम 26 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:57 सोम से सूर्योदय 06:41 तक थी, 12 घं 44 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 27 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:41।
मंगल 27 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:56–09:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:56–09:41, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:53।
मंगल 27 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:02–23:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:56–09:41, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:53।
यहाँ दिन, 06:41 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:56–09:41 और 23:02–23:53।
मंगल 27 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:41–08:05 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:41 से 17:57, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:40 बुध, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 27 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:08–16:32
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:32।
मंगल 27 जुलाई को यमगंड कब है? 09:30–10:54
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:30–10:54।
मंगल 27 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:19–13:43
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:19–13:43।
यहाँ दिन 06:41 से 17:57 तक है, 11 घं 16 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 27 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 16 मि का दिन।
मंगल 27 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 242° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:40 बुध को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 343.3° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 101.3° + 242° = 343.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 13:05 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 140.7° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 00:41 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 13:56 तक है।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:41, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:41 से 06:40 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
15 जुलाई और 14 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जुलाई 17:24 गुरु से 14 अगस्त 00:43 शनि तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 15 अगस्त 19:42 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
मंगल 27 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1977 · शक 1842
विक्रम संवत 1977 20 मार्च 1920 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1920, 07:55 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 124.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1977 गिनता है; शक संवत 1842।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 27 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:22
चंद्रमा यहाँ 15:22 पर उदय होता है।
मंगल 27 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:38 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:22 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:38 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:22 पर उदय हुआ; वह फिर 04:38 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।