Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 3 दिसंबर 1918
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 3 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 3 दिसंबर क्यों?
अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़3 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 3 दिसंबर
- 04:01–04:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:28 से
- 10:24–12:02लाभ चौघड़िया
- 11:36–12:02अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:02–13:40अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:19–16:57शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 19:57–21:19लाभ चौघड़िया
- 22:41–22:57शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:40–00:02 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:02–01:24 बुधअमृत चौघड़िया
-
02:14–03:57 बुधअमृत कालज्येष्ठा में
- 04:02–04:45 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:28–07:07रोगअशुभ
- 07:07–08:45उद्वेगअशुभ
- 08:45–10:24चरसामान्य
- 10:24–12:02लाभशुभ
- 12:02–13:40अमृतगुलिक काल में
- 13:40–15:19कालअशुभ
- 15:19–16:57शुभराहु काल में
- 16:57–18:36रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–19:57कालअशुभ
- 19:57–21:19लाभशुभ
- 21:19–22:41उद्वेगअशुभ
- 22:41–00:02 बुधशुभ
- 00:02–01:24 बुधअमृतशुभ
- 01:24–02:45 बुधचरसामान्य
- 02:45–04:07 बुधरोगअशुभ
- 04:07–05:29 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 3 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:28–07:07
- उद्वेग, अशुभ, 07:07–08:45
- चर, सामान्य, 08:45–10:24
- लाभ, शुभ, 10:24–12:02
- अमृत, शुभ, 12:02–13:40
- काल, अशुभ, 13:40–15:19
- शुभ, 15:19–16:57
- रोग, अशुभ, 16:57–18:36
- काल, अशुभ, 18:36–19:57
- लाभ, शुभ, 19:57–21:19
- उद्वेग, अशुभ, 21:19–22:41
- शुभ, 22:41–00:02 बुध
- अमृत, शुभ, 00:02–01:24 बुध
- चर, सामान्य, 01:24–02:45 बुध
- रोग, अशुभ, 02:45–04:07 बुध
- काल, अशुभ, 04:07–05:29 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:06–08:58, अशुभ
- यमगण्ड, 08:45–10:24, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:28, शुभ
- गुलिक काल, 12:02–13:40, अशुभ
- राहु काल, 15:19–16:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:57–23:40, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:02–04:45 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में अमावस्या मंगल 3 दिसंबर को क्यों है?
अमावस्या मंगल 3 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 2 दिसंबर को 10:32 से मंगल 3 दिसंबर को 12:18 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 3 दिसंबर के सूर्योदय (05:28) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 356.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। चतुर्दशी उससे पहले 10:32 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 12:18 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 18 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 3 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:01–04:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:01–04:45।
सोम 2 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:35 सोम से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 53 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 3 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:28।
मंगल 3 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:06–08:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–08:58, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:40।
मंगल 3 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:57–23:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:06–08:58, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:40।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:06–08:58 और 22:57–23:40।
मंगल 3 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:28–07:07 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:36, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 05:29 बुध, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 3 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:19–16:57
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:19–16:57।
मंगल 3 दिसंबर को यमगंड कब है? 08:45–10:24
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:45–10:24।
मंगल 3 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:02–13:40
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:02–13:40।
यहाँ दिन 05:28 से 18:36 तक है, 13 घं 8 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 3 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:36, 13 घं 8 मि का दिन।
मंगल 3 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:36, 13 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 53 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 224.4° पर था: अनुराधा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 223°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:49 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 452° थे, एक चक्कर और 92°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 227.6° + 224.4° = 452°, एक पूरा चक्कर और 92°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 07:43 को समाप्त होता है, फिर धृति।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 356.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 23:28 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 12:18 तक है।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:29 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 3 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 3 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
मंगल 3 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1975 · शक 1840
विक्रम संवत 1975 11 अप्रैल 1918 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 1918, 01:33 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 229.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1975 गिनता है; शक संवत 1840।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 3 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:45
चंद्रमा यहाँ 18:45 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:45 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।