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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग रवि 11 अगस्त 1912

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:53 06:34 18:01अगला सूर्योदय 06:33 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:34–08:00उद्वेगअशुभ
  • 08:00–09:26चरसामान्य
  • 09:26–10:52लाभशुभ
  • 10:52–12:17अमृतशुभ
  • 12:17–13:43कालअशुभ
  • 13:43–15:09शुभ
  • 15:09–16:35रोगअशुभ
  • 16:35–18:01उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:01–19:35शुभ
  • 19:35–21:09अमृतशुभ
  • 21:09–22:43चरसामान्य
  • 22:43–00:17 सोमरोगअशुभ
  • 00:17–01:51 सोमकालअशुभ
  • 01:51–03:25 सोमलाभशुभ
  • 03:25–04:59 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:59–06:33 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 11 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:44, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:34–08:00
  • चर, सामान्य, 08:00–09:26
  • लाभ, शुभ, 09:26–10:52
  • अमृत, शुभ, 10:52–12:17
  • काल, अशुभ, 12:17–13:43
  • शुभ, 13:43–15:09
  • रोग, अशुभ, 15:09–16:35
  • उद्वेग, अशुभ, 16:35–18:01
  • शुभ, 18:01–19:35
  • अमृत, शुभ, 19:35–21:09
  • चर, सामान्य, 21:09–22:43
  • रोग, अशुभ, 22:43–00:17 सोम
  • काल, अशुभ, 00:17–01:51 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:51–03:25 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:25–04:59 सोम
  • शुभ, 04:59–06:33 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:55–12:40, शुभ
  • यमगण्ड, 12:17–13:43, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:09–16:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:29–17:15, अशुभ
  • राहु काल, 16:35–18:01, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:43 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 11 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 339.5° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 339.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 339.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। त्रयोदशी उससे पहले 00:38 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 20:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 29 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Ipameri में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या रवि 11 अगस्त सुबह सोम 12 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:08 00:38 05:19 20:49 05:47 त्रयोदशी 05:48 अमावस्या 06:34 चतुर्दशी 06:33 अमावस्या
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या रवि 11 अगस्त सुबह सोम 12 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 09:08 00:38 05:19 20:49 05:47 त्रयोदशी 05:48 अमावस्या 06:34 चतुर्दशी 06:33 अमावस्या
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:47, त्रयोदशी की समाप्ति 09:08 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है। चतुर्दशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:19 सोम को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता: वह क्षय है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:34, त्रयोदशी की समाप्ति 00:38 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

रवि 11 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:44।

सूर्यास्त 18:01 शनि सूर्योदय 06:34 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 10 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:01 शनि सूर्योदय 06:34 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 10 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 10 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:01 शनि से सूर्योदय 06:34 तक थी, 12 घं 33 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 11 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:55–12:40

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:55–12:40।

रवि 11 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:29–17:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:29–17:15।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:34 से 18:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:29–17:15।

रवि 11 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:34–08:00 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:34 से 18:01, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:01 से 06:33 सोम, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 11 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:35–18:01

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:35–18:01।

रवि 11 अगस्त को यमगंड कब है? 12:17–13:43

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:17–13:43।

रवि 11 अगस्त को गुलिक काल कब है? 15:09–16:35

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:09–16:35।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:34 से 18:01 तक है, 11 घं 28 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 11 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 18:01, 11 घं 28 मि का दिन।

रवि 11 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 18:01, 11 घं 28 मि का दिन।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:51 चंद्रोदय 06:27 सोम
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:51 चंद्रोदय 06:27 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 11 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 95.2° पर था: पुष्य, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 95.2° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 95.2° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 93°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:37 सोम को निकलेगा, अश्लेशा में।

रवि 11 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 210.9° थे: सिद्धि।

सूर्य 115.7° + चंद्रमा 95.2° = 210.9° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 115.7° + चंद्रमा 95.2° = 210.9° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 115.7° + 95.2° = 210.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 10:13 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

रवि 11 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 339.5° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 339.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 339.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° विष्टि 336°–342° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 10:45 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 20:49 तक।

रवि 11 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:33 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 11 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 14 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 15 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 12 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

रवि 11 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल रवि 11 अगस्त अमावस्या 14 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰ अमावस्या 12 अग॰ पूर्णिमा 27 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल रवि 11 अगस्त अमावस्या 14 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰ अमावस्या 12 अग॰ पूर्णिमा 27 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

रवि 11 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1969 · शक 1834

विक्रम संवत 1969 18 मार्च 1912 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1912 19:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 11 अगस्त सूर्य 115.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1912 19:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 11 अगस्त सूर्य 115.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1912, 19:08 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 140.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1969 गिनता है; शक संवत 1834।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 11 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:27 सोम

चंद्रमा यहाँ 06:27 सोम पर उदय होता है।

रवि 11 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:51

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:51 चंद्रोदय 06:27 सोम
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 18:01 सूर्योदय 06:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:51 चंद्रोदय 06:27 सोम
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:51 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:27 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:51 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:27 सोम पर उदय होगा।