Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 25 जून 1907
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा मंगल 25 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। मंगल 25 जून क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़25 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 जून
- 04:59–05:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:42 से
- 10:51–12:14लाभ चौघड़िया
- 11:52–12:14अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:14–13:38अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:01–16:24शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:10–18:34अमृत कालमूल में
- सूर्यास्त 17:47 के बाद
- 19:24–21:01लाभ चौघड़िया
- 22:38–22:57शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:49–00:15 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:15–01:52 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:59–05:51 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:42–08:05रोगअशुभ
- 08:05–09:28उद्वेगअशुभ
- 09:28–10:51चरसामान्य
- 10:51–12:14लाभशुभ
- 12:14–13:38अमृतगुलिक काल में
- 13:38–15:01कालअशुभ
- 15:01–16:24शुभराहु काल में
- 16:24–17:47रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:47–19:24कालअशुभ
- 19:24–21:01लाभशुभ
- 21:01–22:38उद्वेगअशुभ
- 22:38–00:15 बुधशुभ
- 00:15–01:52 बुधअमृतशुभ
- 01:52–03:29 बुधचरसामान्य
- 03:29–05:06 बुधरोगअशुभ
- 05:06–06:43 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 25 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:42–08:05
- उद्वेग, अशुभ, 08:05–09:28
- चर, सामान्य, 09:28–10:51
- लाभ, शुभ, 10:51–12:14
- अमृत, शुभ, 12:14–13:38
- काल, अशुभ, 13:38–15:01
- शुभ, 15:01–16:24
- रोग, अशुभ, 16:24–17:47
- काल, अशुभ, 17:47–19:24
- लाभ, शुभ, 19:24–21:01
- उद्वेग, अशुभ, 21:01–22:38
- शुभ, 22:38–00:15 बुध
- अमृत, शुभ, 00:15–01:52 बुध
- चर, सामान्य, 01:52–03:29 बुध
- रोग, अशुभ, 03:29–05:06 बुध
- काल, अशुभ, 05:06–06:43 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:55–09:40, अशुभ
- यमगण्ड, 09:28–10:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:37, शुभ
- गुलिक काल, 12:14–13:38, अशुभ
- राहु काल, 15:01–16:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:57–23:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:51 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा मंगल 25 जून को क्यों है?
पूर्णिमा मंगल 25 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 24 जून को 22:07 से मंगल 25 जून को 18:20 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 25 जून के सूर्योदय (06:36) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 25 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 173° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:42। चतुर्दशी उससे पहले 22:13 सोम पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 18:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 10 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:24, चतुर्दशी की समाप्ति 06:43 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। पूर्णिमा अगले सूर्योदय से पहले, 02:56 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता: वह क्षय है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 06:42, चतुर्दशी की समाप्ति 22:13 सोम के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
मंगल 25 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:59–05:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:59–05:51।
सोम 24 जून की रात सूर्यास्त 17:46 सोम से सूर्योदय 06:42 तक थी, 12 घं 56 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 25 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:37
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:37।
मंगल 25 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:55–09:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:55–09:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:49।
मंगल 25 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 22:57–23:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:55–09:40, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:57–23:49।
यहाँ दिन, 06:42 से 17:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:55–09:40 और 22:57–23:49।
मंगल 25 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:42–08:05 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:42 से 17:47, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:47 से 06:43 बुध, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 25 जून को राहुकाल कब है? 15:01–16:24
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:01–16:24।
मंगल 25 जून को यमगंड कब है? 09:28–10:51
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:28–10:51।
मंगल 25 जून को गुलिक काल कब है? 12:14–13:38
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:38।
यहाँ दिन 06:42 से 17:47 तक है, 11 घं 4 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 25 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 4 मि का दिन।
मंगल 25 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:42, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 25 जून को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 243.1° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 22:47 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
मंगल 25 जून को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 313.2° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 70.1° + 243.1° = 313.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 16:43 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
मंगल 25 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 173° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 08:21 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 18:26 तक।
मंगल 25 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:42, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:42 से 06:43 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 25 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 10 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 10 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 25 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
मंगल 25 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1964 · शक 1829
विक्रम संवत 1964 12 अप्रैल 1907 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 1907, 16:05 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 70.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1964 गिनता है; शक संवत 1829।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 25 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:44
चंद्रमा यहाँ 17:44 पर उदय होता है।
चंद्रमा 17:44 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।