Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 14 नवंबर 1906
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 14 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। बुध 14 नवंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़14 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 14 नवंबर
- 04:00–04:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:29 से
- 05:29–07:06लाभ चौघड़िया
- 07:06–08:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:49–10:20अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · चित्रा में
- 10:20–11:57शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:48–18:25लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:25 के बाद
- 19:48–21:11शुभ चौघड़िया
- 21:11–22:34अमृत चौघड़िया
- 02:43–04:06 गुरुलाभ चौघड़िया
-
05:08–05:29 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · स्वाती में
- 04:00–04:45 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:29–07:06लाभशुभ
- 07:06–08:43अमृतयमगण्ड में
- 08:43–10:20कालअशुभ
- 10:20–11:57शुभगुलिक काल में
- 11:57–13:34रोगअशुभ
- 13:34–15:11उद्वेगअशुभ
- 15:11–16:48चरसामान्य
- 16:48–18:25लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:25–19:48उद्वेगअशुभ
- 19:48–21:11शुभ
- 21:11–22:34अमृतशुभ
- 22:34–23:57चरसामान्य
- 23:57–01:20 गुरुरोगअशुभ
- 01:20–02:43 गुरुकालअशुभ
- 02:43–04:06 गुरुलाभशुभ
- 04:06–05:29 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 14 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:45, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:29–07:06
- अमृत, शुभ, 07:06–08:43
- काल, अशुभ, 08:43–10:20
- शुभ, 10:20–11:57
- रोग, अशुभ, 11:57–13:34
- उद्वेग, अशुभ, 13:34–15:11
- चर, सामान्य, 15:11–16:48
- लाभ, शुभ, 16:48–18:25
- उद्वेग, अशुभ, 18:25–19:48
- शुभ, 19:48–21:11
- अमृत, शुभ, 21:11–22:34
- चर, सामान्य, 22:34–23:57
- रोग, अशुभ, 23:57–01:20 गुरु
- काल, अशुभ, 01:20–02:43 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:43–04:06 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:06–05:29 गुरु
- यमगण्ड, 07:06–08:43, अशुभ
- गुलिक काल, 10:20–11:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:31–12:23, अशुभ
- राहु काल, 11:57–13:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:45 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में मासिक शिवरात्रि बुध 14 नवंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 14 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 14 नवंबर को 12:31 से गुरु 15 नवंबर को 09:10 तक है, इसलिए केवल बुधवार की रात का निशीथ काल (23:28–00:12 गुरु) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 14 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 331.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:29। द्वादशी उससे पहले 15:29 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 12:38 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 14 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:45।
मंगल 13 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:24 मंगल से सूर्योदय 05:29 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:31–12:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:31–12:23।
यहाँ दिन, 05:29 से 18:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:31–12:23: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 14 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:29–07:06 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:29 से 18:25, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:25 से 05:29 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 14 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:57–13:34
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:34।
बुध 14 नवंबर को यमगंड कब है? 07:06–08:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:06–08:43।
बुध 14 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:20–11:57
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:20–11:57।
यहाँ दिन 05:29 से 18:25 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 14 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 55 मि का दिन।
बुध 14 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:29, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 14 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 180.4° पर था: चित्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:37 को निकलेगा, स्वाती में।
बुध 14 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 388.9° थे, एक चक्कर और 28.9°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 208.5° + 180.4° = 388.9°, एक पूरा चक्कर और 28.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 22:15 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
बुध 14 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 331.9° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 02:08 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 12:38 तक है।
बुध 14 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:29, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:29 से 05:29 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 17 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 16 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
बुध 14 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 24 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1906, 20:51 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 14 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:54 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:54 गुरु पर उदय होता है।
बुध 14 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:47
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:47 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:54 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:47 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:54 गुरु पर उदय होगा।