Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 26 सितंबर 1906
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
दशहरा
दशहरा बुध 26 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं। बुध 26 सितंबर क्यों?
दशहरा: Ipameri में हर तारीख़त्योहार
महानवमी
महानवमी बुध 26 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर नवमी है। बुध 26 सितंबर क्यों?
महानवमी: Ipameri में हर तारीख़26 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 सितंबर
- 04:24–05:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:59 से
- 05:59–07:30लाभ चौघड़िया
- 07:30–09:02अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:33–12:04शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:38–18:09लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 19:37–21:06शुभ चौघड़िया
- 21:06–22:35अमृत चौघड़िया
- 03:01–04:30 गुरुलाभ चौघड़िया
-
03:13–04:47 गुरुअमृत कालउत्तराषाढा में
- 04:24–05:11 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:59–07:30लाभशुभ
- 07:30–09:02अमृतयमगण्ड में
- 09:02–10:33कालअशुभ
- 10:33–12:04शुभगुलिक काल में
- 12:04–13:35रोगअशुभ
- 13:35–15:06उद्वेगअशुभ
- 15:06–16:38चरसामान्य
- 16:38–18:09लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:37उद्वेगअशुभ
- 19:37–21:06शुभ
- 21:06–22:35अमृतशुभ
- 22:35–00:04 गुरुचरसामान्य
- 00:04–01:32 गुरुरोगअशुभ
- 01:32–03:01 गुरुकालअशुभ
- 03:01–04:30 गुरुलाभशुभ
- 04:30–05:58 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:12, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:59–07:30
- अमृत, शुभ, 07:30–09:02
- काल, अशुभ, 09:02–10:33
- शुभ, 10:33–12:04
- रोग, अशुभ, 12:04–13:35
- उद्वेग, अशुभ, 13:35–15:06
- चर, सामान्य, 15:06–16:38
- लाभ, शुभ, 16:38–18:09
- उद्वेग, अशुभ, 18:09–19:37
- शुभ, 19:37–21:06
- अमृत, शुभ, 21:06–22:35
- चर, सामान्य, 22:35–00:04 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:04–01:32 गुरु
- काल, अशुभ, 01:32–03:01 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:01–04:30 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:30–05:58 गुरु
- यमगण्ड, 07:30–09:02, अशुभ
- गुलिक काल, 10:33–12:04, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:40–12:28, अशुभ
- राहु काल, 12:04–13:35, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:11 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में दशहरा बुध 26 सितंबर को क्यों है?
दशहरा बुध 26 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं।
दशहरे का पूजन अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। दशमी बुध 26 सितंबर को 12:27 से गुरु 27 सितंबर को 11:07 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अपराह्न (13:10–15:36) उसके भीतर है।
Ipameri में महानवमी बुध 26 सितंबर को क्यों है?
महानवमी बुध 26 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर नवमी है।
महानवमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। नवमी मंगल 25 सितंबर को 14:07 से बुध 26 सितंबर को 12:27 तक है, इसलिए वह केवल बुध 26 सितंबर के सूर्योदय (05:53) पर है। महानवमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 26 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 104.5° आगे था: शुक्ल नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:59। अष्टमी उससे पहले 14:13 मंगल पर समाप्त हुई। नवमी 12:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 18 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 26 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:12।
मंगल 25 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:09 मंगल से सूर्योदय 05:59 तक थी, 11 घं 51 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:40–12:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:40–12:28।
यहाँ दिन, 05:59 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:40–12:28: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 26 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:59–07:30 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:59 से 18:09, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 05:58 गुरु, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 26 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:04–13:35
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:04–13:35।
बुध 26 सितंबर को यमगंड कब है? 07:30–09:02
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:30–09:02।
बुध 26 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:33–12:04
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:33–12:04।
यहाँ दिन 05:59 से 18:09 तक है, 12 घं 9 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 26 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 9 मि का दिन।
बुध 26 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 26 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 264.3° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:06 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
बुध 26 सितंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 424.1° थे, एक चक्कर और 64.1°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 159.8° + 264.3° = 424.1°, एक पूरा चक्कर और 64.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 10:08 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
बुध 26 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 104.5° थी: नवमी का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 01:21 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 102° हुई; कौलव 12:33 तक है।
बुध 26 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:59, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:59 से 05:58 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 18 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
बुध 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
बुध 26 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 24 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1906, 20:51 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 178.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 26 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:57
चंद्रमा यहाँ 12:57 पर उदय होता है।
बुध 26 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:19 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:57 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:19 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:57 पर उदय हुआ; वह फिर 02:19 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।