Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 22 नवंबर 1905
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
उत्पन्ना एकादशी
स्मार्त परंपरा में उत्पन्ना एकादशी बुध 22 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 23 नवंबर को व्रत रखते हैं। बुध 22 नवंबर क्यों?
उत्पन्ना एकादशी: Ipameri में हर तारीख़22 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 22 नवंबर
- 04:00–04:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:28 से
- 05:28–07:06लाभ चौघड़िया
- 07:06–08:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:21–11:59शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:52–18:29लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:29 के बाद
- 19:52–21:14शुभ चौघड़िया
- 21:14–22:36अमृत चौघड़िया
- 02:43–04:06 गुरुलाभ चौघड़िया
-
04:07–05:28 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · हस्त में
- 04:00–04:44 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:28–07:06लाभशुभ
- 07:06–08:43अमृतयमगण्ड में
- 08:43–10:21कालअशुभ
- 10:21–11:59शुभगुलिक काल में
- 11:59–13:36रोगअशुभ
- 13:36–15:14उद्वेगअशुभ
- 15:14–16:52चरसामान्य
- 16:52–18:29लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:29–19:52उद्वेगअशुभ
- 19:52–21:14शुभ
- 21:14–22:36अमृतशुभ
- 22:36–23:59चरसामान्य
- 23:59–01:21 गुरुरोगअशुभ
- 01:21–02:43 गुरुकालअशुभ
- 02:43–04:06 गुरुलाभशुभ
- 04:06–05:28 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 22 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:28–07:06
- अमृत, शुभ, 07:06–08:43
- काल, अशुभ, 08:43–10:21
- शुभ, 10:21–11:59
- रोग, अशुभ, 11:59–13:36
- उद्वेग, अशुभ, 13:36–15:14
- चर, सामान्य, 15:14–16:52
- लाभ, शुभ, 16:52–18:29
- उद्वेग, अशुभ, 18:29–19:52
- शुभ, 19:52–21:14
- अमृत, शुभ, 21:14–22:36
- चर, सामान्य, 22:36–23:59
- रोग, अशुभ, 23:59–01:21 गुरु
- काल, अशुभ, 01:21–02:43 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:43–04:06 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:06–05:28 गुरु
- यमगण्ड, 07:06–08:43, अशुभ
- गुलिक काल, 10:21–11:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:33–12:25, अशुभ
- राहु काल, 11:59–13:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी बुध 22 नवंबर को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में उत्पन्ना एकादशी बुध 22 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 23 नवंबर को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 22 नवंबर को 06:24 पर, उस सूर्योदय (05:21) के बाद, लगती है और गुरु 23 नवंबर को 03:42 पर, अगले सूर्योदय (05:21 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 22 नवंबर।
बुध 22 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 299.4° आगे था: कृष्ण दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। नवमी उससे पहले 08:38 मंगल पर समाप्त हुई। दशमी 06:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 12 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
एकादशी क्षय क्यों है?
एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:31 को शुरू हुई और 03:49 गुरु को समाप्त, 05:28 और 05:28 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को दशमी है और गुरुवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 22 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:44।
मंगल 21 नवंबर की रात सूर्यास्त 18:29 मंगल से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 59 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 22 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:33–12:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:33–12:25।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:33–12:25: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 22 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:28–07:06 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:28 से 18:29, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:29 से 05:28 गुरु, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 22 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:59–13:36
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:59–13:36।
बुध 22 नवंबर को यमगंड कब है? 07:06–08:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:06–08:43।
बुध 22 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:21–11:59
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:59।
यहाँ दिन 05:28 से 18:29 तक है, 13 घं 2 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 22 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:29, 13 घं 2 मि का दिन।
बुध 22 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:29, 13 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 22 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 156.3° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 153°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:42 को निकलेगा, हस्त में।
बुध 22 नवंबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 373.1° थे, एक चक्कर और 13.1°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 216.8° + 156.3° = 373.1°, एक पूरा चक्कर और 13.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 05:49 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
बुध 22 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 299.4° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:39 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 06:31 तक है।
बुध 22 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:28 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 22 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 28 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 26 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 22 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
बुध 22 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1962 · शक 1827
विक्रम संवत 1962 4 अप्रैल 1905 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 1905, 20:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 224.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1962 गिनता है; शक संवत 1827।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 22 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:54 गुरु
चंद्रमा यहाँ 02:54 गुरु पर उदय होता है।
बुध 22 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:26
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:26 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:54 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:26 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:54 गुरु पर उदय होगा।