tithika
English

हिन्दू कैलेंडर, Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल अप्रैल 1905

समय UTC−3 में · हर दिन के सूर्योदय की तिथि

1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

अप्रैल 1905 के त्योहार और व्रत

  1. शनि1
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:14–20:39

  2. रवि2
    मासिक शिवरात्रिव्रत

    निशीथ पूजा मुहूर्त 23:52–00:40 सोम

  3. मंगल4
    अमावस्याव्रत

    अमावस्या तिथि 17:45 सोम–20:23

  4. बुध5
    चैत्र नवरात्रि · घटस्थापनाव्रत

    घटस्थापना मुहूर्त 06:19–08:42

  5. नव संवत्सर

    प्रतिपदा तिथि 20:23 मंगल–22:53

  6. गुरु13
    राम नवमीव्रत

    राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त 11:02–13:23

  7. मेष संक्रांति

    पुण्य काल 00:19

  8. शनि15
    कामदा एकादशीव्रत

    पारण 06:22–18:03 रवि

  9. सोम17
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:02–20:30

  10. बुध19
    हनुमान जयंती

    पूर्णिमा तिथि 14:25 मंगल–10:37

  11. पूर्णिमाव्रत

    पूर्णिमा तिथि 14:25 मंगल–10:37

  12. शनि22
    संकष्टी चतुर्थीव्रत

    चंद्रोदय 21:04

  13. शनि29
    वरूथिनी एकादशीव्रत

    पारण 09:48–17:54 रवि

त्योहार लिस्ट 1905, Ipameriव्रत लिस्ट 1905, Ipameri

Tithika में खोलेंIpameri को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके डिवाइस पर सहेजे रहते हैं।

अप्रैल 1905 का पंचांग: हर दिन की तिथि

हर दिन का चंद्रमा सूर्योदय की तिथि का चित्र है: हर तिथि एक कदम अधिक प्रकाशित, शुक्ल में दाईं ओर, कृष्ण में बाईं ओर

कृष्ण पक्ष

चैत्र (पूर्णिमान्त) · फाल्गुन (अमान्त)

शनि1
द्वादशी
12:36 तक · फिर त्रयोदशी
रवि2
त्रयोदशी
15:07 तक · फिर चतुर्दशी
सोम3
चतुर्दशी
17:45 तक · फिर अमावस्या
मंगल4
अमावस्या
20:23 तक · फिर प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष

चैत्र (पूर्णिमान्त) · चैत्र (अमान्त)

बुध5
प्रतिपदा
22:53 तक · फिर द्वितीया
गुरु6
द्वितीया
01:12 शुक्र तक · फिर तृतीया
शुक्र7
तृतीया
03:13 शनि तक · फिर चतुर्थी
शनि8
चतुर्थी
04:53 रवि तक · फिर पञ्चमी
रवि9
पञ्चमी
06:06 सोम तक · फिर षष्ठी
सोम10
षष्ठी
06:48 मंगल तक · मंगलवार के सूर्योदय पर भी
मंगल11
षष्ठी
06:48 तक · फिर सप्तमी
बुध12
सप्तमी
06:53 तक · फिर अष्टमी 06:18 गुरु तक · फिर नवमी
गुरु13
नवमी
05:03 शुक्र तक · फिर दशमी
शुक्र14
दशमी
03:08 शनि तक · फिर एकादशी
शनि15
एकादशी
00:37 रवि तक · फिर द्वादशी
रवि16
द्वादशी
21:34 तक · फिर त्रयोदशी
सोम17
त्रयोदशी
18:07 तक · फिर चतुर्दशी
मंगल18
चतुर्दशी
14:25 तक · फिर पूर्णिमा
बुध19
पूर्णिमा
10:37 तक · फिर प्रतिपदा

कृष्ण पक्ष

वैशाख (पूर्णिमान्त) · चैत्र (अमान्त)

गुरु20
प्रतिपदा
06:55 तक · फिर द्वितीया 03:30 शुक्र तक · फिर तृतीया
शुक्र21
तृतीया
00:31 शनि तक · फिर चतुर्थी
शनि22
चतुर्थी
22:09 तक · फिर पञ्चमी
रवि23
पञ्चमी
20:32 तक · फिर षष्ठी
सोम24
षष्ठी
19:45 तक · फिर सप्तमी
मंगल25
सप्तमी
19:51 तक · फिर अष्टमी
बुध26
अष्टमी
20:47 तक · फिर नवमी
गुरु27
नवमी
22:26 तक · फिर दशमी
शुक्र28
दशमी
00:37 शनि तक · फिर एकादशी
शनि29
एकादशी
03:09 रवि तक · फिर द्वादशी
रवि30
द्वादशी
05:47 सोम तक · फिर त्रयोदशी
रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
1 द्वादशी 12:36 तक फिर त्रयोदशी व्रत · प्रदोष व्रत
2 त्रयोदशी 15:07 तक फिर चतुर्दशी व्रत · मासिक शिवरात्रि 3 चतुर्दशी 17:45 तक फिर अमावस्या 4 अमावस्या 20:23 तक फिर प्रतिपदा व्रत · अमावस्या 5 प्रतिपदा 22:53 तक फिर द्वितीया नव संवत्सर चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना 6 द्वितीया 01:12 शुक्र तक फिर तृतीया 7 तृतीया 03:13 शनि तक फिर चतुर्थी 8 चतुर्थी 04:53 रवि तक फिर पञ्चमी
9 पञ्चमी 06:06 सोम तक फिर षष्ठी 10 षष्ठी 06:48 मंगल तक मंगलवार के सूर्योदय पर भी 11 षष्ठी 06:48 तक फिर सप्तमी 12 सप्तमी 06:53 तक फिर अष्टमी 06:18 गुरु तक फिर नवमी 13 नवमी 05:03 शुक्र तक फिर दशमी राम नवमी मेष संक्रांति 14 दशमी 03:08 शनि तक फिर एकादशी 15 एकादशी 00:37 रवि तक फिर द्वादशी व्रत · कामदा एकादशी
16 द्वादशी 21:34 तक फिर त्रयोदशी 17 त्रयोदशी 18:07 तक फिर चतुर्दशी व्रत · प्रदोष व्रत 18 चतुर्दशी 14:25 तक फिर पूर्णिमा 19 पूर्णिमा 10:37 तक फिर प्रतिपदा हनुमान जयंती व्रत · पूर्णिमा 20 प्रतिपदा 06:55 तक फिर द्वितीया 03:30 शुक्र तक फिर तृतीया 21 तृतीया 00:31 शनि तक फिर चतुर्थी 22 चतुर्थी 22:09 तक फिर पञ्चमी व्रत · संकष्टी चतुर्थी
23 पञ्चमी 20:32 तक फिर षष्ठी 24 षष्ठी 19:45 तक फिर सप्तमी 25 सप्तमी 19:51 तक फिर अष्टमी 26 अष्टमी 20:47 तक फिर नवमी 27 नवमी 22:26 तक फिर दशमी 28 दशमी 00:37 शनि तक फिर एकादशी 29 एकादशी 03:09 रवि तक फिर द्वादशी व्रत · वरूथिनी एकादशी
30 द्वादशी 05:47 सोम तक फिर त्रयोदशी

दूसरे महीने