Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 22 दिसंबर 1904
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा गुरु 22 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 22 दिसंबर क्यों?
पूर्णिमा: Ipameri में हर तारीख़22 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 22 दिसंबर
- 04:09–04:52ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:35 से
- 05:35–07:14शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:45–12:37अभिजीत मुहूर्त
- 12:11–13:50लाभ चौघड़िया
- 13:50–15:29अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:08–18:47शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:47 के बाद
- 18:47–20:08अमृत चौघड़िया
- 00:11–01:32 शुक्रलाभ चौघड़िया
-
02:18–03:51 शुक्रअमृत कालआर्द्रा में
- 02:53–04:15 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:15–05:36 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:09–04:52 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:35–07:14शुभयमगण्ड में
- 07:14–08:53रोगअशुभ
- 08:53–10:32उद्वेगअशुभ
- 10:32–12:11चरसामान्य
- 12:11–13:50लाभशुभ
- 13:50–15:29अमृतराहु काल में
- 15:29–17:08कालअशुभ
- 17:08–18:47शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:47–20:08अमृतशुभ
- 20:08–21:29चरसामान्य
- 21:29–22:50रोगअशुभ
- 22:50–00:11 शुक्रकालअशुभ
- 00:11–01:32 शुक्रलाभशुभ
- 01:32–02:53 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:53–04:15 शुक्रशुभ
- 04:15–05:36 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 22 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:52, शुभ
- शुभ, 05:35–07:14
- रोग, अशुभ, 07:14–08:53
- उद्वेग, अशुभ, 08:53–10:32
- चर, सामान्य, 10:32–12:11
- लाभ, शुभ, 12:11–13:50
- अमृत, शुभ, 13:50–15:29
- काल, अशुभ, 15:29–17:08
- शुभ, 17:08–18:47
- अमृत, शुभ, 18:47–20:08
- चर, सामान्य, 20:08–21:29
- रोग, अशुभ, 21:29–22:50
- काल, अशुभ, 22:50–00:11 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:11–01:32 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:32–02:53 शुक्र
- शुभ, 02:53–04:15 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:15–05:36 शुक्र
- यमगण्ड, 05:35–07:14, अशुभ
- गुलिक काल, 08:53–10:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:59–10:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:37, शुभ
- राहु काल, 13:50–15:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:16–16:08, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:52 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में पूर्णिमा गुरु 22 दिसंबर को क्यों है?
पूर्णिमा गुरु 22 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 21 दिसंबर को 15:50 से गुरु 22 दिसंबर को 14:54 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 22 दिसंबर के सूर्योदय (05:29) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 175.1° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:35। चतुर्दशी उससे पहले 15:56 बुध पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 15:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 7 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 22 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:52
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:52।
बुध 21 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:46 बुध से सूर्योदय 05:35 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 22 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:37
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:37।
गुरु 22 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:59–10:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:59–10:52 और 15:16–16:08।
गुरु 22 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:16–16:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:59–10:52 और 15:16–16:08।
यहाँ दिन, 05:35 से 18:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:59–10:52 और 15:16–16:08।
गुरु 22 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:35–07:14 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:35 से 18:47, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:47 से 05:36 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 22 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:50–15:29
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:50–15:29।
गुरु 22 दिसंबर को यमगंड कब है? 05:35–07:14
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:35–07:14।
गुरु 22 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:53–10:32
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:53–10:32।
यहाँ दिन 05:35 से 18:47 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 22 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:47, 13 घं 11 मि का दिन।
गुरु 22 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:47, 13 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 62.6° पर था: मृगशिरा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 12:42 को निकलेगा, आर्द्रा में।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 310.2° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 247.6° + 62.6° = 310.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 21:38 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 175.1° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 03:32 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 15:00 तक है।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:35, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:35 से 05:36 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 7 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 14 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
गुरु 22 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1961 · शक 1826
विक्रम संवत 1961 17 मार्च 1904 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 1904, 02:39 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 273.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1961 गिनता है; शक संवत 1826।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 22 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:45
चंद्रमा यहाँ 18:45 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:45 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।