ह्यूरॉन, साउथ डकोटा, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग सोम 18 अक्टूबर 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CDT में
त्योहार
करवा चौथ
करवा चौथ सोम 18 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 18 अक्टूबर क्यों?
करवा चौथ: ह्यूरॉन में हर तारीख़व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी सोम 18 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 18 अक्टूबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: ह्यूरॉन में हर तारीख़18 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 अक्टूबर
- 06:06–06:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:51 से
- 07:51–09:13अमृत चौघड़िया
- 10:34–11:56शुभ चौघड़िया
-
10:55–11:56अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · कृत्तिका में
- 13:17–13:39अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:33–17:22लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:22–18:43अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:43 के बाद
- 23:39–01:18 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:56–04:35 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:35–06:14 मंगलअमृत चौघड़िया
- 06:07–07:00 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:51–09:13अमृतशुभ
- 09:13–10:34कालअशुभ
- 10:34–11:56शुभ
- 11:56–13:17रोगअशुभ
- 13:17–14:39उद्वेगअशुभ
- 14:39–16:00चरसामान्य
- 16:00–17:22लाभशुभ
- 17:22–18:43अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:43–20:22चरसामान्य
- 20:22–22:00रोगअशुभ
- 22:00–23:39कालअशुभ
- 23:39–01:18 मंगललाभशुभ
- 01:18–02:56 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:56–04:35 मंगलशुभ
- 04:35–06:14 मंगलअमृतशुभ
- 06:14–07:52 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:06–06:59, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:51–09:13
- काल, अशुभ, 09:13–10:34
- शुभ, 10:34–11:56
- रोग, अशुभ, 11:56–13:17
- उद्वेग, अशुभ, 13:17–14:39
- चर, सामान्य, 14:39–16:00
- लाभ, शुभ, 16:00–17:22
- अमृत, शुभ, 17:22–18:43
- चर, सामान्य, 18:43–20:22
- रोग, अशुभ, 20:22–22:00
- काल, अशुभ, 22:00–23:39
- लाभ, शुभ, 23:39–01:18 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:18–02:56 मंगल
- शुभ, 02:56–04:35 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:35–06:14 मंगल
- चर, सामान्य, 06:14–07:52 मंगल
- राहु काल, 09:13–10:34, अशुभ
- यमगण्ड, 11:56–13:17, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:55–13:39, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:39–14:22, अशुभ
- गुलिक काल, 14:39–16:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:49–16:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:07–07:00 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
ह्यूरॉन में करवा चौथ सोम 18 अक्टूबर को क्यों है?
करवा चौथ सोम 18 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
करवा चौथ का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 18 अक्टूबर को 07:22 से मंगल 19 अक्टूबर को 06:12 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 18 अक्टूबर को है, 20:13 पर।
ह्यूरॉन में संकष्टी चतुर्थी सोम 18 अक्टूबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी सोम 18 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 18 अक्टूबर को 07:22 से मंगल 19 अक्टूबर को 06:12 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 18 अक्टूबर को है, 20:13 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.3° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:51। तृतीया उससे पहले 07:22 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 06:12 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 15 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, ह्यूरॉन में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:23, तृतीया की समाप्ति 17:52 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
ह्यूरॉन · UTC−5
यहाँ सूर्योदय, 07:51, तृतीया की समाप्ति 07:22 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
सोम 18 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:06–06:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:06–06:59।
रवि 17 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:45 रवि से सूर्योदय 07:51 तक थी, 13 घं 6 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 18 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:55–13:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:55–13:39।
सोम 18 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:39–14:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:39–14:22 और 15:49–16:33।
सोम 18 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:49–16:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:39–14:22 और 15:49–16:33।
यहाँ दिन, 07:51 से 18:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:39–14:22 और 15:49–16:33।
सोम 18 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:51–09:13 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:51 से 18:43, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:43 से 07:52 मंगल, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 18 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 09:13–10:34
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:13–10:34।
सोम 18 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:56–13:17
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:56–13:17।
सोम 18 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:39–16:00
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:39–16:00।
यहाँ दिन 07:51 से 18:43 तक है, 10 घं 52 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 18 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:51, सूर्यास्त 18:43, 10 घं 52 मि का दिन।
सोम 18 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:51, सूर्यास्त 18:43, 10 घं 52 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 36.9° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 13:18 को निकलेगा, रोहिणी में।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 217.6° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 180.7° + 36.9° = 217.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 22:47 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.3° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:49 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 06:12 मंगल तक।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:51, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:51 से 07:52 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 29 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
सोम 18 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 6 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2027, 18:51 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 188° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 18 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:13
चंद्रमा यहाँ 20:13 पर उदय होता है।
सोम 18 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:35
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:13 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:13 पर उदय होगा।