tithika
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ह्यूरॉन, साउथ डकोटा, संयुक्त राज्य अमेरिका का पंचांग गुरु 22 अगस्त 2024

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CDT में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 00:09 शुक्र तक

फिर पञ्चमी · 21:22 शुक्र तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:58

संकष्टी चतुर्थी गुरु 22 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। गुरु 22 अगस्त क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: ह्यूरॉन में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:22 06:44 20:25अगला सूर्योदय 06:45 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:44–08:27शुभयमगण्ड में
  • 08:27–10:09रोगअशुभ
  • 10:09–11:52उद्वेगअशुभ
  • 11:52–13:35चरसामान्य
  • 13:35–15:17लाभशुभ
  • 15:17–17:00अमृतराहु काल में
  • 17:00–18:42कालअशुभ
  • 18:42–20:25शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:25–21:43अमृतशुभ
  • 21:43–23:00चरसामान्य
  • 23:00–00:18 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:18–01:35 शुक्रकालअशुभ
  • 01:35–02:53 शुक्रलाभशुभ
  • 02:53–04:10 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:10–05:28 शुक्रशुभ
  • 05:28–06:45 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 22 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:03, शुभ
  • शुभ, 06:44–08:27
  • रोग, अशुभ, 08:27–10:09
  • उद्वेग, अशुभ, 10:09–11:52
  • चर, सामान्य, 11:52–13:35
  • लाभ, शुभ, 13:35–15:17
  • अमृत, शुभ, 15:17–17:00
  • काल, अशुभ, 17:00–18:42
  • शुभ, 18:42–20:25
  • अमृत, शुभ, 20:25–21:43
  • चर, सामान्य, 21:43–23:00
  • रोग, अशुभ, 23:00–00:18 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:18–01:35 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:35–02:53 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:53–04:10 शुक्र
  • शुभ, 04:10–05:28 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:28–06:45 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:44–08:27, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:09–11:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:18–12:13, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:07–14:02, शुभ
  • राहु काल, 15:17–17:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:46–17:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:04 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

ह्यूरॉन में संकष्टी चतुर्थी गुरु 22 अगस्त को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी गुरु 22 अगस्त को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 21 अगस्त चंद्रोदय 21:37
तृतीया 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 21 अगस्त चंद्रोदय 21:37
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−5)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी गुरु 22 अगस्त को 03:16 से शुक्र 23 अगस्त को 00:09 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल गुरु 22 अगस्त को है, 21:58 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: ह्यूरॉन में हर तारीख़

गुरु 22 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 218° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। तृतीया उससे पहले 03:16 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 00:09 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 19 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, ह्यूरॉन में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 22 अगस्त सुबह शुक्र 23 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST ह्यूरॉन UTC−5 13:46 03:16 10:39 00:09 05:54 तृतीया 05:54 चतुर्थी 06:44 चतुर्थी 06:45 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 22 अगस्त सुबह शुक्र 23 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST ह्यूरॉन UTC−5 13:46 03:16 10:39 00:09 05:54 तृतीया 05:54 चतुर्थी 06:44 चतुर्थी 06:45 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:54, तृतीया की समाप्ति 13:46 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

ह्यूरॉन · UTC−5

यहाँ सूर्योदय, 06:44, तृतीया की समाप्ति 03:16 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

गुरु 22 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:03

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:03।

सूर्यास्त 20:27 बुध सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 21 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:27 बुध सूर्योदय 06:44 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 21 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 21 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:27 बुध से सूर्योदय 06:44 तक थी, 10 घं 17 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 22 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:07–14:02

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:07–14:02।

गुरु 22 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:18–12:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:13 और 16:46–17:41।

गुरु 22 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:46–17:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:13 और 16:46–17:41।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:44 से 20:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:18–12:13 और 16:46–17:41।

गुरु 22 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:44–08:27 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 20:25, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:25 से 06:45 शुक्र, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 22 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:17–17:00

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:17–17:00।

गुरु 22 अगस्त को यमगंड कब है? 06:44–08:27

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:44–08:27।

गुरु 22 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:09–11:52

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:09–11:52।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:44 से 20:25 तक है, 13 घं 41 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 22 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 20:25, 13 घं 41 मि का दिन।

गुरु 22 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 20:25, 13 घं 41 मि का दिन।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:19 चंद्रोदय 21:58
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:19 चंद्रोदय 21:58
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 41 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 343.7° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 343.7° अगला: रेवती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तर भाद्रपद चंद्रमा 343.7° अगला: रेवती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:35 को निकलेगा, रेवती में।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 469.4° थे, एक चक्कर और 109.4°: शूल।

सूर्य 125.7° + चंद्रमा 343.7° = 469.4° एक चक्कर + 109.4° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 125.7° + चंद्रमा 343.7° = 469.4° एक चक्कर + 109.4° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 125.7° + 343.7° = 469.4°, एक पूरा चक्कर और 109.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 23:01 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 218° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 218.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 13:40 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 00:09 शुक्र तक।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:45 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 4 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 2 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 22 अगस्त अमावस्या 4 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰ अमावस्या 2 सित॰ पूर्णिमा 17 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 22 अगस्त अमावस्या 4 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰ अमावस्या 2 सित॰ पूर्णिमा 17 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

गुरु 22 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 13:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 22 अगस्त सूर्य 125.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 13:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 22 अगस्त सूर्य 125.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 13:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 130.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 22 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:58

चंद्रमा यहाँ 21:58 पर उदय होता है।

गुरु 22 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:19

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:19 चंद्रोदय 21:58
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 20:25 सूर्योदय 06:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:19 चंद्रोदय 21:58
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:58 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:58 पर उदय होगा।