tithika
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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शनि 6 अक्टूबर 2040

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 06:25 तक

फिर प्रतिपदा · 06:20 रवि तक

त्योहार

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
05:59⁠–⁠08:22
प्रातःकाल 05:59⁠–⁠08:22

धर्मसिंधु के अनुसार शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शनि 6 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का रवि 7 अक्टूबर से अधिक भाग घेरती है। शनि 6 अक्टूबर क्यों?

शारदीय नवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या शनि 6 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 6 अक्टूबर क्यों?

अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:22 05:59 17:55अगला सूर्योदय 05:59 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:59–07:28कालअशुभ
  • 07:28–08:58शुभ
  • 08:58–10:27रोगअशुभ
  • 10:27–11:57उद्वेगअशुभ
  • 11:57–13:27चरसामान्य
  • 13:27–14:56लाभयमगण्ड में
  • 14:56–16:26अमृतशुभ
  • 16:26–17:55कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:55–19:26लाभशुभ
  • 19:26–20:56उद्वेगअशुभ
  • 20:56–22:27शुभ
  • 22:27–23:57अमृतशुभ
  • 23:57–01:27 रविचरसामान्य
  • 01:27–02:58 रविरोगअशुभ
  • 02:58–04:28 रविकालअशुभ
  • 04:28–05:59 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 6 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:11, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:59–07:28
  • शुभ, 07:28–08:58
  • रोग, अशुभ, 08:58–10:27
  • उद्वेग, अशुभ, 10:27–11:57
  • चर, सामान्य, 11:57–13:27
  • लाभ, शुभ, 13:27–14:56
  • अमृत, शुभ, 14:56–16:26
  • काल, अशुभ, 16:26–17:55
  • लाभ, शुभ, 17:55–19:26
  • उद्वेग, अशुभ, 19:26–20:56
  • शुभ, 20:56–22:27
  • अमृत, शुभ, 22:27–23:57
  • चर, सामान्य, 23:57–01:27 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:27–02:58 रवि
  • काल, अशुभ, 02:58–04:28 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:28–05:59 रवि
  • गुलिक काल, 05:59–07:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:59–06:47, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:47–07:34, अशुभ
  • राहु काल, 08:58–10:27, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:33–12:21, शुभ
  • यमगण्ड, 13:27–14:56, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:11 रवि

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में शारदीय नवरात्रि शनि 6 अक्टूबर को क्यों है?

धर्मसिंधु के अनुसार शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शनि 6 अक्टूबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का रवि 7 अक्टूबर से अधिक भाग घेरती है।

अमावस्या प्रतिपदा 05:59 06:25 04:00 08:00 10:00 शनि 6 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 05:59–08:22
अमावस्या प्रतिपदा 05:59 06:25 04:00 08:00 10:00 शनि 6 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 05:59–08:22
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शनि 6 अक्टूबर को 06:25 से रवि 7 अक्टूबर को 06:20 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। धर्मसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: शनि 6 अक्टूबर।

शारदीय नवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़

दिफ्फा में अमावस्या शनि 6 अक्टूबर को क्यों है?

अमावस्या शनि 6 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी अमावस्या 06:04 04:00 05:00 07:00 शुक्र 5 अक्टूबर सूर्योदय 05:59
चतुर्दशी अमावस्या 06:04 04:00 05:00 07:00 शुक्र 5 अक्टूबर सूर्योदय 05:59
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 5 अक्टूबर को 06:04 से शनि 6 अक्टूबर को 06:25 तक है, इसलिए वह केवल शनि 6 अक्टूबर के सूर्योदय (05:59) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़

शनि 6 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:59। चतुर्दशी उससे पहले 06:04 शुक्र पर समाप्त हुई। अमावस्या 06:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 20 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 6 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:22–05:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:22–05:11।

सूर्यास्त 17:56 शुक्र सूर्योदय 05:59 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 5 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:56 शुक्र सूर्योदय 05:59 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 5 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 5 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:56 शुक्र से सूर्योदय 05:59 तक थी, 12 घं 3 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 6 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:33–12:21

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:33–12:21।

शनि 6 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:59–06:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:59–06:47 और 06:47–07:34।

शनि 6 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:47–07:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:59–06:47 और 06:47–07:34।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:59 से 17:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:59–06:47 और 06:47–07:34।

शनि 6 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:59–07:28 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:59 से 17:55, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:55 से 05:59 रवि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 6 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:58–10:27

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:58–10:27।

शनि 6 अक्टूबर को यमगंड कब है? 13:27–14:56

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:27–14:56।

शनि 6 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 05:59–07:28

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:59–07:28।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:59 से 17:55 तक है, 11 घं 56 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 6 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 17:55, 11 घं 56 मि का दिन।

शनि 6 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 17:55, 11 घं 56 मि का दिन।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 06:04
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 06:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 168.9° पर था: हस्त, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 168.9° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 168.9° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:10 को निकलेगा, चित्रा में।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338° थे: इन्द्र।

सूर्य 169.1° + चंद्रमा 168.9° = 338.0° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 169.1° + चंद्रमा 168.9° = 338.0° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 169.1° + 168.9° = 338°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 20:47 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 18:18 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 06:25 तक है।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:59, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:59 से 05:59 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 6 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 6 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 6 अक्टूबर अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 20 सित॰ अमावस्या 6 अक्टू॰ पूर्णिमा 20 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 6 अक्टूबर अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 20 सित॰ अमावस्या 6 अक्टू॰ पूर्णिमा 20 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

शनि 6 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2097 · शक 1962

विक्रम संवत 2097 11 अप्रैल 2040 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2040 15:00 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 6 अक्टूबर सूर्य 169.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 2040 15:00 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 6 अक्टूबर सूर्य 169.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 11 अप्रैल 2040, 15:00 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 171.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2097 गिनता है; शक संवत 1962।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 6 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:04

चंद्रमा यहाँ 06:04 पर उदय होता है।

शनि 6 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:18

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 06:04
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 17:55 सूर्योदय 05:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:18 चंद्रोदय 06:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:04 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:18 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:04 पर उदय हुआ; वह फिर 18:18 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।