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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शुक्र 3 नवंबर 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:25 06:04 17:41अगला सूर्योदय 06:04 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:04–07:31चरसामान्य
  • 07:31–08:58लाभगुलिक काल में
  • 08:58–10:25अमृतशुभ
  • 10:25–11:53कालअशुभ
  • 11:53–13:20शुभ
  • 13:20–14:47रोगअशुभ
  • 14:47–16:14उद्वेगअशुभ
  • 16:14–17:41चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 17:41–19:14रोगअशुभ
  • 19:14–20:47कालअशुभ
  • 20:47–22:20लाभशुभ
  • 22:20–23:53उद्वेगअशुभ
  • 23:53–01:26 शनिशुभ
  • 01:26–02:58 शनिअमृतशुभ
  • 02:58–04:31 शनिचरसामान्य
  • 04:31–06:04 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 3 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:14, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:04–07:31
  • लाभ, शुभ, 07:31–08:58
  • अमृत, शुभ, 08:58–10:25
  • काल, अशुभ, 10:25–11:53
  • शुभ, 11:53–13:20
  • रोग, अशुभ, 13:20–14:47
  • उद्वेग, अशुभ, 14:47–16:14
  • चर, सामान्य, 16:14–17:41
  • रोग, अशुभ, 17:41–19:14
  • काल, अशुभ, 19:14–20:47
  • लाभ, शुभ, 20:47–22:20
  • उद्वेग, अशुभ, 22:20–23:53
  • शुभ, 23:53–01:26 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:26–02:58 शनि
  • चर, सामान्य, 02:58–04:31 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:31–06:04 शनि
  • गुलिक काल, 07:31–08:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:23–09:10, अशुभ
  • राहु काल, 10:25–11:53, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:29–12:16, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:16–13:02, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:47–16:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:15 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 3 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 270.8° आगे था: कृष्ण अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 270.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 270.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:04। सप्तमी उससे पहले 16:56 गुरु पर समाप्त हुई। अष्टमी 16:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 27 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 3 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:14

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:14।

सूर्यास्त 17:42 गुरु सूर्योदय 06:04 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 2 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:42 गुरु सूर्योदय 06:04 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 2 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 2 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:42 गुरु से सूर्योदय 06:04 तक थी, 12 घं 22 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 3 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:29–12:16

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:29–12:16।

शुक्र 3 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:23–09:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:23–09:10 और 12:16–13:02।

शुक्र 3 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:16–13:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:23–09:10 और 12:16–13:02।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:04 से 17:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:23–09:10 और 12:16–13:02।

शुक्र 3 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:04–07:31 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:04 से 17:41, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:41 से 06:04 शनि, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 3 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:25–11:53

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:25–11:53।

शुक्र 3 नवंबर को यमगंड कब है? 14:47–16:14

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:47–16:14।

शुक्र 3 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:31–08:58

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:31–08:58।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:04 से 17:41 तक है, 11 घं 37 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 3 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:41, 11 घं 37 मि का दिन।

शुक्र 3 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:41, 11 घं 37 मि का दिन।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:37 चंद्रोदय 00:39 शनि
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:37 चंद्रोदय 00:39 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 107.3° पर था: अश्लेशा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 107.3° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 107.3° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:06 शनि को निकलेगा, मघा में।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 303.8° थे: शुभ।

सूर्य 196.5° + चंद्रमा 107.3° = 303.8° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 196.5° + चंद्रमा 107.3° = 303.8° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 196.5° + 107.3° = 303.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 10:48 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 270.8° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 270.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° कौलव 270°–276° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 270.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° कौलव 270°–276° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 04:27 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 270° हुई; कौलव 16:09 तक है।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:04, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:04 से 06:04 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 12 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 11 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 3 नवंबर अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰ अमावस्या 11 नव॰ पूर्णिमा 25 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 3 नवंबर अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰ अमावस्या 11 नव॰ पूर्णिमा 25 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

शुक्र 3 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 11:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 3 नवंबर सूर्य 196.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 11:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 3 नवंबर सूर्य 196.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 11:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 221° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 3 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:39 शनि

चंद्रमा यहाँ 00:39 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 3 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:37

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:37 चंद्रोदय 00:39 शनि
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 17:41 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:37 चंद्रोदय 00:39 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:39 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:39 शनि पर उदय होगा।