दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शुक्र 20 जनवरी 2034
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
त्योहार
मौनी अमावस्या
मौनी अमावस्या शुक्र 20 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शुक्र 20 जनवरी क्यों?
मौनी अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या शुक्र 20 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शुक्र 20 जनवरी क्यों?
अमावस्या: दिफ्फा में हर तारीख़20 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 20 जनवरी
- 04:56–05:46ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:36 से
- 08:02–09:28लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:40–10:54अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:20–12:43अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:20–12:43शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
12:20–12:43अमृत कालराहु काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तराषाढा में
- 13:29–13:46शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:04 के बाद
- 21:12–22:46लाभ चौघड़िया
- 00:20–01:54 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:54–03:28 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:56–05:46 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:36–08:02चरसामान्य
- 08:02–09:28लाभगुलिक काल में
- 09:28–10:54अमृतशुभ
- 10:54–12:20कालअशुभ
- 12:20–13:46शुभ
- 13:46–15:12रोगअशुभ
- 15:12–16:38उद्वेगअशुभ
- 16:38–18:04चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:04–19:38रोगअशुभ
- 19:38–21:12कालअशुभ
- 21:12–22:46लाभशुभ
- 22:46–00:20 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:20–01:54 शनिशुभ
- 01:54–03:28 शनिअमृतशुभ
- 03:28–05:02 शनिचरसामान्य
- 05:02–06:36 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 20 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:46, शुभ
- चर, सामान्य, 06:36–08:02
- लाभ, शुभ, 08:02–09:28
- अमृत, शुभ, 09:28–10:54
- काल, अशुभ, 10:54–12:20
- शुभ, 12:20–13:46
- रोग, अशुभ, 13:46–15:12
- उद्वेग, अशुभ, 15:12–16:38
- चर, सामान्य, 16:38–18:04
- रोग, अशुभ, 18:04–19:38
- काल, अशुभ, 19:38–21:12
- लाभ, शुभ, 21:12–22:46
- उद्वेग, अशुभ, 22:46–00:20 शनि
- शुभ, 00:20–01:54 शनि
- अमृत, शुभ, 01:54–03:28 शनि
- चर, सामान्य, 03:28–05:02 शनि
- रोग, अशुभ, 05:02–06:36 शनि
- गुलिक काल, 08:02–09:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:54–09:40, अशुभ
- राहु काल, 10:54–12:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:57–12:43, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:43–13:29, अशुभ
- यमगण्ड, 15:12–16:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:46 शनि
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में मौनी अमावस्या शुक्र 20 जनवरी को क्यों है?
मौनी अमावस्या शुक्र 20 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 19 जनवरी को 11:46 से शुक्र 20 जनवरी को 11:01 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 20 जनवरी के सूर्योदय (06:36) पर है। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
दिफ्फा में अमावस्या शुक्र 20 जनवरी को क्यों है?
अमावस्या शुक्र 20 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 19 जनवरी को 11:46 से शुक्र 20 जनवरी को 11:01 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 20 जनवरी के सूर्योदय (06:36) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 357.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:36। चतुर्दशी उससे पहले 11:46 गुरु पर समाप्त हुई। अमावस्या 11:01 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 4 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 20 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:56–05:46
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:56–05:46।
गुरु 19 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:04 गुरु से सूर्योदय 06:36 तक थी, 12 घं 32 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 20 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:57–12:43
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:57–12:43।
शुक्र 20 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:54–09:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:54–09:40 और 12:43–13:29।
शुक्र 20 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:43–13:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:54–09:40 और 12:43–13:29।
यहाँ दिन, 06:36 से 18:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:54–09:40 और 12:43–13:29।
शुक्र 20 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:36–08:02 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:36 से 18:04, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:04 से 06:36 शनि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 20 जनवरी को राहुकाल कब है? 10:54–12:20
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:20।
शुक्र 20 जनवरी को यमगंड कब है? 15:12–16:38
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:12–16:38।
शुक्र 20 जनवरी को गुलिक काल कब है? 08:02–09:28
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:02–09:28।
यहाँ दिन 06:36 से 18:04 तक है, 11 घं 28 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 20 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 18:04, 11 घं 28 मि का दिन।
शुक्र 20 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 18:04, 11 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 273.6° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:58 को निकलेगा, श्रवण में।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 549.5° थे, एक चक्कर और 189.5°: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 275.9° + 273.6° = 549.5°, एक पूरा चक्कर और 189.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 23:55 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 357.7° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 23:27 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 11:01 तक है।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:36, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:36 से 06:36 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 21 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 20 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
शुक्र 20 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 18:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 289.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 20 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:17
चंद्रमा यहाँ 18:17 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:17 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।