दिफ्फा, नाइजर का पंचांग सोम 29 अगस्त 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
शुक्ल पक्ष · 07:57 तक
फिर पञ्चमी · 10:33 मंगल तक
चतुर्थी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें29 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 29 अगस्त
- 04:25–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:58 से
- 05:58–07:31अमृत चौघड़िया
- 09:04–10:37शुभ चौघड़िया
- 12:10–12:35अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:53–16:49लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
15:53–16:13अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · चित्रा में
- 16:49–18:22अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:22 के बाद
- 22:43–00:10 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:37–03:04 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:04–04:31 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:25–05:11 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:58–07:31अमृतशुभ
- 07:31–09:04कालअशुभ
- 09:04–10:37शुभ
- 10:37–12:10रोगअशुभ
- 12:10–13:43उद्वेगअशुभ
- 13:43–15:16चरसामान्य
- 15:16–16:49लाभशुभ
- 16:49–18:22अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:22–19:49चरसामान्य
- 19:49–21:16रोगअशुभ
- 21:16–22:43कालअशुभ
- 22:43–00:10 मंगललाभशुभ
- 00:10–01:37 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:37–03:04 मंगलशुभ
- 03:04–04:31 मंगलअमृतशुभ
- 04:31–05:58 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 29 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:58–07:31
- काल, अशुभ, 07:31–09:04
- शुभ, 09:04–10:37
- रोग, अशुभ, 10:37–12:10
- उद्वेग, अशुभ, 12:10–13:43
- चर, सामान्य, 13:43–15:16
- लाभ, शुभ, 15:16–16:49
- अमृत, शुभ, 16:49–18:22
- चर, सामान्य, 18:22–19:49
- रोग, अशुभ, 19:49–21:16
- काल, अशुभ, 21:16–22:43
- लाभ, शुभ, 22:43–00:10 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:10–01:37 मंगल
- शुभ, 01:37–03:04 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:04–04:31 मंगल
- चर, सामान्य, 04:31–05:58 मंगल
- राहु काल, 07:31–09:04, अशुभ
- यमगण्ड, 10:37–12:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:35, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:35–13:24, अशुभ
- गुलिक काल, 13:43–15:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:04–15:53, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 29 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 47.1° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। तृतीया उससे पहले 05:18 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 24 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्थी यहाँ रवि 28 और सोम 29 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:18 रवि को, सूर्योदय 05:58 रवि से पहले, शुरू हुई और 07:57 को, अगले सूर्योदय 05:58 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
सोम 29 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।
रवि 28 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:23 रवि से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 35 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 29 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:35।
सोम 29 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:35–13:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:35–13:24 और 15:04–15:53।
सोम 29 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:04–15:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:35–13:24 और 15:04–15:53।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:35–13:24 और 15:04–15:53।
सोम 29 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:58–07:31 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:58 से 18:22, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:22 से 05:58 मंगल, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 29 अगस्त को राहुकाल कब है? 07:31–09:04
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:31–09:04।
सोम 29 अगस्त को यमगंड कब है? 10:37–12:10
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:37–12:10।
सोम 29 अगस्त को गुलिक काल कब है? 13:43–15:16
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:43–15:16।
यहाँ दिन 05:58 से 18:22 तक है, 12 घं 24 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 29 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 24 मि का दिन।
सोम 29 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 24 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 29 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 179° पर था: चित्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:39 को निकलेगा, स्वाती में।
सोम 29 अगस्त को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 310.9° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 131.9° + 179° = 310.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 23:14 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 29 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 47.1° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:37 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 07:57 तक है।
सोम 29 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 24 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 23 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
सोम 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
सोम 29 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 18:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 145.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 29 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:20
चंद्रमा यहाँ 09:20 पर उदय होता है।
सोम 29 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:23
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:23 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:20 पर उदय हुआ; वह फिर 21:23 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।