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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग बुध 25 मई 2033

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 20:24 तक

फिर त्रयोदशी · 17:39 गुरु तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:31⁠–⁠20:45
प्रदोष काल 18:31⁠–⁠20:45

प्रदोष व्रत बुध 25 मई को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। बुध 25 मई क्यों?

प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़

व्रत का पारण

अपरा एकादशी

पारण बुध 25 मई, 05:42 से सूर्यास्त 18:31 तक
अपरा एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:12 05:42 18:31अगला सूर्योदय 05:41 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:42–07:18लाभशुभ
  • 07:18–08:54अमृतयमगण्ड में
  • 08:54–10:30कालअशुभ
  • 10:30–12:06शुभगुलिक काल में
  • 12:06–13:42रोगअशुभ
  • 13:42–15:18उद्वेगअशुभ
  • 15:18–16:55चरसामान्य
  • 16:55–18:31लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:31–19:55उद्वेगअशुभ
  • 19:55–21:18शुभ
  • 21:18–22:42अमृतशुभ
  • 22:42–00:06 गुरुचरसामान्य
  • 00:06–01:30 गुरुरोगअशुभ
  • 01:30–02:54 गुरुकालअशुभ
  • 02:54–04:18 गुरुलाभशुभ
  • 04:18–05:41 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 25 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:42–07:18
  • अमृत, शुभ, 07:18–08:54
  • काल, अशुभ, 08:54–10:30
  • शुभ, 10:30–12:06
  • रोग, अशुभ, 12:06–13:42
  • उद्वेग, अशुभ, 13:42–15:18
  • चर, सामान्य, 15:18–16:55
  • लाभ, शुभ, 16:55–18:31
  • उद्वेग, अशुभ, 18:31–19:55
  • शुभ, 19:55–21:18
  • अमृत, शुभ, 21:18–22:42
  • चर, सामान्य, 22:42–00:06 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:06–01:30 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:30–02:54 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:54–04:18 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:18–05:41 गुरु
  • यमगण्ड, 07:18–08:54, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:30–12:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:41–12:32, अशुभ
  • राहु काल, 12:06–13:42, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में प्रदोष व्रत बुध 25 मई को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 25 मई को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी त्रयोदशी 20:24 17:00 18:00 19:00 22:00 बुध 25 मई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:31–20:45
द्वादशी त्रयोदशी 20:24 17:00 19:00 बुध 25 मई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 18:31–20:45
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 25 मई को 20:24 से गुरु 26 मई को 17:39 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार के प्रदोष काल (18:31–20:45) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: दिफ्फा में हर तारीख़

बुध 25 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 315.7° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। एकादशी उससे पहले 23:09 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:24 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 14 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 25 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:57।

सूर्यास्त 18:30 मंगल सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 24 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:30 मंगल सूर्योदय 05:42 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 24 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 24 मई की रात सूर्यास्त 18:30 मंगल से सूर्योदय 05:42 तक थी, 11 घं 12 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 25 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:41–12:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:41–12:32।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:42 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:41–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 25 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:42–07:18 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:42 से 18:31, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:31 से 05:41 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 25 मई को राहुकाल कब है? 12:06–13:42

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:42।

बुध 25 मई को यमगंड कब है? 07:18–08:54

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:18–08:54।

बुध 25 मई को गुलिक काल कब है? 10:30–12:06

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:30–12:06।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:42 से 18:31 तक है, 12 घं 49 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 25 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 49 मि का दिन।

बुध 25 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:41 चंद्रोदय 03:49 गुरु
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:41 चंद्रोदय 03:49 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 25 मई को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 355.7° पर था: रेवती, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 355.7° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 355.7° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:51 को निकलेगा, अश्विनी में।

बुध 25 मई को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 395.7° थे, एक चक्कर और 35.7°: आयुष्मान्।

सूर्य 40.0° + चंद्रमा 355.7° = 395.7° एक चक्कर + 35.7° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 40.0° + चंद्रमा 355.7° = 395.7° एक चक्कर + 35.7° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 40° + 355.7° = 395.7°, एक पूरा चक्कर और 35.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 12:26 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

बुध 25 मई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 315.7° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 315.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 09:47 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 20:24 तक।

बुध 25 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:41 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 29 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 28 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

बुध 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल बुध 25 मई अमावस्या 29 अप्रैल पूर्णिमा 14 मई अमावस्या 28 मई पूर्णिमा 13 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल बुध 25 मई अमावस्या 29 अप्रैल पूर्णिमा 14 मई अमावस्या 28 मई पूर्णिमा 13 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

बुध 25 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955

विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 18:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 25 मई सूर्य 40.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 18:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 25 मई सूर्य 40.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 18:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 54° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 25 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:49 गुरु

चंद्रमा यहाँ 03:49 गुरु पर उदय होता है।

बुध 25 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:41

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:41 चंद्रोदय 03:49 गुरु
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:41 चंद्रोदय 03:49 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:41 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:49 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:41 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:49 गुरु पर उदय होगा।