दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 24 अगस्त 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
24 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 24 अगस्त
- 04:25–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 09:04–10:38लाभ चौघड़िया
- 10:38–12:11अमृत चौघड़िया
- 11:47–12:11अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:45–15:18शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:25 के बाद
- 18:25–19:52शुभ चौघड़िया
- 19:52–21:18अमृत चौघड़िया
- 01:38–03:05 सोमलाभ चौघड़िया
-
02:38–04:13 सोमअमृत कालविशाखा में
- 04:31–05:58 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:25–05:11 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:31उद्वेगअशुभ
- 07:31–09:04चरसामान्य
- 09:04–10:38लाभशुभ
- 10:38–12:11अमृतशुभ
- 12:11–13:45कालअशुभ
- 13:45–15:18शुभ
- 15:18–16:52रोगअशुभ
- 16:52–18:25उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:25–19:52शुभ
- 19:52–21:18अमृतशुभ
- 21:18–22:45चरसामान्य
- 22:45–00:11 सोमरोगअशुभ
- 00:11–01:38 सोमकालअशुभ
- 01:38–03:05 सोमलाभशुभ
- 03:05–04:31 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:31–05:58 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 24 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:57–07:31
- चर, सामान्य, 07:31–09:04
- लाभ, शुभ, 09:04–10:38
- अमृत, शुभ, 10:38–12:11
- काल, अशुभ, 12:11–13:45
- शुभ, 13:45–15:18
- रोग, अशुभ, 15:18–16:52
- उद्वेग, अशुभ, 16:52–18:25
- शुभ, 18:25–19:52
- अमृत, शुभ, 19:52–21:18
- चर, सामान्य, 21:18–22:45
- रोग, अशुभ, 22:45–00:11 सोम
- काल, अशुभ, 00:11–01:38 सोम
- लाभ, शुभ, 01:38–03:05 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:05–04:31 सोम
- शुभ, 04:31–05:58 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:36, शुभ
- यमगण्ड, 12:11–13:45, अशुभ
- गुलिक काल, 15:18–16:52, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:46–17:36, अशुभ
- राहु काल, 16:52–18:25, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 24 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 70.3° आगे था: शुक्ल षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। पञ्चमी उससे पहले 09:41 शनि पर समाप्त हुई। षष्ठी 09:15 को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 18 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 24 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।
शनि 23 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:26 शनि से सूर्योदय 05:57 तक थी, 11 घं 31 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 24 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:36
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:36।
रवि 24 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:46–17:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:46–17:36।
यहाँ दिन, 05:57 से 18:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:46–17:36।
रवि 24 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:31 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 18:25, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:25 से 05:58 सोम, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 24 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:52–18:25
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:52–18:25।
रवि 24 अगस्त को यमगंड कब है? 12:11–13:45
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:11–13:45।
रवि 24 अगस्त को गुलिक काल कब है? 15:18–16:52
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:52।
यहाँ दिन 05:57 से 18:25 तक है, 12 घं 28 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 24 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 28 मि का दिन।
रवि 24 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:25, 12 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 24 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 196.9° पर था: स्वाती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:36 को निकलेगा, विशाखा में।
रवि 24 अगस्त को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 323.5° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 126.6° + 196.9° = 323.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 22:32 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
रवि 24 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 70.3° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:32 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 66° हुई; तैतिल 09:15 तक है।
रवि 24 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:58 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 24 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
18 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 अगस्त 05:32 सोम से 16 सितंबर 19:46 मंगल तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 17 सितंबर 10:19 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
रवि 24 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।
रवि 24 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 04:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 148.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 24 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:01
चंद्रमा यहाँ 11:01 पर उदय होता है।
रवि 24 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:51
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:51 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:01 पर उदय हुआ; वह फिर 22:51 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।