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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 25 मई 2031

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:12 05:42 18:31अगला सूर्योदय 05:42 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:42–07:18उद्वेगअशुभ
  • 07:18–08:54चरसामान्य
  • 08:54–10:30लाभशुभ
  • 10:30–12:06अमृतशुभ
  • 12:06–13:42कालअशुभ
  • 13:42–15:18शुभ
  • 15:18–16:54रोगअशुभ
  • 16:54–18:31उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:31–19:54शुभ
  • 19:54–21:18अमृतशुभ
  • 21:18–22:42चरसामान्य
  • 22:42–00:06 सोमरोगअशुभ
  • 00:06–01:30 सोमकालअशुभ
  • 01:30–02:54 सोमलाभशुभ
  • 02:54–04:18 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:18–05:42 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 25 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:42–07:18
  • चर, सामान्य, 07:18–08:54
  • लाभ, शुभ, 08:54–10:30
  • अमृत, शुभ, 10:30–12:06
  • काल, अशुभ, 12:06–13:42
  • शुभ, 13:42–15:18
  • रोग, अशुभ, 15:18–16:54
  • उद्वेग, अशुभ, 16:54–18:31
  • शुभ, 18:31–19:54
  • अमृत, शुभ, 19:54–21:18
  • चर, सामान्य, 21:18–22:42
  • रोग, अशुभ, 22:42–00:06 सोम
  • काल, अशुभ, 00:06–01:30 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:30–02:54 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 02:54–04:18 सोम
  • शुभ, 04:18–05:42 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:32, शुभ
  • यमगण्ड, 12:06–13:42, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:18–16:54, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:48–17:39, अशुभ
  • राहु काल, 16:54–18:31, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 25 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 42.7° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 42.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 42.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। तृतीया उससे पहले 14:51 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्थी 17:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 21 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 25 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:57।

सूर्यास्त 18:30 शनि सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 24 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:30 शनि सूर्योदय 05:42 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 24 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 24 मई की रात सूर्यास्त 18:30 शनि से सूर्योदय 05:42 तक थी, 11 घं 12 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 25 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:32।

रवि 25 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:48–17:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:48–17:39।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:42 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:48–17:39।

रवि 25 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:42–07:18 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:42 से 18:31, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:31 से 05:42 सोम, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 25 मई को राहुकाल कब है? 16:54–18:31

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:54–18:31।

रवि 25 मई को यमगंड कब है? 12:06–13:42

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:42।

रवि 25 मई को गुलिक काल कब है? 15:18–16:54

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:18–16:54।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:42 से 18:31 तक है, 12 घं 49 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 25 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 49 मि का दिन।

रवि 25 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 08:57
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 08:57
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 25 मई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 82.2° पर था: पुनर्वसु, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 82.2° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 82.2° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:12 सोम को निकलेगा, पुष्य में।

रवि 25 मई को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 121.7° थे: गण्ड।

सूर्य 39.5° + चंद्रमा 82.2° = 121.7° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 39.5° + चंद्रमा 82.2° = 121.7° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 39.5° + 82.2° = 121.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 03:25 सोम को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

रवि 25 मई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 42.7° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 42.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 42.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° विष्टि 42°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 04:06 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 17:22 तक है।

रवि 25 मई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:42 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 21 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 19 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

रवि 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल रवि 25 मई पूर्णिमा 7 मई अमावस्या 21 मई पूर्णिमा 5 जून अमावस्या 19 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल रवि 25 मई पूर्णिमा 7 मई अमावस्या 21 मई पूर्णिमा 5 जून अमावस्या 19 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

रवि 25 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953

विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 04:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 25 मई सूर्य 39.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 04:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 25 मई सूर्य 39.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 04:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 61.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 25 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:57

चंद्रमा यहाँ 08:57 पर उदय होता है।

रवि 25 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:55

सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 08:57
सूर्योदय 05:42 सूर्यास्त 18:31 सूर्योदय 05:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 08:57
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:57 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:55 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:57 पर उदय हुआ; वह फिर 21:55 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।