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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शुक्र 26 जुलाई 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण शुक्र 26 जुलाई, 12:07 से सूर्यास्त 18:38 तक
कामिका एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:23 05:53 18:38अगला सूर्योदय 05:53 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:53–07:29चरसामान्य
  • 07:29–09:04लाभगुलिक काल में
  • 09:04–10:40अमृतशुभ
  • 10:40–12:16कालअशुभ
  • 12:16–13:51शुभ
  • 13:51–15:27रोगअशुभ
  • 15:27–17:03उद्वेगअशुभ
  • 17:03–18:38चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:38–20:03रोगअशुभ
  • 20:03–21:27कालअशुभ
  • 21:27–22:51लाभशुभ
  • 22:51–00:16 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:16–01:40 शनिशुभ
  • 01:40–03:04 शनिअमृतशुभ
  • 03:04–04:29 शनिचरसामान्य
  • 04:29–05:53 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 26 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:08, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:53–07:29
  • लाभ, शुभ, 07:29–09:04
  • अमृत, शुभ, 09:04–10:40
  • काल, अशुभ, 10:40–12:16
  • शुभ, 12:16–13:51
  • रोग, अशुभ, 13:51–15:27
  • उद्वेग, अशुभ, 15:27–17:03
  • चर, सामान्य, 17:03–18:38
  • रोग, अशुभ, 18:38–20:03
  • काल, अशुभ, 20:03–21:27
  • लाभ, शुभ, 21:27–22:51
  • उद्वेग, अशुभ, 22:51–00:16 शनि
  • शुभ, 00:16–01:40 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:40–03:04 शनि
  • चर, सामान्य, 03:04–04:29 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:29–05:53 शनि
  • गुलिक काल, 07:29–09:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:26–09:17, अशुभ
  • राहु काल, 10:40–12:16, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:41, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:41–13:32, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:27–17:03, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:08 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 26 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 312.2° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 312.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 312.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:53। एकादशी उससे पहले 05:32 पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:52 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 15 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

द्वादशी यहाँ शुक्र 26 और शनि 27 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शुक्र 26 जुलाई सुबह शनि 27 जुलाई सुबह दिफ्फा UTC+1 05:32 07:52 05:53 द्वादशी 05:53 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शुक्र 26 जुलाई सुबह शनि 27 जुलाई सुबह दिफ्फा UTC+1 05:32 07:52 05:53 द्वादशी 05:53 द्वादशी द्वादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 05:32 को, सूर्योदय 05:53 से पहले, शुरू हुई और 07:52 शनि को, अगले सूर्योदय 05:53 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, दिफ्फा में द्वादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शुक्र 26 जुलाई सुबह शनि 27 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 10:02 05:32 12:22 07:52 05:39 एकादशी 05:39 द्वादशी 05:53 द्वादशी 05:53 द्वादशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शुक्र 26 जुलाई सुबह शनि 27 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 10:02 05:32 12:22 07:52 05:39 एकादशी 05:39 द्वादशी 05:53 द्वादशी 05:53 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:39, एकादशी की समाप्ति 10:02 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:53, एकादशी की समाप्ति 05:32 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

शुक्र 26 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:08

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:08।

सूर्यास्त 18:39 गुरु सूर्योदय 05:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 25 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:39 गुरु सूर्योदय 05:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 25 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 25 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:39 गुरु से सूर्योदय 05:53 तक थी, 11 घं 14 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 26 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:41

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:41।

शुक्र 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:26–09:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:26–09:17 और 12:41–13:32।

शुक्र 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:41–13:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:26–09:17 और 12:41–13:32।

सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:53 से 18:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:26–09:17 और 12:41–13:32।

शुक्र 26 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:53–07:29 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:53 से 18:38, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:38 से 05:53 शनि, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 26 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:40–12:16

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:40–12:16।

शुक्र 26 जुलाई को यमगंड कब है? 15:27–17:03

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–17:03।

शुक्र 26 जुलाई को गुलिक काल कब है? 07:29–09:04

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:29–09:04।

सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:53 से 18:38 तक है, 12 घं 45 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 26 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 45 मि का दिन।

शुक्र 26 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:38, 12 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:32 चंद्रोदय 03:10 शनि
सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:32 चंद्रोदय 03:10 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 51.1° पर था: रोहिणी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 51.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 51.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:18 को निकलेगा, मृगशिरा में।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा योग है? ध्रुव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 150.1° थे: ध्रुव।

सूर्य 99.0° + चंद्रमा 51.1° = 150.1° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 99.0° + चंद्रमा 51.1° = 150.1° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 99° + 51.1° = 150.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 00:19 शनि को समाप्त होता है, फिर व्याघात।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 312.2° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 312.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 312.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 18:44 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 07:52 शनि तक।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:53, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:53 से 05:53 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 30 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शुक्र 26 जुलाई अमावस्या 30 जून पूर्णिमा 15 जुल॰ अमावस्या 30 जुल॰ पूर्णिमा 13 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शुक्र 26 जुलाई अमावस्या 30 जून पूर्णिमा 15 जुल॰ अमावस्या 30 जुल॰ पूर्णिमा 13 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

शुक्र 26 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 2 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2030 23:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 26 जुलाई सूर्य 99.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2030 23:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 26 जुलाई सूर्य 99.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2030, 23:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 110.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 26 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:10 शनि

चंद्रमा यहाँ 03:10 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 26 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:32

सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:32 चंद्रोदय 03:10 शनि
सूर्योदय 05:53 सूर्यास्त 18:38 सूर्योदय 05:53 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:32 चंद्रोदय 03:10 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:10 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:10 शनि पर उदय होगा।