दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 11 जून 2030
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
त्योहार
गंगा दशहरा
गंगा दशहरा मंगल 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर दशमी है। मंगल 11 जून क्यों?
गंगा दशहरा: दिफ्फा में हर तारीख़11 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 जून
- 04:13–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:42 से
- 10:32–12:09लाभ चौघड़िया
- 11:43–12:09अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:09–13:46अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:22–16:59शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 19:59–21:22लाभ चौघड़िया
- 22:46–23:02शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:47–00:09 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
23:47–01:03 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · चित्रा में
- 00:09–01:32 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:13–04:58 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:42–07:19रोगअशुभ
- 07:19–08:55उद्वेगअशुभ
- 08:55–10:32चरसामान्य
- 10:32–12:09लाभशुभ
- 12:09–13:46अमृतगुलिक काल में
- 13:46–15:22कालअशुभ
- 15:22–16:59शुभराहु काल में
- 16:59–18:36रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–19:59कालअशुभ
- 19:59–21:22लाभशुभ
- 21:22–22:46उद्वेगअशुभ
- 22:46–00:09 बुधशुभ
- 00:09–01:32 बुधअमृतशुभ
- 01:32–02:55 बुधचरसामान्य
- 02:55–04:19 बुधरोगअशुभ
- 04:19–05:42 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:57, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:42–07:19
- उद्वेग, अशुभ, 07:19–08:55
- चर, सामान्य, 08:55–10:32
- लाभ, शुभ, 10:32–12:09
- अमृत, शुभ, 12:09–13:46
- काल, अशुभ, 13:46–15:22
- शुभ, 15:22–16:59
- रोग, अशुभ, 16:59–18:36
- काल, अशुभ, 18:36–19:59
- लाभ, शुभ, 19:59–21:22
- उद्वेग, अशुभ, 21:22–22:46
- शुभ, 22:46–00:09 बुध
- अमृत, शुभ, 00:09–01:32 बुध
- चर, सामान्य, 01:32–02:55 बुध
- रोग, अशुभ, 02:55–04:19 बुध
- काल, अशुभ, 04:19–05:42 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:17–09:08, अशुभ
- यमगण्ड, 08:55–10:32, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:43–12:35, शुभ
- गुलिक काल, 12:09–13:46, अशुभ
- राहु काल, 15:22–16:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:02–23:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:58 बुध
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में गंगा दशहरा मंगल 11 जून को क्यों है?
गंगा दशहरा मंगल 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर दशमी है।
गंगा दशहरा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। दशमी सोम 10 जून को 14:30 से मंगल 11 जून को 12:19 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 11 जून के सूर्योदय (05:42) पर है। गंगा दशहरा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 11 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 116.3° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:42। नवमी उससे पहले 14:30 सोम पर समाप्त हुई। दशमी 12:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 1 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 11 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:13–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:13–04:57।
सोम 10 जून की रात सूर्यास्त 18:36 सोम से सूर्योदय 05:42 तक थी, 11 घं 6 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 11 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:43–12:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:43–12:35।
मंगल 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–09:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:17–09:08, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:47।
मंगल 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:02–23:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:17–09:08, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:02–23:47।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:17–09:08 और 23:02–23:47।
मंगल 11 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:42–07:19 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:42 से 18:36, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 05:42 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 11 जून को राहुकाल कब है? 15:22–16:59
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:22–16:59।
मंगल 11 जून को यमगंड कब है? 08:55–10:32
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:55–10:32।
मंगल 11 जून को गुलिक काल कब है? 12:09–13:46
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:46।
यहाँ दिन 05:42 से 18:36 तक है, 12 घं 54 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 11 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:36, 12 घं 54 मि का दिन।
मंगल 11 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:36, 12 घं 54 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 11 जून को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 172.4° पर था: हस्त, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 170° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:19 को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 11 जून को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 228.5° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 56.1° + 172.4° = 228.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 23:49 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
मंगल 11 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 116.3° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 01:29 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 12:19 तक है।
मंगल 11 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:42, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:42 से 05:42 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 1 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
मंगल 11 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 2 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2030, 23:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 67.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 11 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:16
चंद्रमा यहाँ 14:16 पर उदय होता है।
मंगल 11 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:14 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:16 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:14 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:16 पर उदय हुआ; वह फिर 02:14 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।