दिफ्फा, नाइजर का पंचांग गुरु 7 जून 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
व्रत
अपरा एकादशी
अपरा एकादशी गुरु 7 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 7 जून क्यों?
अपरा एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़7 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 जून
- 04:13–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:41 से
- 05:41–07:18शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:42–12:34अभिजीत मुहूर्त
- 12:08–13:45लाभ चौघड़िया
- 13:45–15:21अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:58–18:35शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:35 के बाद
- 18:35–19:58अमृत चौघड़िया
- 00:08–01:31 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:55–04:18 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:18–05:42 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:13–04:57 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:41–07:18शुभयमगण्ड में
- 07:18–08:55रोगअशुभ
- 08:55–10:31उद्वेगअशुभ
- 10:31–12:08चरसामान्य
- 12:08–13:45लाभशुभ
- 13:45–15:21अमृतराहु काल में
- 15:21–16:58कालअशुभ
- 16:58–18:35शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:35–19:58अमृतशुभ
- 19:58–21:21चरसामान्य
- 21:21–22:45रोगअशुभ
- 22:45–00:08 शुक्रकालअशुभ
- 00:08–01:31 शुक्रलाभशुभ
- 01:31–02:55 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:55–04:18 शुक्रशुभ
- 04:18–05:42 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:57, शुभ
- शुभ, 05:41–07:18
- रोग, अशुभ, 07:18–08:55
- उद्वेग, अशुभ, 08:55–10:31
- चर, सामान्य, 10:31–12:08
- लाभ, शुभ, 12:08–13:45
- अमृत, शुभ, 13:45–15:21
- काल, अशुभ, 15:21–16:58
- शुभ, 16:58–18:35
- अमृत, शुभ, 18:35–19:58
- चर, सामान्य, 19:58–21:21
- रोग, अशुभ, 21:21–22:45
- काल, अशुभ, 22:45–00:08 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:08–01:31 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:31–02:55 शुक्र
- शुभ, 02:55–04:18 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:18–05:42 शुक्र
- यमगण्ड, 05:41–07:18, अशुभ
- गुलिक काल, 08:55–10:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:59–10:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:42–12:34, शुभ
- राहु काल, 13:45–15:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:08–16:00, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:57 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में अपरा एकादशी गुरु 7 जून को क्यों है?
अपरा एकादशी गुरु 7 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 7 जून को सूर्योदय पर है, 05:41: गुरु 7 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:51 बुध पर, उससे (04:05–05:41) पहले, समाप्त हुई।
गुरु 7 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 304.5° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:41। दशमी उससे पहले 19:51 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 22:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 27 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 7 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:13–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:13–04:57।
बुध 6 जून की रात सूर्यास्त 18:34 बुध से सूर्योदय 05:41 तक थी, 11 घं 7 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 7 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:42–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:42–12:34।
गुरु 7 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 09:59–10:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:59–10:51 और 15:08–16:00।
गुरु 7 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:08–16:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:59–10:51 और 15:08–16:00।
यहाँ दिन, 05:41 से 18:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:59–10:51 और 15:08–16:00।
गुरु 7 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:41–07:18 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:41 से 18:35, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:35 से 05:42 शुक्र, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 7 जून को राहुकाल कब है? 13:45–15:21
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:45–15:21।
गुरु 7 जून को यमगंड कब है? 05:41–07:18
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:41–07:18।
गुरु 7 जून को गुलिक काल कब है? 08:55–10:31
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:55–10:31।
यहाँ दिन 05:41 से 18:35 तक है, 12 घं 54 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 7 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:35, 12 घं 54 मि का दिन।
गुरु 7 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:35, 12 घं 54 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 7 जून को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 356.9° पर था: रेवती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:53 को निकलेगा, अश्विनी में।
गुरु 7 जून को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 409.4° थे, एक चक्कर और 49.4°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 52.5° + 356.9° = 409.4°, एक पूरा चक्कर और 49.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 13:03 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
गुरु 7 जून को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 304.5° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:03 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 22:13 तक।
गुरु 7 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:41, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:41 से 05:42 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 7 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 13 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 12 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
गुरु 7 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
गुरु 7 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 05:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 81.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 7 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:38 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 02:38 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 7 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:46
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:38 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:38 शुक्र पर उदय होगा।