दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 27 मई 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
त्योहार
बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा रवि 27 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 27 मई क्यों?
बुद्ध पूर्णिमा: दिफ्फा में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 27 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 27 मई क्यों?
पूर्णिमा: दिफ्फा में हर तारीख़27 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 27 मई
- 04:12–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:41 से
- 08:54–10:30लाभ चौघड़िया
- 10:30–12:06अमृत चौघड़िया
- 11:41–12:06अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:43–15:19शुभ चौघड़िया
- 17:03–18:30अमृत कालअनुराधा मेंराहु काल में
- सूर्यास्त 18:31 के बाद
- 18:31–19:55शुभ चौघड़िया
- 19:55–21:19अमृत चौघड़िया
- 01:30–02:54 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:18–05:41 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:12–04:57 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:41–07:18उद्वेगअशुभ
- 07:18–08:54चरसामान्य
- 08:54–10:30लाभशुभ
- 10:30–12:06अमृतशुभ
- 12:06–13:43कालअशुभ
- 13:43–15:19शुभ
- 15:19–16:55रोगअशुभ
- 16:55–18:31उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:31–19:55शुभ
- 19:55–21:19अमृतशुभ
- 21:19–22:43चरसामान्य
- 22:43–00:06 सोमरोगअशुभ
- 00:06–01:30 सोमकालअशुभ
- 01:30–02:54 सोमलाभशुभ
- 02:54–04:18 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:18–05:41 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 27 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:41–07:18
- चर, सामान्य, 07:18–08:54
- लाभ, शुभ, 08:54–10:30
- अमृत, शुभ, 10:30–12:06
- काल, अशुभ, 12:06–13:43
- शुभ, 13:43–15:19
- रोग, अशुभ, 15:19–16:55
- उद्वेग, अशुभ, 16:55–18:31
- शुभ, 18:31–19:55
- अमृत, शुभ, 19:55–21:19
- चर, सामान्य, 21:19–22:43
- रोग, अशुभ, 22:43–00:06 सोम
- काल, अशुभ, 00:06–01:30 सोम
- लाभ, शुभ, 01:30–02:54 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:54–04:18 सोम
- शुभ, 04:18–05:41 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:32, शुभ
- यमगण्ड, 12:06–13:43, अशुभ
- गुलिक काल, 15:19–16:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:49–17:40, अशुभ
- राहु काल, 16:55–18:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:12–04:57 सोम
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में बुद्ध पूर्णिमा रवि 27 मई को क्यों है?
बुद्ध पूर्णिमा रवि 27 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
बुद्ध पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 26 मई को 22:45 से रवि 27 मई को 19:37 तक है, इसलिए वह केवल रवि 27 मई के सूर्योदय (05:41) पर है। बुद्ध पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
दिफ्फा में पूर्णिमा रवि 27 मई को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 27 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 26 मई को 22:45 से रवि 27 मई को 19:37 तक है, इसलिए वह केवल रवि 27 मई के सूर्योदय (05:41) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 27 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 172° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:41। चतुर्दशी उससे पहले 22:45 शनि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 19:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 13 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 27 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:12–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:12–04:57।
शनि 26 मई की रात सूर्यास्त 18:31 शनि से सूर्योदय 05:41 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 27 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:32।
रवि 27 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:49–17:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:49–17:40।
यहाँ दिन, 05:41 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:49–17:40।
रवि 27 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:41–07:18 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:41 से 18:31, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:31 से 05:41 सोम, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 27 मई को राहुकाल कब है? 16:55–18:31
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:55–18:31।
रवि 27 मई को यमगंड कब है? 12:06–13:43
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:43।
रवि 27 मई को गुलिक काल कब है? 15:19–16:55
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:19–16:55।
यहाँ दिन 05:41 से 18:31 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 27 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 50 मि का दिन।
रवि 27 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 50 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 27 मई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 213.9° पर था: अनुराधा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 213°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:29 सोम को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
रवि 27 मई को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 255.8° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 41.9° + 213.9° = 255.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 22:14 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
रवि 27 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 172° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 09:09 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 19:37 तक।
रवि 27 मई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:41, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:41 से 05:41 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 27 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 13 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 12 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
रवि 27 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
रवि 27 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 05:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 71.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 27 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:26
चंद्रमा यहाँ 18:26 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:26 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।