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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 1 अगस्त 2028

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 04:54 बुध तक

फिर त्रयोदशी · 05:55 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत का पारण

श्रावण पुत्रदा एकादशी

पारण मंगल 1 अगस्त, 10:29 से सूर्यास्त 18:36 तक
श्रावण पुत्रदा एकादशी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 05:54 18:36अगला सूर्योदय 05:55 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:30रोगअशुभ
  • 07:30–09:05उद्वेगअशुभ
  • 09:05–10:40चरसामान्य
  • 10:40–12:15लाभशुभ
  • 12:15–13:51अमृतगुलिक काल में
  • 13:51–15:26कालअशुभ
  • 15:26–17:01शुभराहु काल में
  • 17:01–18:36रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:36–20:01कालअशुभ
  • 20:01–21:26लाभशुभ
  • 21:26–22:51उद्वेगअशुभ
  • 22:51–00:15 बुधशुभ
  • 00:15–01:40 बुधअमृतशुभ
  • 01:40–03:05 बुधचरसामान्य
  • 03:05–04:30 बुधरोगअशुभ
  • 04:30–05:55 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:09, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:54–07:30
  • उद्वेग, अशुभ, 07:30–09:05
  • चर, सामान्य, 09:05–10:40
  • लाभ, शुभ, 10:40–12:15
  • अमृत, शुभ, 12:15–13:51
  • काल, अशुभ, 13:51–15:26
  • शुभ, 15:26–17:01
  • रोग, अशुभ, 17:01–18:36
  • काल, अशुभ, 18:36–20:01
  • लाभ, शुभ, 20:01–21:26
  • उद्वेग, अशुभ, 21:26–22:51
  • शुभ, 22:51–00:15 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:15–01:40 बुध
  • चर, सामान्य, 01:40–03:05 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:05–04:30 बुध
  • काल, अशुभ, 04:30–05:55 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:27–09:18, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:05–10:40, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:50–12:41, शुभ
  • गुलिक काल, 12:15–13:51, अशुभ
  • राहु काल, 15:26–17:01, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:08–23:53, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:09 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 132.8° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 132.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 132.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। एकादशी उससे पहले 04:21 पर समाप्त हुई। द्वादशी 04:54 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 22 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?

नई दिल्ली में एकादशी है, दिफ्फा में द्वादशी।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 1 अगस्त सुबह बुध 2 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 08:51 04:21 09:24 04:54 05:42 एकादशी 05:43 द्वादशी 05:54 द्वादशी 05:55 त्रयोदशी
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी मंगल 1 अगस्त सुबह बुध 2 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 08:51 04:21 09:24 04:54 05:42 एकादशी 05:43 द्वादशी 05:54 द्वादशी 05:55 त्रयोदशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:42, एकादशी की समाप्ति 08:51 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:54, एकादशी की समाप्ति 04:21 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।

मंगल 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:09

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:09।

सूर्यास्त 18:37 सोम सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 31 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:37 सोम सूर्योदय 05:54 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 31 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:37 सोम से सूर्योदय 05:54 तक थी, 11 घं 17 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 1 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:50–12:41

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:50–12:41।

मंगल 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:18

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:18, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:08–23:53।

मंगल 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:08–23:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:18, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:08–23:53।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:54 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:18 और 23:08–23:53।

मंगल 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:30 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 18:36, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:36 से 05:55 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:26–17:01

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:26–17:01।

मंगल 1 अगस्त को यमगंड कब है? 09:05–10:40

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:05–10:40।

मंगल 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:15–13:51

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:15–13:51।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:54 से 18:36 तक है, 12 घं 42 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:36, 12 घं 42 मि का दिन।

मंगल 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:36, 12 घं 42 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:14 बुध चंद्रोदय 15:41
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:14 बुध चंद्रोदय 15:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 238° पर था: ज्येष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 238.0° अगला: मूल पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° ज्येष्ठा चंद्रमा 238.0° अगला: मूल पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 236°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:42 को निकलेगा, मूल में।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 343.2° थे: इन्द्र।

सूर्य 105.2° + चंद्रमा 238.0° = 343.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 105.2° + चंद्रमा 238.0° = 343.2° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 105.2° + 238° = 343.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 11:58 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 132.8° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 132.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बव 132°–138° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 132.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बव 132°–138° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:34 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 04:54 बुध तक।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:55 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 22 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 1 अगस्त पूर्णिमा 6 जुल॰ अमावस्या 22 जुल॰ पूर्णिमा 5 अग॰ अमावस्या 20 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 1 अगस्त पूर्णिमा 6 जुल॰ अमावस्या 22 जुल॰ पूर्णिमा 5 अग॰ अमावस्या 20 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

मंगल 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950

विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 05:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 अगस्त सूर्य 105.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 05:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 अगस्त सूर्य 105.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 05:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 123.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:41

चंद्रमा यहाँ 15:41 पर उदय होता है।

मंगल 1 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:14 बुध

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:14 बुध चंद्रोदय 15:41
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 05:55 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:14 बुध चंद्रोदय 15:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:14 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:41 पर उदय हुआ; वह फिर 03:14 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।