दिफ्फा, नाइजर का पंचांग शनि 25 दिसंबर 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 25 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 25 दिसंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: दिफ्फा में हर तारीख़25 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 25 दिसंबर
- 04:47–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:29 से
- 07:59–09:19शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:44–12:09अमृत कालराहु काल छोड़कर · अनुराधा में
- 11:46–12:32अभिजीत मुहूर्त
- 13:34–14:59लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:59–16:24अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:49 के बाद
- 17:49–19:24लाभ चौघड़िया
- 20:59–22:34शुभ चौघड़िया
- 22:34–00:09 रविअमृत चौघड़िया
- 04:54–06:29 रविलाभ चौघड़िया
- 04:48–05:38 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:29–07:54कालअशुभ
- 07:54–09:19शुभ
- 09:19–10:44रोगअशुभ
- 10:44–12:09उद्वेगअशुभ
- 12:09–13:34चरसामान्य
- 13:34–14:59लाभयमगण्ड में
- 14:59–16:24अमृतशुभ
- 16:24–17:49कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:49–19:24लाभशुभ
- 19:24–20:59उद्वेगअशुभ
- 20:59–22:34शुभ
- 22:34–00:09 रविअमृतशुभ
- 00:09–01:44 रविचरसामान्य
- 01:44–03:19 रविरोगअशुभ
- 03:19–04:54 रविकालअशुभ
- 04:54–06:29 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 25 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:38, शुभ
- काल, अशुभ, 06:29–07:54
- शुभ, 07:54–09:19
- रोग, अशुभ, 09:19–10:44
- उद्वेग, अशुभ, 10:44–12:09
- चर, सामान्य, 12:09–13:34
- लाभ, शुभ, 13:34–14:59
- अमृत, शुभ, 14:59–16:24
- काल, अशुभ, 16:24–17:49
- लाभ, शुभ, 17:49–19:24
- उद्वेग, अशुभ, 19:24–20:59
- शुभ, 20:59–22:34
- अमृत, शुभ, 22:34–00:09 रवि
- चर, सामान्य, 00:09–01:44 रवि
- रोग, अशुभ, 01:44–03:19 रवि
- काल, अशुभ, 03:19–04:54 रवि
- लाभ, शुभ, 04:54–06:29 रवि
- गुलिक काल, 06:29–07:54, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:29–07:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:14–07:59, अशुभ
- राहु काल, 09:19–10:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:46–12:32, शुभ
- यमगण्ड, 13:34–14:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:38 रवि
हर मान कैसे निकलता है
दिफ्फा में मासिक शिवरात्रि शनि 25 दिसंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 25 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 25 दिसंबर को 19:02 से रवि 26 दिसंबर को 19:53 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (23:44–00:35 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 25 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 329.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। द्वादशी उससे पहले 18:38 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 19:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 13 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 25 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:47–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:47–05:38।
शुक्र 24 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:49 शुक्र से सूर्योदय 06:29 तक थी, 12 घं 40 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 25 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:46–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:46–12:32।
शनि 25 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:29–07:14
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:29–07:14 और 07:14–07:59।
शनि 25 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:14–07:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:29–07:14 और 07:14–07:59।
यहाँ दिन, 06:29 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:29–07:14 और 07:14–07:59।
शनि 25 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:29–07:54 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:29 से 17:49, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:49 से 06:29 रवि, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 25 दिसंबर को राहुकाल कब है? 09:19–10:44
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–10:44।
शनि 25 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:34–14:59
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:34–14:59।
शनि 25 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 06:29–07:54
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:29–07:54।
यहाँ दिन 06:29 से 17:49 तक है, 11 घं 20 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 25 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 20 मि का दिन।
शनि 25 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 17:49, 11 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 218.8° पर था: अनुराधा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:19 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 467.7° थे, एक चक्कर और 107.7°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 248.9° + 218.8° = 467.7°, एक पूरा चक्कर और 107.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 03:57 रवि को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 329.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 06:47 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 19:02 तक।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:29 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 28 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 27 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
शनि 25 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 00:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 256.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 25 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:12 रवि
चंद्रमा यहाँ 05:12 रवि पर उदय होता है।
शनि 25 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:49
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:12 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:12 रवि पर उदय होगा।