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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग रवि 19 सितंबर 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

चतुर्थी

कृष्ण पक्ष · 02:39 सोम तक

फिर पञ्चमी · 02:13 मंगल तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:25

संकष्टी चतुर्थी रवि 19 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। रवि 19 सितंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: दिफ्फा में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 05:58 18:08अगला सूर्योदय 05:58 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:58–07:29उद्वेगअशुभ
  • 07:29–09:01चरसामान्य
  • 09:01–10:32लाभशुभ
  • 10:32–12:03अमृतशुभ
  • 12:03–13:34कालअशुभ
  • 13:34–15:05शुभ
  • 15:05–16:36रोगअशुभ
  • 16:36–18:08उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:08–19:36शुभ
  • 19:36–21:05अमृतशुभ
  • 21:05–22:34चरसामान्य
  • 22:34–00:03 सोमरोगअशुभ
  • 00:03–01:32 सोमकालअशुभ
  • 01:32–03:01 सोमलाभशुभ
  • 03:01–04:29 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:29–05:58 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 19 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:11, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:58–07:29
  • चर, सामान्य, 07:29–09:01
  • लाभ, शुभ, 09:01–10:32
  • अमृत, शुभ, 10:32–12:03
  • काल, अशुभ, 12:03–13:34
  • शुभ, 13:34–15:05
  • रोग, अशुभ, 15:05–16:36
  • उद्वेग, अशुभ, 16:36–18:08
  • शुभ, 18:08–19:36
  • अमृत, शुभ, 19:36–21:05
  • चर, सामान्य, 21:05–22:34
  • रोग, अशुभ, 22:34–00:03 सोम
  • काल, अशुभ, 00:03–01:32 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:32–03:01 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:01–04:29 सोम
  • शुभ, 04:29–05:58 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:39–12:27, शुभ
  • यमगण्ड, 12:03–13:34, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:05–16:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:30–17:19, अशुभ
  • राहु काल, 16:36–18:08, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:11 सोम

हर मान कैसे निकलता है

दिफ्फा में संकष्टी चतुर्थी रवि 19 सितंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी रवि 19 सितंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 शनि 18 सितंबर चंद्रोदय 19:42
तृतीया 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 शनि 18 सितंबर चंद्रोदय 19:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी रवि 19 सितंबर को 02:39 से सोम 20 सितंबर को 02:39 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल रवि 19 सितंबर को है, 20:25 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: दिफ्फा में हर तारीख़

रवि 19 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 217.6° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 217.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 217.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:58। तृतीया उससे पहले 02:39 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 02:39 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 16 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, दिफ्फा में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी रवि 19 सितंबर सुबह सोम 20 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 07:09 02:39 07:09 02:39 06:07 तृतीया 06:08 चतुर्थी 05:58 चतुर्थी 05:58 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी रवि 19 सितंबर सुबह सोम 20 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST दिफ्फा UTC+1 07:09 02:39 07:09 02:39 06:07 तृतीया 06:08 चतुर्थी 05:58 चतुर्थी 05:58 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:07, तृतीया की समाप्ति 07:09 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

दिफ्फा · UTC+1

यहाँ सूर्योदय, 05:58, तृतीया की समाप्ति 02:39 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

रवि 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:11।

सूर्यास्त 18:08 शनि सूर्योदय 05:58 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 18 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:08 शनि सूर्योदय 05:58 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 18 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 18 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:08 शनि से सूर्योदय 05:58 तक थी, 11 घं 50 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 19 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:39–12:27

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:39–12:27।

रवि 19 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:30–17:19

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:30–17:19।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:58 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:30–17:19।

रवि 19 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:58–07:29 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:58 से 18:08, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:08 से 05:58 सोम, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 19 सितंबर को राहुकाल कब है? 16:36–18:08

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:36–18:08।

रवि 19 सितंबर को यमगंड कब है? 12:03–13:34

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:03–13:34।

रवि 19 सितंबर को गुलिक काल कब है? 15:05–16:36

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:05–16:36।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:58 से 18:08 तक है, 12 घं 10 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 19 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 10 मि का दिन।

रवि 19 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 20:25
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 20:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 19 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 9.4° पर था: अश्विनी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 9.4° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 9.4° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 6°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:11 को निकलेगा, भरणी में।

रवि 19 सितंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 161.2° थे: व्याघात।

सूर्य 151.8° + चंद्रमा 9.4° = 161.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 151.8° + चंद्रमा 9.4° = 161.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 151.8° + 9.4° = 161.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 02:44 सोम को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

रवि 19 सितंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 217.6° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 217.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 217.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्थी 216°–228° बव 216°–222° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 14:42 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 02:39 सोम तक।

रवि 19 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:58, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:58 से 05:58 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 31 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 30 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

रवि 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल रवि 19 सितंबर अमावस्या 31 अग॰ पूर्णिमा 16 सित॰ अमावस्या 30 सित॰ पूर्णिमा 15 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल रवि 19 सितंबर अमावस्या 31 अग॰ पूर्णिमा 16 सित॰ अमावस्या 30 सित॰ पूर्णिमा 15 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

रवि 19 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949

विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 00:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 19 सितंबर सूर्य 151.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2027 00:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 19 सितंबर सूर्य 151.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 00:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 159.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 19 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:25

चंद्रमा यहाँ 20:25 पर उदय होता है।

रवि 19 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:39

सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 20:25
सूर्योदय 05:58 सूर्यास्त 18:08 सूर्योदय 05:58 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:39 चंद्रोदय 20:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:39 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:25 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:39 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:25 पर उदय होगा।